शरीर में खुजली होना किडनी की बीमारी का भी हो सकता है संकेत, एकसाथ दिखें ये 10 लक्षण तो हो जाएं सावधान

Kidney Ki Bimari Ke Lakshan: नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके ने बताया है कि किडनी की बीमारी होने पर शरीर पर किस तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं. इन लक्षणों को इग्नोर करने के बजाय जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है जिससे बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके.

Chronic Kidney Disease Symptoms

किडनी की बीमारी के 10 संकेत क्या हैं? Image Credits - AI

Chronic Kidney Disease Symptoms: लंबे समय से चली आ रही किडनी की बीमारी को क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) कहते हैं. ज्यादातर बढ़ती उम्र में किडनी की यह बीमारी होती है. अगर इसे समय रहते ना पहचाना जाए और इलाज शुरू ना किया जाए तो यह बीमारी गंभीर होती चली जाती है और किडनी काम करना ही बंद कर देती है जिसे किडनी फेलियर (Kidney Failure) भी कहते हैं. ऐसे में किडनी की बीमारी के लक्षण अगर नजर आते हैं तो उनकी पहचान करना जरूरी होता है. नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS), यूके ने कुछ ऐसे लक्षणों का जिक्र किया है जो शरीर पर दिखते हैं तो व्यक्ति को सतर्क हो जाना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. यहां जानिए किडनी की बीमारी में शरीर में कौन-कौन सी दिक्कतें होती हैं.

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किडनी की बीमारी के लक्षण

क्रोनिक किडनी डिजीज की शुरुआत में कम ही लक्षण दिखते हैं और इन लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है, लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती चली जाती है वैसे-वैसे लक्षण गंभीर होने लगते हैं. ऐसे में क्रोनिक किडनी डिजीज में अगर इनमें से कम या ज्यादा जितने भी लक्षण (Kidney Ki Bimari Ke Lakshan) नजर आएं व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ये लक्षण कुछ ऐसे हो सकते हैं –

  1. हर समय थकान होना
  2. पैरों का या हाथों का सूजन जाना
  3. सांस फूलना
  4. पेशाब में खून नजर आना
  5. शरीर में खुजली होना
  6. बिना कोशिश के वजन कम होना और भूख ना लगना
  7. एकदम से पेशाब लगना, खासकर रात के समय बार-बार पेशाब आना
  8. मसल्स में अकड़न महसूस होना
  9. पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दिक्कत होना
  10. सोने में दिक्कत होना.

क्रोनिक किडनी डिजीज की लास्ट स्टेज तक ये लक्षण दिख सकते हैं. इस स्टेज को किडनी फेलियर, एंड स्टेज रीनल डिजीज या एस्टेबलिश्ड रीनल फेलियर कहते हैं. इसमें किडनी डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है.

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क्रोनिक किडनी डिजीज होने का क्या कारण है

किसी एक दिक्कत के बजाय कई दिक्कतों या बीमारियों के कोंबिनेशन से भी क्रोनिक किडनी डिजीज हो सकती है –

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पेशाब में रुकावट आना – किडनी में पथरी होने से या फिर पुरुषों में प्रोस्टेट के बढ़ जाने पर पेशाब में रुकावट आ सकती है जिससे किडनी की बीमारी की संभावना बढ़ती है.

हाई ब्लड प्रेशर – हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर से किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दवाब पड़ता है जिससे किडनी सही तरह से काम नहीं कर पाती है.

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डायबिटीज – खून में जरूरत से ज्यादा ग्लूकोज होने पर यह किडनी के छोटे फिल्टर्स को डैमेज करने लगते हैं.

हाई कॉलेस्ट्रोल – शरीर में गंदे कॉलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होने पर किडनी तक जाने वाली रक्त वाहिनियों में फैटी पदार्थ जमने लगते हैं. इससे किडनी के लिए अपना काम सही तरह से करना मुश्किल हो जाता है.

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किडनी की दिक्कतें – किडनी के इंफेक्शंस, किडनी की सूजन और किडनी में सिस्ट जमने से भी किडनी की बीमारी हो सकती है.

लंबे समय तक दवा लेना – लंबे समय तक कुछ दवाएं लेने पर भी किडनी को नुकसान हो सकता है.

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क्रोनिक किडनी डिजीज का इलाज कैसे होता है

क्रोनिक किडनी डिजीज कितनी बढ़ गई है और किस स्टेज पर है इसके आधार पर इलाज तय होता है. डायलिसिस और ट्रांसप्लांट से पहले मरीज के लाइफस्टाइल को ठीक करके, दवा देकर, अन्य बीमारियों को मैनेज करके और किडनी को बेहतर तरह से काम करने में मदद करने वाली दवा देकर इस बीमारी का इलाज किया जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - NHS

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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