Dengue Fever: बारिश के मौसम में डेंगू के मामले बढ़ने के साथ ही मरीजों और घरवालों की सबसे बड़ी चिंता अक्सर प्लेटलेट्स को लेकर ही होती है. जैसे ही ब्लड टेस्ट में प्लेटलेट्स कम दिखाई देती हैं तो कई लोग घबरा जाते हैं और प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत समझने लगते हैं. हालांकि, डेंगू में सिर्फ प्लेटलेट्स का कम होना ही खतरनाक नहीं है. मरीज की हालत, ब्लीडिंग, ब्लड प्रेशर, हेमाटोक्रिट और दूसरे लक्षणों को भी देखना जरूरी है. इसको लेकर एम्स ने एक गाइडलाइन जारी की और दूसरी भारत की नेशनल गाइडलाइंस फॉर क्लीनिक मैनेजमेंट ऑफ डेंगू फीवर नाम से है. इसमें डेंगू फीवर को लेकर लोगों को विस्तार से बताया गया है.
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प्लेटलेट्स गिरने से क्या होता है?
डेंगू वायरस शरीर की प्लेटलेट्स को इफेक्ट कर सकता है. बीमारी के दौरान प्लेटलेट काउंट तेजी से नीचे जा सकता है. हालांकि, सिर्फ कम प्लेटलेट काउंट देखकर यह नहीं बताया जा सकता कि मरीज कितना बीमार है? राष्ट्रीय गाइडलाइन के मुताबिक डेंगू के क्रिटिकल फेज में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के साथ हेमाटोक्रिट बढ़ना भी शुरू हो जाता है. यह फेज आमतौर पर बुखार शुरू होने के तीसरे-चौथे दिन के आसपास होता है.
कितने प्लेटलेट्स पर खतरा बढ़ जाता है?
यह मान लेना सही नहीं है कि किसी एक नंबर से नीचे आते ही हर मरीज की हालत गंभीर हो जाती है. डॉक्टर प्लेटलेट काउंट के साथ मरीज की पूरी कंडीशन देखते हैं. इसको लेकर गाइडलाइन में बताया गया है कि बिना ब्लीडिंग के सिर्फ कम प्लेटलेट्स होने पर घबराना नहीं चाहिए जैसे प्लेटलेट्स 10000 से कम हों और ब्लीडिंग न हो तो घबराने की जरूरत नहीं है.
प्लेटलेट्स कम हों तो तुरंत प्लेटलेट चढ़वाना जरूरी है?
डेंगू की इस राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार, प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन ब्लीडिंग होने पर ही किया जाता है. सिर्फ रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम आने की वजह से अपने आप प्लेटलेट चढ़वाना ठीक नहीं. इसलिए मरीज को बार-बार प्लेटलेट टेस्ट कराने या प्लेटलेट चढ़ाने का फैसला खुद से नहीं लेना चाहिए.
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. यह बीमारी और गंभीर हो सकती है.
- लगातार उल्टी होना
- पेट में तेज दर्द या पेट दबाने पर दर्द होना
- बहुत ज्यादा सुस्ती या बेचैनी
- नाक से खून आना
- काला मल या खून की उल्टी होना
- बहुत ज्यादा खून आना
- पेशाब में खून आना
- चक्कर आना या बेहोशी
- पेट या फेफड़ों के आसपास पानी जमा होना
- लिवर का बढ़ना
- प्लेटलेट्स का तेजी से गिरना
डेंगू में क्या करें?
डेंगू में एक मरीज को अपना बहुत ही ध्यान रखना चाहिए. इस दौरान नियमित रूप से हेल्दी ड्रिंक लेना, ब्लड प्रेशर, हेमाटोक्रिट, प्लेटलेट्स और यूरिन आउटपुट जैसी चीजों पर नजर रखना आदि शामिल है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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