अच्छी डाइट के बाद भी हो जाती है कब्ज तो ये गलतियां हो सकती हैं वजह, कहीं आप भी तो नहीं करते यही मिस्टेक्स

Mistakes That Cause Constipation: कभी-कभी कब्ज होना आम सी बात है, लेकिन अगर आपको अक्सर ही कब्ज हो जाती है और मलत्याग करने में दिक्कत आती है तो इसके पीछे आपकी रोजमर्रा की कुछ गलतियां हो सकती हैं.

Constipation Causes

आपकी छोटी सी गलती कब्ज होने की बड़ी वजह बन सकती है.

Constipation Causes: कब्ज पेट और आंतों की ऐसी दिक्कत है जिसमें व्यक्ति को ठीक तरह से मलत्याग करने में दिक्कत हो जाती है. कब्ज में मल कड़ा हो जाता है और व्यक्ति को कई-कई देर तक टॉयलेट में बैठकर जोर लगाना पड़ता है. अगर कब्ज की दिक्कत लंबे समय बनी रहे तो इससे बवासीर (Bawasir) भी हो सकता है. ऐसे में वक्त रहते हैं कब्ज से छुटकारा पाना जरूरी होता है. कई बार व्यक्ति का खानपान तो ठीक होता है लेकिन फिर भी उसे आयदिन कब्ज हो जाती है. असल में व्यक्ति की ऐसी कुछ गलतियां हैं जो बार-बार कब्ज होने की वजह बन सकती हैं. अगर आपको भी बार-बार कब्ज की दिक्कत होती है तो कहीं आप भी यहीं गलतियां तो नहीं करते हैं, जानिए यहां.

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कब्ज की वजह बनती हैं ये गलतियां

एक्सरसाइज ना करना

लाइफस्टाइल में एक्सरसाइज की कमी होने पर यानी एक्टिव ना रहने पर कब्ज हो सकती है. आंतें एक्टिविटी से रिस्पोंड करती हैं और अगर एक्सरसाइज की जाए तो आंतें बेहतर तरह से काम कर पाती हैं. इसीलिए एक्सरसाइज ना करने पर कब्ज की दिक्कत हो सकती है.

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कुछ दवाएं

ऐसी कुछ दवाएं हैं जो कब्ज की वजह बन सकती हैं. एंटासिड्स, एलुमिनियम, एंटीस्पेस्मोडिक्स, एंटी-डिप्रेसेंट और ट्रांकलाइजर्स या सिडेटिव लेने पर कब्ज हो सकती है.

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लैक्सेटिव्स का ज्यादा प्रयोग

लैक्सेटिव्स लेने पर मलत्याग करना आसान हो जाता है, लेकिन जिस तरह अति किसी भी चीज की बुरी होती है उसी तरह जरूरत से ज्यादा लैक्सेटिव लेने पर या लैक्सेटिव्स सही तरह से ना लेने पर कब्ज बढ़ सकती है. लैक्सेटिव्स का लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर आंतों की नर्व सेल्स डैमेज हो सकती हैं. इससे आंतें ठीक तरह से काम करना बंद कर सकती हैं.

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रूटीन में बदलाव

एकदम से बहुत ज्यादा ट्रैवल करना या खानपान में बदलाव होना आंतों के काम पर असर डालता है. महिलाओं में हार्मोनल बदलावों के कारण खासतौर से कब्ज हो जाती है. ऐसे में रूटीन में हुए बदलाव भी कब्ज की वजह बन सकते हैं.

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जब इच्छा हो तब मलत्याग ना करना

अगर आपको एकदम से मलत्याग करने की इच्छा होती है और आप उस समय मलत्याग नहीं करते हैं तो इससे कब्ज हो सकती है. इस तरह बार-बार मलत्याग की इच्छा को दबाने से बाउल मलत्याग की इच्छा को समझ ही नहीं पाता और सिग्नल देना बंद कर देता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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