खबर की मुख्य बातें:
- शमोंडा वायरस, जो आमतौर पर जानवरों में पाया जाता है, पहली बार फ्रांस में एक इंसान में पाया गया है.
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 20 अक्टूबर 2026 को फ्रांस से इस मामले की पुष्टि की.
- संक्रमित व्यक्ति, जिसकी उम्र लगभग 60 साल थी, गंभीर रूप से बीमार हो गया और अक्टूबर की शुरुआत में उसकी मौत हो गई.
- यह वायरस मिजेस (छोटी मक्खियों) के काटने से जानवरों के बीच फैलता है, लेकिन इंसानों तक इसके पहुंचने के तरीके की अभी जांच चल रही है.
दुनिया में फिर एक बार वायरस का खतर बढ़ने लगा है, लेकिन इस बार खतरा कोरोना नहीं बल्कि जानवरों में फैलने वाले ‘शमोंडा वायरस’ का बढ़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जानवरों में पाया जाने वाला ये वायरस पहली बार इंसान में पाया गया है, जिसने वैश्विक स्तर पर इस वायरस का खतरा बढ़ा दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 20 अक्टूबर 2026 को फ्रांस की ओर से इस मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए दुनिया को इस बीमारी के इंसानों के बीच फैलने के खतरे के बारे में बताया. कहा जाता है कि अब तक ये वायरस को मुख्य रूप से सिर्फ जानवरों को प्रभावित करता था, लेकिन अब ये इंसानों को भी अपना शिकार बना रहा है.
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क्या है शमोंडा वायरस?
सवाल उठता है कि आखिर क्या है ये शमोंडा वायरस? क्या ये कोई नया वायरस है? बता दें कि शमोंडा वायरस एक ऐसा वायरस है. जो मुख्य रूप से जानवरों को संक्रमित करता है और यह काफी वक्त से मौजूद है. आमतौर पर ये वायरस भेड़, बकरियों, घोड़ों आदि पशुओं में सबसे ज्यादा पाया जाता है. पहले इस बीमारी को लेकर माना जाता था कि इंसानों को इससे कोई खतरा नहीं है, क्योंकि ये इंसानों में नहीं फैल सकता है, लेकिन WHO की हलिया रिपोर्ट में फ्रांस के व्यक्ति का इस वायरस से संक्रमित होना भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा देता है. हालांकि, इस वायरस को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है और रिसर्च की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांस का जो व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित हुआ था, उसकी उम्र लगभग 60 साल थी. वायरस से संक्रमित होने के बाद पीड़ित व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो गया और आखिर में अक्टूबर के शुरुआत में उसकी मौत हो गई.
कैसे फैलता है शमोंडा वायरस?
शमोंडा वायरस मिसेज के काटने से जानवरों के बीच फैलता, आसान शब्दों में कहे, तो जानवरों के बीच फैलने का एक प्रमुख कारण छोटी मक्खियां है, जिन्हें मिजेस कहा जाता है. ये मिजेस संक्रमित जानवरों को काटती है और फिर दूसरे हेल्दी जानवरों पर बैठती है और उन्हें काटती है, इस प्रक्रिया के कारण ही, वायरस एक जानवर से दूसरे जानवर तक पहुंचती है. हालांकि, अभी-भी जांच चल रही है कि आखिर ये वायरस इंसान तक कैसे पहुंचा और मरीज की मौत में इस वायरस ने क्या भूमिका निभाई है? स्वास्थ्य एजेंसियां इस वायरस से जुड़े कई सवालों का जवाब अभी ढूंढ रही है.
किन लोगों को डरने की जरूरत है?
अभी ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि किन लोगों को इस वायरस का खतरा सबसे ज्यादा है, लेकिन फ्रांस में जिस व्यक्ति की मौत हुई है उसका इम्यून सिस्टम काफी कमजोर था. हालांकि, जो जानवर इस वायरस से संक्रमित होते हैं, उनमें आमतौर पर बुखार, दस्त, सुस्ती, गायों में दूध के उत्पादन की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
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अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है.
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