Kabj Ki Homeopathic Dawa: कब्ज एक ऐसी समस्या है जो किसी भी उम्र में हो सकती है. बच्चों को भी अक्सर कब्ज से दोचार होना पड़ता है. कब्ज में पाचन तंत्र ठीक तरह से काम नहीं करता है जिससे मल सख्त हो जाता है और आसानी से मलत्याग करने में दिक्कत आने लगती है. ऐसे में होम्योपैथिक दवा काम आ सकती है. दिल्ली सरकार के आयुष निदेशालय के अतंर्गत होम्योपैथी विभाग दिल्ली में होम्योपैथिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है. होम्योपैथी विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर बच्चे की कब्ज (Constipation In Kids) दूर करने के तरीके और होम्योपैथिक दवाएं बताई गई हैं. क्वालिफाइड होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लेकर आप ये दवा बच्चे को दे सकते हैं. साथ ही, जानिए बच्चे की कब्ज दूर करने के लिए उसका खानपान कैसा होना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

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कब्ज दूर करने के लिए होम्योपैथिक दवा | Homeopathic Medicine For Constipation

  • आर्टिफिशियल बेबी फूड के कारण या फॉर्मुला मिल्क बदलने की वजह से बच्चों को कब्ज हो सकती है और मलत्याग करने में दिक्कत आने लगती है. ऐसे में बच्चे को Alumina 30 दवा दी जा सकती है.
  • अगर बच्चे को सूखा और सख्त मल आ रहा है, उसे पॉटी करने की इच्छा नहीं हो रही है, बच्चा इरिटेटेड है और बहुत सारा पानी पीता है तो उसे Bryonia alba 30 दवा दे सकते हैं.
  • बच्चे को मलत्याग करने की इच्छा होती है लेकिन मल नहीं आता है तो Paraffinum 30 होम्योपैथिक दवा उसे दी जा सकती है.

इस बात का खास ध्यान रखें कि होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही बच्चे को ये दवाएं दी जाएं.

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दवा देते हुए ध्यान रखें ये बातें

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  • होम्योपैथिक दवा उसी हिसाब से दें जिस तरह के लक्षण बच्चे के शरीर पर नजर आ रहे हैं.
  • मुंह को अच्छे से साफ करने के बाद खाली पेट ही ये दवा दें.
  • अगर 24 घंटों के भीतर ही आराम पड़ जाता है और रिजल्ट नजर आने लगता है तो बच्चे को दूसरी डोज ना दें.
  • अगर एक डोज के बाद आराम ना मिले तो डॉक्टर से कंसल्ट करें.
  • दवा को ठंडी और सूखी जगह पर रखें और सीधा धूप में रखने से बचें.
  • इस बात का ध्यान रखें कि दवा में से कपूर जैसी स्ट्रॉन्ग स्मेल ना आए.

बच्चे को कब्ज हो तो क्या खिलाएं

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अगर डाइटरी फाइबर की कमी से बच्चे को कब्ज हुई है तो उसे फाइबर से भरपूर खाना दें. बच्चे के खाने में पूर्ण अनाज शामिल करें, उसे फल और सब्जियां खाने के लिए दें. अगर बच्चा ज्यादा पानी नहीं पीता है तो उसे ज्यादा पानी पीने के लिए कहें. कम से कम दिन में बच्चा 1-2 लीटर पानी पीता है यह सुनिश्चित करें. बच्चे की डाइट में दलिया और ओटमील को शामिल किया जा सकता है.

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कराएं फिजिकल एक्टिविटी

इस बात का खास ध्यान रखें कि बच्चा रोजाना मलत्याग करे. बच्चे को थोड़ी बहुत फिजिकल एक्टिविटी जैसे साइक्लिंग, रनिंग या एक्सरसाइज वगैरह करवाएं. इससे कब्ज की दिक्कत कम होती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.