यह भी पढ़ें:
- कैंसर एक गंभीर बीमारी है जिसके 100 से अधिक प्रकार होते हैं और यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है.
- WHO के अनुसार, 2024 में लगभग 1 करोड़ लोगों की कैंसर से मौत हुई, जिसमें फेफड़ों का कैंसर मौतों का प्रमुख कारण रहा.
- बच्चों और किशोरों में भी कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, हर साल 0 से 19 साल के लगभग 4 लाख बच्चे और किशोर इससे प्रभावित होते हैं.
- कम उम्र में कैंसर के बढ़ते खतरे के पीछे आनुवंशिक कारणों के साथ-साथ बाहरी कारक जैसे यूवी किरणें, तंबाकू, शराब, दूषित भोजन और कुछ वायरस भी जिम्मेदार हैं.
कैंसर एक बड़ी और गंभीर बीमारी है, जिससे हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है. पहले ये समस्या सिर्फ बुजुर्गों में पाई जाती थी, लेकिन अब स्थिति इतनी गंभीर हो चली है कि इस बीमारी के खतरे से कम उम्र के लोग भी सुरक्षित नहीं है. कैंसर की सबसे खतरनाक बात ये होती है कि इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, ऐसे में अगर किसी कम उम्र के व्यक्ति या युवा हो ये बीमारी अपना शिकार बना लें, तो उसके लिए लक्षणों को समझ पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में हम आपको इस स्टोरी में बताएंगे कि आखिर क्यों युवाओं के बीच कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है और इस बीमारी में किस तरह के लक्षण मुख्य रूप से दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: सुबह उठते ही मुंह कड़वा होने की क्या है वजह? रिसर्च में बताया शरीर किन बदलावों का दे रहा है संकेत
क्या है कैंसर की बीमारी?
किसी बीमारी के लक्षणों और उसके खतरों को जानने से पहले ये जानना भी जरूरी है कि आखिर वह बीमारी है क्या? कैंसर के 100 से भी ज्यादा प्रकार होते हैं, जो व्यक्ति के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकते हैं. WHO के अनुसार, एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के लगभग किसी भी अंग या टिशू में शुरू हो सकती है और व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती है. इस बीमारी में शरीर की कुछ असामान्य कोशिकाएं कंट्रोल से बाहर हो जाती है और अनियमित तरीके से बढ़ने लगती हैं. इतना ही नहीं, ये बढ़ती कोशिकाएं आसपास के हेल्दी टिश्यू को नुकसान पहुंचाने लगती है. कई बार ये कोशिकाएं (Cells) शरीर के दूसरे अंगों तक भी फैल जाती हैं, जिससे उन हिस्सों में भी बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है. कैंसर शरीर के किसी भी अंग में पनप सकता है और किसी को भी अपना शिकार बना सकता है.
2024 में सबसे ज्यादा पाए गए कैंसर
| कैंसर का प्रकार | नए मामले |
|---|---|
| फेफड़ों का कैंसर | 26 लाख |
| स्तन कैंसर | 24 लाख |
| कोलन और रेक्टम का कैंसर | 20 लाख |
| प्रोस्टेट कैंसर | 15 लाख |
| त्वचा का कैंसर (नॉन-मेलानोमा) | 11 लाख |
| पेट का कैंसर | 10 लाख |
2024 में कैंसर से सबसे ज्यादा मौतें
| कैंसर का प्रकार | मौतों की संख्या |
|---|---|
| फेफड़ों का कैंसर | 18.6 लाख |
| कोलन और रेक्टम का कैंसर | 9.18 लाख |
| लिवर का कैंसर | 7.32 लाख |
| स्तन कैंसर | 6.94 लाख |
| पेट का कैंसर | 6.42 लाख |
कैंसर के अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कैंसर से दुनियाभर में मौतें | करीब 1 करोड़ |
| सर्वाइकल कैंसर 26 देशों में महिलाओं का सबसे आम कैंसर | 26 देश |
| 0 से 19 साल के बच्चों और किशोरों में हर साल नए मामले | करीब 4 लाख |
कैंसर दुनियाभर में मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है. साल 2024 में इस बीमारी के कारण करीब 1 करोड़ लोगों की मौत हुई, नए मामलों के लिहाज से फेफड़ों, स्तन और आंत का कैंसर सबसे आम रहे. वहीं, कैंसर से होने वाली मौतों में फेफड़ों का कैंसर सबसे आगे रहा. WHO के अनुसार, कैंसर का खतरा बच्चों और किशोरों में भी देखा जाता है, हर साल 0 से 19 साल के करीब 4 लाख बच्चे और किशोर कैंसर से प्रभावित होते हैं.
क्यों कम उम्र में बढ़ रहा कैंसर का खतरा?
