उम्र बढ़ने के साथ चीजें भूलना काफी आम बात है. कई बार चश्मा या चाबी कहां रखी है, किसी इंसान का नाम या किसी काम को लेकर छोटी-सी बात याद नहीं रहती. लेकिन हर तरह की भूलने की समस्या को उम्र बढ़ने का हिस्सा मानना सही नहीं है. कई बार चीजें भूलना अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. इसके लेकर एम्स की न्यूरोलॉजी विभाग की हेड डॉक्टर मंजरी त्रिपाठी का कहना है कि अल्जाइम में भी अक्सर लोगों को भूलने की बीमारी हो जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह डिमेंशिया का एक हिस्सा है. यह धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है जो सीधे याददाश्त, सोचने-समझने पर असर डालता है. हालांकि, यह बढ़ती उम्र के साथ होने वाली भूलने की बीमारी से काफी अलग होता है. अगर वक्त पर इन दोनों के बीच में फर्क समझ लिया जाए तो इलाज करना आसान हो जाता है.
इसे भी पढ़ें- डायबिटीज की मरीज महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा भी रहता है ज्यादा, ये 7 काम हार्ट डिजीज को रखेंगे दूर
उम्र बढ़ने पर भूलना कितना नॉर्मल है?
उम्र बढ़ने के साथ दिमाग की प्रोसेसिंग स्पीड और याददाश्त में कुछ बदलाव आ सकते हैं. इंसान को किसी नाम या शब्द को याद करने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है या कभी-कभी कोई चीज कहां रखी थी, यह याद करने में परेशानी हो सकती है. लेकिन आमतौर पर अगर इंसान को उससे रिलेटेड कुछ भी दिखता है तो याददाशत वापस आ जाती है.
बीमारी की वजह से होने वाली भूलने की समस्या में क्या अंतर है?
अल्जाइमर जैसी बीमारी में याददाश्त की समस्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है और इसका असर रोज के कामों पर पड़ने लगता है. इंसान हाल में हुई चीजों के बारे में बार-बार भूलने लगता है. एक ही सवाल कई बार पूछता है और अगर वक्त पर इसपर ध्यान न दिया जाए तो यह परेशानी काफी बढ़ जाती है.
अल्जाइमर और बढ़ती उम्र में भूलने में क्या है फर्क?
नॉर्मल उम्र बढ़ने में किसी बात को कभी-कभार भूलना हो सकता है. लेकिन अगर कोई इंसान अभी हुई बातचीत, हाल की घटना या कुछ देर पहले दी गई जानकारी को बार-बार भूलने लगे तो यह चिंता का संकेत हो सकता है.
- अगर इंसान उन कामों को करने में भी परेशानी महसूस करने लगे, जिन्हें वह लंबे समय से आसानी से करता आया है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. उदाहरण के लिए बिल भरना, दवा समय पर लेना, खाना बनाना या रोज के जरूरी कामों को संभालना मुश्किल लगना.
- कभी-कभी किसी चीज का मतलब समझ न आना नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर इंसान बातचीत के दौरान सही शब्द नहीं ढूंढ पाता या अपनी बात समझाने में लगातार परेशान होता है तो आपको डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए.
- याददाश्त की बीमारी का असर सिर्फ मेमोरी पर ही नहीं पड़ता. कुछ लोगों में समय के साथ मूड या बिहेवियर में बदलाव देखने को मिल सकता है. अगर ध्यान न दिया जाए तो चिड़चिड़ा या अजीब बातें करने जैसी परेशानी देखने को मिल सकती है.
कैसे कर सकते हैं पहचान?
डॉक्टर का कहना है कि जब इंसान को यह याद रहता है कि उनसे गाड़ी की चाबी कहीं रखी है, लेकिन कहां याद नहीं आ रहा है तो यह बढ़ती उम्र के साथ होने वाली एक बीमारी है. वहीं, अगर इंसान को यह याद रहता है कि उसने गाड़ी की चाबी कहीं रखी भी थी तो यह संकेत अल्जाइमर का हो सकता है.
इसे भी पढ़ें- बच्चे की ग्रोथ अच्छी रखने में मदद करते हैं ये फूड्स, ICMR से जानिए कैसी हो डाइट, थाली में क्या करें शामिल
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
हाई बीपी से लेकर डायबिटीज तक, ये बीमारियां बढ़ा सकती हैं स्ट्रोक का खतरा
2 hrs agoशुगर के मरीज क्या रख सकते हैं व्रत? मीठा खाया तो क्या होगा
17 hrs agoमौसम बदलते ही पड़ जाते हैं बीमार? जानिए इसके पीछे की असली वजह
19 hrs agoपीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स को न करें इग्नोर, शरीर के ये संकेत हैं गंभीर
20 hrs agoब्रेन ट्यूमर में कैसा होता है सिरदर्द, डॉक्टर ने बताए लक्षण और इलाज
21 hrs agoकरवा चौथ पर निर्जला व्रत रखते हैं? शरीर के इन संकेतों को न करें इग्नोर
23 hrs agoअंडाशय के कैंसर में महिलाओं को पेट के आस-पास होती हैं ये 3 दिक्कतें
1 day agoमुंह के अंदर छाला और गांठ… ओरल कैंसर के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं
1 day agoबार-बार घेरती है मायूसी और बेचैनी? बाबा रामदेव के बताए 5 योगासन
1 day agoखाना खाने के बाद बढ़ जाती है शुगर तो 10 मिनट करें यह काम, AIIMS ने बताया
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines