यूरिक एसिड को शरीर से निचोड़कर निकाल देंगी ये 5 चीजें, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने शेयर किए नुस्खे

Uric Acid Home Remedies: यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बढ़ने पर खानपान में बदलाव करना जरूरी है. अगर सही चीजों को खाया-पिया जाए तो इससे गंदा यूरिक एसिड शरीर से निकलने लगता है. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानिए कौन से हैं यूरिक एसिड कम करने वाले फूड्स.

Uric Acid Home Remedies

Uric Acid Treatment: गंदे यूरिक एसिड को कम करने के लिए क्या खाएं जानिए यहां. Image Credits- Freepik

High Uric Acid: यूरिक एसिड शरीर का एक वेस्ट प्रोडक्ट होता है जिसे किडनी फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देती है. लेकिन, यूरिक एसिड की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ने लगे तो शरीर के लिए इस यूरिक एसिड को शरीर से निकालना मुश्किल हो जाता है और यह पूरे शरीर में फैलने लगता है. यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स घुटनों में या फिर हाथ-पैरों की उंगलियों में जमना शुरू हो जाते हैं जिससे गाउट (Gout) की दिक्कत हो सकती है. ऐसे में यूरिक एसिड का लेवल कम करने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जैदी ने कुछ ऐसे फूड्स का जिक्र किया है जिन्हें आप अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.

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कैसे करें यूरिक एसिड कम | How To Reduce Uric Acid

लौकी – हाई यूरिक एसिड कम करने के लिए घीया या लौकी का जूस पिया जा सकता है. यह जूस शरीर से एक्सेस यूरिक एसिड को निकाल देता है.

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खीरा – खीरे में प्यूरिन की मात्रा कम होती है. साथ ही, यह हाई वॉटर कंटेंट वाला फूड है. ऐसे में खीरा यूरिक एसिड को निकालने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है.

विटामिन सी से भरपूर फूल – आंवला (Amla), संतरा और अमरूद विटामिन सी के भरपूर स्त्रोत होते हैं. विटामिन सी से भरपूर इन फलों को खाने पर यूरिक एसिड न्यूट्रिलाइज होने लगता है.

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बार्ली – आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का कहना है कि बार्ली का पानी या जौ का दलिया खाने पर शरीर की नेचुरल क्लेंजिंग हो जाती है.

पानी – पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर के लिए एक नहीं बल्कि कई तरह से फायदेमंद होता है. रोजाना आपको ढाई से 3 लीटर पानी जरूर पीना है. इससे यरिक एसिड पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकलने लगेगा.

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यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण (Symptoms Of High Uric Acid)

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  • शरीर का यूरिक एसिड बढ़ने लगता है तो शरीर में कई तरह के लक्षण दिखने लगते हैं. पहला लक्षण है जोड़ों में दर्द रहना.
  • यूरिक एसिड बढ़ने पर हाथ-पैरों की उंगलियों में सूजन (Swelling In Fingers) आ जाती है जिससे गाउट की दिक्कत होती है.
  • यूरिक एसिड के कारण कमर के निचले हिस्से में और किडनी के पास दर्द रहने लगता है.
  • यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो पथरी (Kidney Stones) का कारण बन सकता है.
  • लो एनर्जी फील हो सकती है और कोई भी काम करने पर शरीर तेजी से थकने लगता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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