अब आते हैं अपने मुख्य सवाल पर आखिर क्यों कम उम्र में ही बच्चों और युवाओं के बीच कैंसर अपनी जड़ों को मजबूत बना रहा है. WHO के अनुसार, इसके पीछे एक या दो नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. बता दें कि कैंसर के पीछे व्यक्ति के अनुवांशिक कारणों (जेनेटिक्स) के साथ बाहरी कारक भी जिम्मेदार होते हैं. इनमें सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें (UV Rays) और रेडिएशन, तंबाकू के धुएं, शराब, एस्बेस्टस और दूषित भोजन व पानी में मौजूद हानिकारक तत्व शामिल हैं. इसके अलावा कुछ वायरस, बैक्टीरिया और परजीवी संक्रमण भी कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं.
कैंसर होने का खतरा उम्र बढ़ने के साथ काफी बढ़ जाता है, इसकी एक वजह यह है कि उम्र के साथ शरीर में हानिकारक तत्वों का असर जमा होता रहता है और कोशिकाओं की मरम्मत करने की क्षमता भी कम होने लगती है. तंबाकू का सेवन, शराब पीना, अस्वस्थ खानपान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और वायु प्रदूषण कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक हैं. इसके अलावा कुछ संक्रमण भी कैंसर का कारण बन सकते हैं. साल 2022 में दुनियाभर में सामने आए करीब 10 प्रतिशत कैंसर के मामले ऐसे संक्रमणों से जुड़े थे. इनमें एचपीवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसे वायरस शामिल हैं.
कैसे करें कैंसर का खतरा कम?
Harvard Health Publishing के अनुसार, अगर कुछ अच्छी आदतों को अपनाया जाए, तो कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति कैंसर के आखिरी स्टेज पर पहुंच चुका है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार, ही आदतों को अपनाएं.
शराब-तंबाकू का सेवन बंद करें
अगर आप शराब-तंबाकू का ज्यादा सेवन करते हैं, तो अभी इस आदत से दूरी बना लेना बेहतर रहेगा, क्योंकि ये चीजें कैंसर का खतरा बढ़ाती है. तंबाकू हर तरीके से बन कर दें, धूम्रपान, चबाना आदि सब इसमें शामिल है.
खानपान का ध्यान रखें
कैंसर का खतरा बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण खानपान भी है, ज्यादा रेड मीट का सेवन, तला-भुना खाना और ज्यादा मसालेदार चीजों का सेवन भी शामिल है. बेहतर रहेगा कि डॉक्टर की सलाह के अनुसार, डाइट प्लान करें और सब्जियां और फल खाएं.
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें
फिजिकल एक्टिविटी का संबंध कोलन कैंसर (बड़ी आंत के कैंसर) के कम जोखिम से है. इसके अलावा कई कैंसर का खतरा फिजिकली एक्टिव रहने से कम हो सकता है.
अपना वजन कंट्रोल में रखें
मोटापा कई तरह के कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है. कैलोरी का ध्यान रखें; अगर आपको वजन कम करने की जरूरत है, तो कम कैलोरी लें और व्यायाम के जरिए ज्यादा कैलोरी बर्न करें.
रेडिएशन के अनावश्यक संपर्क से बचें
मेडिकल इमेजिंग (जैसे एक्स-रे या स्कैन) तभी करवाएं जब जरूरत हो. अपने घर में रेडॉन गैस की जांच करवाएं, क्योंकि यह फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) का खतरा बढ़ा सकती है. धूप में मौजूद अल्ट्रावायलेट रेडिएशन से खुद को बचाएं, क्योंकि इससे मेलेनोमा और त्वचा के अन्य कैंसर का खतरा होता है. इसके अलावा अपने डॉक्टर से सलाह लें और उनके बताए गए टिप्स को अपनाएं, ताकि कैंसर का खतरा कम हो सके.
यह भी पढ़ें: Vitamin D की कमी से हड्डियों के अलावा शरीर पर क्या असर पड़ता है? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इग्नोर
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
काला मोतिया होने का क्या कारण है? AIIMS के नेत्र रोग विशेषज्ञ से जानिए
1 hr agoसुबह उठते ही मुंह कड़वा होने की क्या है वजह? रिसर्च में बताया
3 hrs agoफेफड़ों के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है प्रदूषित हवा, जरूर करें ये काम
4 hrs agoशरीर में फंसी हुई गैस को कैसे निकालें? बाबा रामदेव ने बताया नुस्खा
7 hrs agoहड्डियां ही नहीं, शरीर के कई हिस्सों को चुपचाप नुकसान पहुंचाती है Vitamin D
21 hrs agoमिलेट्स क्या होते हैं और क्यों खाने चाहिए? FSSAI से जानिए Millets के फायदे
22 hrs agoक्या कम शराब पीने से भी बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? WHO ने बताया
23 hrs agoपीरियड्स रेग्युलर ना आना, ज्यादा बहाव इन 3 कैंसर का हो सकता है लक्षण
1 day agoलगातार हेडफोन लगाने से हो सकता है कानों को नुकसान, जानें सही तरीका
1 day agoक्या सुबह नींबू पानी पीने से वजन तेजी से घटता है? रिसर्च से जानिए
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Source: WHO, Harvard Health Publishing
First published on:
Know More: Editorial Guidelines