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हाई यूरिक एसिड से परेशान हैं तो बैठे बैठे करें पैरों की ये एक्सरसाइज, योगा एक्सपर्ट ने बताया गठिया में मिलेगा आराम

Uric Acid Exercise: यूरिक एसिड एक वेस्ट पदार्थ है जिसके बढ़ने पर शरीर में टॉक्सिंस जमने लगते हैं. ऐसे में यहां जानिए हाई यूरिक एसिड को कम करने के लिए कौन सी एक्सरसाइज की जा सकती है. योगा ट्रेनर ने इन एक्सरसाइज के बारे में बताया है.

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कौन सा व्यायाम यूरिक एसिड को कम कर सकता है? Image Credit - Freepik

Uric Acid Control: प्यूरिन से भरपूर फूड्स खाने पर शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है. आमतौर पर यूरिक एसिड को कम करने के लिए किडनी इसे फिल्टर करती जाती है, लेकिन अगर यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो किडनी को इसे फिल्टर करने में परेशानी आती है. ऐसे में यूरिक एसिड शरीर में फैलने लगता है और जोड़ों में इसके क्रिस्टल्स जम जाते हैं जिससे गठिया (Gout) जैसी दिक्कतें होती हैं. पैर के अंगूठे का लाल पड़ना, सूजना और हड्डी का बाहर निकलना यूरिक एसिड बढ़ने का लक्षण है. ऐसे में यहां जानिए योगा एक्सपर्ट हाई यूरिक एसिड कम करने के लिए क्या सलाह दे रहे हैं. योगा ट्रेनर शुभम राणा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके बताया है कि बैठे-बैठे करने वाली वो कौन सी 3 एक्सरसाइज (Exercise For Uric Acid) हैं जो गठिया की दिक्कत को कम कर सकती हैं और हाई यूरिक एसिड को कम करने में असरदार होती हैं. आप भी रोजाना कर सकते हैं ये एक्सरसाइज.

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यूरिक एसिड कम करने के लिए एक्सरसाइज

योगा ट्रेनर शुभम राणा ने बताया कि घर बैठे-बैठे ही पैरों की 3 एक्सरसाइज करने पर हाई यूरिक एसिड कम हो सकता है –

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टो स्ट्रेचिंग

पहली एक्सरसाइज है टो स्ट्रेचिंग. इसे करने के लिए पैरों को सामने की तरफ फैलाकर बैठ जाएं. इसके बाद पंजों को पहले आगे और फिर पीछे की तरफ खींचे. ऐसा करने पर ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और यूरिक एसिड कम होने में मदद मिलती है. पंजों में होने वाली अकड़न से राहत दिलाने में भी असरदार है यह एक्सरसाइज. इसे रोजाना 2 मिनट कर सकते हैं.

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सिंगल फूट स्ट्रेच

सिंगल फूट स्ट्रेच में आपको पंजों को स्ट्रेच करना है लेकिन दोनों को एकसाथ नहीं बल्कि एक-एक करके. इस एक्सरसाइज को करने पर पैरों की नसें एक्टिवेट होती हैं और शुगर के साथ ही कॉलेस्ट्रोल बैलेंस होने में भी मदद मिलती है.

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फूट स्ट्रेच टुगेदर

इस एक्सरसाइज को करने के लिए पैरों को सामने की तरफ फैलाकर बैठें. इसके बाद दोनों पैरों को हल्का उठाएं और पूरे पैर को पहले आगे की तरफ खींचे और फिर पंजों को पीछे की तरफ लाएं. इससे पूरे पैरों का ब्लड सर्कुलेशन बेहद होता है. इससे गठिया की सूजन कम होती है, पैरों पर भारीपन कम महसूस होता है और सोने से पहले पैरों में होने वाली थकावट कम होती है.

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कब करनी चाहिए ये एक्सरसाइज

एक्सपर्ट की सलाह है कि इन एक्सरसाइज को आप रोजाना सोने से पहले कर सकते हैं. 5 से 10 मिनट ये एक्सरसाइज कर ली जाएं तो इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, यूरिक एसिड बैलेंस होता है, ब्लड शुगर कंट्रोल होने में मदद मिलती है और पैरों की अकड़न दूर होती है सो अलग.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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