Toddler Nutrition: 1 से 3 साल की उम्र में बच्चे को क्यों चाहिए सही पोषण? AIIMS के डॉक्टर से जानें

बच्चे की यह उम्र ग्रोथ के लिए एकदम परफेक्ट होती है. इसलिए हर पेरेंट्स को उनके खान-पान पर काफी ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि उनका दिमाग और हेल्थ को किसी भी तरह का नुकसान न हो पाए. आइए एम्स की डॉक्टर मोनिता गहलोत से विस्तार से जानते हैं. 

why good nutrition is important

 1 से 3 साल की उम्र में न्यूट्रिशन क्यों जरूरी है? Image Credit- gemini

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बच्चे का शुरुआती दौर उसकी ग्रोथ और डेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. खासकर 1 से 3 साल की उम्र में बच्चा तेजी से बढ़ता है और इस दौरान उनके खाने की आदतें भी बदलने लगती हैं. इसलिए इस उम्र में बच्चे को सिर्फ पेट भरने वाला खाना नहीं, बल्कि अलग-अलग पोषक तत्वों से भरपूर और बैलेंस डाइट देना भी जरूरी है. WHO के मुताबिक, शुरुआती सालों में सही पोषण बच्चे की मेंटल हेल्थ के साथ हेल्दी आदतें पैदा भी करती हैं. वहीं, एम्स की डॉक्टर मोनिता गहलोत का कहना है कि बच्चों के विकास के लिए यह उम्र बहुत ही मायने रखती है, जिसे अच्छे खानपान से सुधारा जा सकता है.

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1 से 3 साल की उम्र में न्यूट्रिशन क्यों जरूरी है?

इस उम्र में बच्चे की लंबाई, वजन, मांसपेशियों और शरीर के दूसरे हिस्सों का डेवलपमेंट जारी रहता है. शरीर को इसके लिए प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है. डाइट में पोषक तत्वों की कमी होने पर बच्चे की ग्रोथ इफेक्ट हो सकती है और कुछ पोषक तत्वों की कमी का खतरा बढ़ सकता है. 

बच्चे की जरूरत को समझकर खाना खिलाना है जरूरी 

डॉक्टर का कहना है कि बच्चे को जरूरत के हिसाब से खिलाएं. यह बच्चे के डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी है. इसलिए उन्हें खाना खिलाते वक्त इन दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है. 

  • जब बच्चे को भूख लगे, तभी खाना देना- बच्चे की भूख के संकेतों को पहचानें और फिर खाना खिलाएं. पहचान करने के लिए आप मुंह खोलना, आगे झुकना, खाने में रुचि दिखाए तो तभी खाना खिलाएं. 
  • जब बच्चे का पेट भर जाए, तब खाना बंद करना- बच्चे के न खाने और पेट भरने के संकेतों को पहचानें जैसे- मुंह बंद करना, सिर घुमाना, रुचि कम होना और बच्चों की एनर्जी पर ध्यान लगाना जरूरी है. कितना खाना है, यह बच्चा खुद तय करता है. 

सिर्फ दूध पर निर्भर रहना सही नहीं

लगभग 6 महीने की उम्र से बच्चों को दूध के साथ कुछ न कुछ देना शुरू किया जाता है, क्योंकि इस उम्र के बाद अकेले दूध से बच्चे की बढ़ती पोषण जरूरतें पूरी नहीं होती हैं. 1 साल के बाद ज्यादातर बच्चे परिवार के खाने का हिस्सा बन सकते हैं, हालांकि, खाना उनकी उम्र और उनकी पसंद के आधार पर होना चाहिए.

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बच्चे की प्लेट में क्या शामिल करें?

बच्चे की डाइट में अलग-अलग खाने को शामिल करना जरूरी है जैसे- दाल, बीन्स और दूसरी प्रोटीन वाली चीजें, अंडा, मौसमी फल और सब्जियां, अनाज और साबुत अनाज आदि. इन्हें हेल्दी तरीके से बनाकर खिलाएं.  

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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