हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

गांठ कब होती है खतरनाक? मैक्स की ऑन्कोलॉजिस्ट से समझें किन संकेतों पर तुरंत जांच करानी चाहिए 

Lump Causes: कई बार शरीर में गांठ कैल्शियम की कमी की वजह से भी हो जाती है, लेकिन अगर आपको इसके साथ शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से बात करें. शरीर में गांठ होना खतरनाक हो सकता है.  

विज्ञापन
सारकोमा क्या है? Image Credit- AI

Sharir Mein Ganth Hona: शरीर में गांठ महसूस होना अक्सर चिंता का कारण बनता है.अच्छी बात यह है कि अधिकांश गांठें कैंसर नहीं होतीं. वे चर्बी की गांठ, सिस्ट, संक्रमण या चोट के कारण भी हो सकती हैं, लेकिन कुछ गांठें सॉफ्ट टिश्यू सारकोमा जैसी दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती हैं. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कब किसी गांठ को हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर मीनू वालिया (मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट, गायनेकोलॉजी, थोरेसिक एवं जीआई) का कहना है कि हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर बढ़ती हुई या असामान्य गांठ की जांच जरूर होनी चाहिए. अगर कोई गांठ लगातार बढ़ रही है, बिना दर्द के है या लंबे समय तक बनी हुई है तो उसे नजरअंदाज न करें. समय पर डॉक्टर से बात करें और इलाज करवाएं, लेकिन इससे पहले इसके गंभीर संकेतों की पहचान करें.

इसे भी पढ़ें- बारिश के पानी में पैर डुबाना बन सकता है खतरा! लेप्टोस्पायरोसिस के शिकार हो सकते हैं आप, यहां जानिए लक्षण

सारकोमा क्या है? 

सारकोमा एक ऐसा कैंसर है जो शरीर के मांसपेशियों, चर्बी, नसों, रक्त वाहिकाओं, फाइब्रस टिश्यू और अन्य संयोजी ऊतकों में विकसित हो सकता है. यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन सबसे अधिक हाथों और पैरों में देखा जाता है. हाालंकि, यह कैंसर दुर्लभ है, इसलिए शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं या सामान्य गांठ समझ लिए जाते हैं. 

विज्ञापन

क्या इसकी गांठ दर्द करती है?

इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर मीनू वालिया (मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट, गायनेकोलॉजी, थोरेसिक एवं जीआई) का कहना है कि कई मरीजों को महीनों पहले एक छोटी सी गांठ महसूस होती है, जो बिना दर्द के होती है. इसलिए बहुत सारे लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं और इलाज में देरी करते हैं. इसकी वजह से स्थिति गंभीर हो जाती है और सारकोमा की गांठ बढ़ने लगती है.  

कब कराना चाहिए टेस्ट?

अगर शरीर में कोई गांठ लगातार आकार में बढ़ रही हो, पांच सेंटीमीटर (लगभग एक नींबू के आकार) से बड़ी हो, शरीर के अंदर गहराई में महसूस हो, या कई सप्ताह तक बनी रहे, तो उसकी जांच जरूर कराएं. अगर गांठ के साथ दर्द, सुन्नपन, चलने-फिरने में परेशानी या आसपास की मांसपेशियों पर दबाव महसूस हो तो डॉक्टर से बात करें. 

विज्ञापन

गांठ को सही करने के लिए क्या ना करें? 

हर बढ़ती हुई गांठ की मालिश करना, गर्म सिकाई करना या बिना जांच के उसे नॉर्मल मान लेना सही नहीं है. सारकोमा से राहत सिर्फ क्लिनिकल जांच, इमेजिंग (जैसे एमआरआई या सीटी स्कैन) और बायोप्सी के बाद ही किया जा सकता है. कई बार गलत तरीके से की गई शुरुआती सर्जरी भी आगे के इलाज को मुश्किल बना सकती है. इसलिए अगर सारकोमा का शक है तो टेस्ट और बायोप्सी का सही जगह और वक्त पर करवाएं. 

इसे भी पढ़ें- पुरुषों में हार्ट अटैक का पहला लक्षण क्या होता है? इस संकेत को इग्नोर करना पड़ सकता है भारी

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola