डायबिटीज सिर्फ Kidney और Heart की बीमारी नहीं! शरीर के इन 5 हिस्सों पर डाल सकती है गंभीर असर
Diabetes Effect on Body Organs: क्या आप जानते हैं डायबिटीज की बीमारी का कंट्रोल में न रहना शरीर के किन अंगों पर बुरा असर डाल सकता है? आइए NIDDK से जानें क्यों जरूरी है शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना.
शुगर की बीमारी शरीर के किन अंगों पर गंभीर असर डालती है? (Image: AI/Pexels)
खबर की मुख्य बातें:
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WHO के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 83 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं.
डायबिटीज तब होती है जब खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है और शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही उपयोग नहीं कर पाता.
मोटापा, बढ़ती उम्र, पारिवारिक इतिहास, कम फिजिकल एक्टिविटी, ज्यादा मीठा या फैट वाला खाना और धूम्रपान डायबिटीज के मुख्य कारण हैं.
अनियंत्रित ब्लड शुगर दिल, किडनी, आंखों, मुंह और पैरों को प्रभावित कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
अच्छी सेहत के लिए अच्छी डाइट और फिजिकली एक्टिव रहना भी जरूरी होता है, लेकिन सुस्त लाइफस्टाइल और खराब खानपान आदि आदतों को अपनाकर लोग अपने आपको गंभीर बीमारियों में धकेल लेते हैं. इन्हीं बीमारियों में एक बड़ा नाम है डायबिटीज की बीमारी, जिसके खतरे में न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की बड़ी आबादी है. दुनियाभर में डायबिटीज कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है और लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे है, इसका अंदाजा आप WHO के आंकड़ों से लगा सकते हैं. WHO के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 83 करोड़ लोगों को डायबिटीज की बीमारी है. इन आंकड़ों में ज्यादातर लोग कम या फिर मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं. चिंता की बात ये है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जो डायबिटीज का इलाज नहीं करवा पा रहे हैं, जिस कारण दुनियाभर में डायबिटीज और डायबिटीज में इलाज न करवा पाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
अगर आप अपने परिवार में पहले ऐसे व्यक्ति है, जो डायबिटीज से पीड़ित है या फिर इस बीमारी के बारे में नहीं जानते हैं, तो आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये बीमारी है क्या और कैसे किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना लेती है? दरअसल, डायबिटीज किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार नहीं बना लेती है, बल्कि इस बीमारी का जिम्मेदार हमारी ही कुछ आदतें होती है, जो इस बीमारी की वजह बनती है.
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NIH के अनुसार, डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो तब होती है, जब खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है. ये ग्लूकोज आपके शरीर में एनर्जी पैदा करती है. इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज में बनता है, यह ग्लूकोज को आपकी सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है ताकि उसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए सही तरीके से किया जा सके. लेकिन डायबिटीज की स्थिति में आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है, बनाना बंद कर देता है या फिर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है. इस समस्या के कारण ग्लूकोज आपके खून में रह जाता है और आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता है. इस बीमारी के कारण शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों की सेहत प्रभावित होने लगती है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना खतरनाक बन जाता है.
किन-किन कारणों से हो सकती है डायबिटीज?
डायबिटीज कोई ऐसी बीमारी नहीं है, जो हवा के जरिए व्यक्ति को प्रभावित कर देती है. NIH के अनुसार, आपकी आदतें और परिवार का इतिहास ही इस बीमारी के खतरे को बढ़ाता है. इस स्टोरी में बताए गई आदतें अगर आप में हैं, तो बेहतर रहेगा कि वक्त रहते आप इसपर काबू पा लें, वरना भविष्य में आपको काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. डायबिटीज के पीछे जो मुख्य कारण हैं, वह कुछ इस प्रकार हैं;
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मोटापा- पेट का बाहर निकाल होना
बढ़ी उम्र भी डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकती है (कम उम्र के बच्चे भी शिकार हो सकते हैं).
पारिवारिक इतिहास यानी परिवार में पहले किसी को डायबिटीज रहा हो
शारीरिक तौर पर एक्टिव न रहना
ज्यादा मीठा खाना
ज्यादा फैट वाला खाना
लंबे समय तक बैठकर काम करना
धूम्रपान खुद करना या सिगरेट के धुएं के संपर्क में आना आदि शुगर की बीमारी के खतरे को बढ़ाते हैं.
शरीर के किन महत्वपूर्ण अंगों पर डालती है असर?
आपको शायद जानकारी न हो, शुगर की बीमारी में शुगर लेवल का कंट्रोल में रहना सेहत पर गंभीर असर डालती है, जिसे लंबे समय तक नजरंअदाज नहीं किया जा सकता. NIH के NIDDK के अनुसार, कंट्रोल से बाहर रहने वाला ब्लड शुगर; दिल की बीमारी- हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है किडनी की बीमारी- किडनी से जुड़ी बीमारी खासतौर से किडनी फेलियर आंखों की बीमारी- देखने की क्षमता प्रभावित होना मुंह से जुड़ी बीमारी- संक्रमण, खाने में दिक्कत आदि की समस्या बढ़ सकता है पैरों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है.
अच्छी जिंदगी के लिए क्या करें?
डायबिटीज को लेकर कहा जाता है कि इस बीमारी का अभी पक्का इलाज नहीं निकल पाया है, लेकिन अच्छी लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं को नियमित रूप से सेवन और नियमित जांच शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकती है. अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में नहीं रहेगा, तो ये शरीर के इन अंगों पर गंभीर असर डालेगी, जिससे स्थिति जान पर आ सकती है.