World Polio Day 2026: हर साल 24 अक्टूबर के दिन विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद पोलियोमाइलाइटिस यानी पोलियो को लेकर लोगों को जागरूक करना है. पोलियो एक एक ऐसी बीमारी है जो ना सिर्फ शरीर के किसी अंग को पैरेलाइज कर सकती है बल्कि यह जानलेवा भी साबित होती है. पोलियो का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है और मरीज की रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है जिससे उसे लकवा मार सकता है और शरीर के कुछ अंग काम करना बंद कर देते हैं. पोलियो का टीका बचपन में बच्चे को लगाया जाता है जिससे उसे आगे चलकर पोलियो बीमारी ना हो जाए. ऐसे में UNICEF ने बताया है कि पोलियो से जुड़ी कौन सी जानकारी माता-पिता को जरूर होनी चाहिए और उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे बच्चा पोलियो से बचा रहे.
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पोलियो के क्या लक्षण होते हैं
पोलियो वायरस के संक्रमण में आए ज्यादातर लोगों में इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं. संक्रमित 4 में से एक व्यक्ति में हल्के फ्लू जैसे लक्षण दिख सकते हैं, जैसे – गले में दर्द, बुखार, जी मिचलाना, थकान होना, सिर में दर्द होना और पेट दर्द.
ये लक्षण 2 से 5 दिनों तक रहते हैं और उसके बाद खुद ही ठीक हो जाते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में पोलियो गंभीर हो जाता है और इसके लक्षण इतने खतरनाक होते हैं कि दिमाग और रीढ़ की हड्डी तक फैल जाते हैं.
पैरेस्थीसिया – इसमें पैरों में झनझनाहट महसूस होती है
मेनिन्जाइटिस – मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास की झिल्लियों का संक्रमण
लकवा – हाथ, पैरों या दोनों में ही लकवा मार जाना या मांसपेशियों का कमजोर हो जाना.
पोलियों संक्रमण का सबसे गंभीर प्रभाव लरवा मारना है जिससे व्यक्ति फिजिकली डिसेबल्ड हो जाता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है. पोलियो से अगर बच्चे पूरी तरह ठीक भी हो जाते हैं तब भी उनमें बड़े होने के बाद मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी या लकवे की दिक्कत हो सकती है. इसे पोस्ट पोलियो सिंड्रोम कहते हैं.
बच्चे को पोलियो से कैसे बचा सकते हैं
बच्चो को पोलियो से बचाने का एकमात्र तरीका है उसे पोलिया का टीका लगवाना. पोलियो की दो तरह की दवाएं होती हैं जो बच्चे को दी जाती हैं, एक आईपीवी जिसे निष्क्रिय पोलियोवायरस वैक्सीन कहते हैं और दूसरी ओपीवी जिसे ओरल पोलियोवायरस वैक्सीन कहते हैं.
बच्चे की उम्र के आधार पर आईपीवी को हाछथ या पैर में इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है. ओपीवी ओरल वैक्सीन है जो बच्चे को मुंह में दी जाती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source - UNICEF
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