हार्ट अटैक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है. हार्ट अटैक की स्थिति इतनी खतरनाक है कि जो समस्या पहले बड़े बुजुर्गों को होती थी, आज कम उम्र के लोगों और बच्चों में भी देखने को मिल रही है. हेल्थ से जुड़ी इस स्थिति के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसको लेकर सही जानकारी होना काफी जरूरी है. हम आपको इस स्टोरी में बताएंगे कि आखिर युवाओं के बीच क्यों हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, क्या इस समस्या के कारण है और कैसे इस खतरे को कम किया जा सकता है.
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हार्ट अटैक की स्थिति क्यों बनती है?
किसी भी समस्या से राहत पाने के लिए जरूरी होती है कि आप पहले ये जाने कि आखिर वह समस्या पैदा कैसे होती है. सवाल उठता है कि हार्ट अटैक क्यों होता है, बता दें कि हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) में रुकावट आ जाती है. इसके मुख्य कारण घमनियों में वसा और कोलेस्ट्रॉल का जमाव (प्लाक) हो सकता, जिससे रुकावट पैदा हो सकती है. इसके अलावा अचानक फट जाए, तो चारों ओर खून का थक्का बन जाता है, जो रुकावट पैदा कर सकता है. इसलिए जरूरी है कि वक्त रहते जांच कराते रहे.
युवाओं के बीच क्यों बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा?
PubMed Central द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के पीछे का वजह अनहेल्दी लाइफस्टाइल, तनाव, धूम्रपान, शराब का सेवन, खराब डाइट होती है. इतना ही नहीं, इस कारणों के चलते दिल से जुड़ी समस्याओं में भी बढ़ोतरी होती है. युवा लोगों में असामान्य लक्षण दिख सकते हैं, जिससे बीमारी का जल्दी पता लगाना मुश्किल हो जाता है. इस रिसर्च से साफ मालूम चलता है कि सही लाइफस्टाइल का सेहत पर सीधा असर रहता है, जिसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. आप गौर करेंगे कि आज युवाओं की बड़ी आबादी बाहर के खाने, धूम्रपान आदि आदतों का शिकार हो गई है और अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे रही है.
कैसे हार्ट अटैक के खतरे को कम करें?
PubMed के अनुसार, हेल्थ एजुकेशन, हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना और बीमारियों से बचाने वाली हेल्थकेयर तक पहुंच बेहतर बनाना बहुत जरूरी है. इनमें स्मोकिंग छोड़ना भी शामिल है, जिससे दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा लगभग तुरंत कम हो सकता है. इसके अलावा रेगुलर एक्सरसाइज करना, हर हफ्ते 150 मिनट की हल्की-फुल्की या 75 मिनट की हेवी एक्टिविटी, बैलेंस्ड डाइट लेना, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट और सोडियम का सेवन कम करना और फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और मछली का नियमित सेवन भी जरूरी है.
इतनी ही नहीं, हेल्दी वजन बनाए रखने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है और साथ ही, अच्छी नींद (हर रात कम से कम सात घंटे) और स्ट्रेस कम करने के तरीके- जैसे फिजिकल एक्टिविटी, रिलैक्सेशन एक्सरसाइज, माइंडफुलनेस, योग और मेडिटेशन भी दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. यही नहीं, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसे रिस्क फैक्टर के लिए रेगुलर हेल्थ स्क्रीनिंग करवाना भी जरूरी है, क्योंकि हार्ट अटैक के खतरे को ये सभी चीजें प्रभावित कर सकती हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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SORUCE: PubMed Central
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