बच्चे के गले में कुछ अटक जाए तो तुरंत करें यह काम, डॉक्टर ने कहा चोकिंग से बचेगा बच्चा

Baby Choking: बच्चे के गले में अक्सर ही खाते-पीते कुछ अटक सकता है या बच्चा मुंह में अगर कोई चीज उठाकर डाल ले तो वह चोक कर सकता है. ऐसे में पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक बताते हैं कि किस तरह बच्चे के गले में अटकी चीज निकालें.

Choking Kid

बच्चे के गले में कुछ अटक जाए तो क्या करें?

Bache Ke Gale Me Kuch Atakna: इंदौर में एक 1 साल के बच्चे के गले में जिंदा मछली फंसने का मामला सामने आया है. बच्चे के गले में मछली फंसने के बाद सर्जरी करके बच्चे की जान बचाई गई है. इसी तरह खेल-खेल में छोटे बच्चे अक्सर ही गले में कुछ ना कुछ फंसा लेते हैं. वहीं, खाते-पीते हुए भी बच्चे के गले में कुछ फंस सकता है. इस सिचुएशन में जबतक बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर जाया जा सकता है तबतक देर हो सकती है. ऐसे में तुरंत बच्चे के गले में फंसी चीज को निकालने की कोशिश करना जरूरी है. इसी बारे में बताते हुए पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर करके बताया है कि बच्चे के गले में कुछ अटक जाए (Baby Choking) तो तुरंत क्या करना चाहिए. आप भी जानिए डॉक्टर की सलाह.

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बच्चे के गले में कुछ अटक जाए तो क्या करें

डॉ. रवि मलिक बताते हैं कि जैसे ही बच्चा चोक करने लगे या बच्चे के गले में कुछ अटक जाए तो सबसे पहले देखें कि बच्चा खांस रहा है या नहीं. अगर बच्चा खांस रहा होगा तो उसके मुंह में अटकी चीज निकल जाएगी.

अगर बच्चे के गले में कुछ अटक गया है जिसे वह नहीं निकाल पा रहा है तो उसे अपनी फोरआर्म के ऊपर पेट के बल लेटाएं. फोरआर्म यानी हथेली से कोहनी तक का हिस्सा. बच्चे का सिर इस पॉजीशन में नीचे की तरफ होना चाहिए. आपको उसका मुंह थोड़ा सा खोल देना है. अब बच्चे की पीठ पर आपको अपनी हथेली के किनारे से थपथपाना है. अब देखें कि बच्चे के गले में अटकी चीज बाहर निकली या नहीं निकली. अटकी हुई चीज निकल जाती है तो बच्चा कंफर्टेबल हो जाता है.

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डॉक्टर बताते हैं कि अगर यह सब करने के बाद भी बच्चे के गले से अटकी हुई चीज नहीं निकली है तो उसे सीधा लेटाएं और उसकी छाती के बीच में 2 उंगलियों से हल्का-हल्का दबाएं. इस तरह से 5 बार प्रेस करें. अगर इसके बाद अटकी हुई चीज नहीं निकली है तो फिर से बच्चे को पेट के बल लेटाकर थपथपाएं. गले में अटकी चीज निकल जाएगी.

इन लक्षणों का रखें ध्यान

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बच्चे के गले में अटकी हुई चीज अगर हर ट्रिक आजमाने के बाद भी ना निकले और बच्चे का शरीर नीला पड़ने लगे, वह चोक करने लगे या उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगे तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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