Plague Bimari Kaise Failti Hai: रूस के साइबेरियाई इलाके इरकुत्स्क में एक महिला रिसर्चर की मौत हो गई है. इस मौत की वजह एक तरह का इंफेक्शन बताया जा रहा है, जिसके बाद देश-विदेश में प्लेग बैक्टीरिया को लेकर चिंता बढ़ गई है. चिंता करना जायज है, क्योंकि प्लेग एक गंभीर बैक्टीरिया है, जो येर्सिनिया पेस्टिस नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है. यह बीमारी चूहों में पाई जाती है और संक्रमित जानवरों के करीब रहने से यह बैक्टीरिया फैलने लगता है. हालांकि, आज के समय में प्लेग का इलाज किया जा सकता है और समय पर पहचान होने पर एंटीबायोटिक दवाओं से मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है.
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क्या है और कैसे फैलता है प्लेग?
प्लेग का सबसे आम बैक्टीरिया ब्यूबोनिक प्लेग है, जो संक्रमित जानवर के काटने से फैल सकता है. संक्रमित जानवर के करीब रहने से यह बैक्टीरिया जरूर फैलता है. प्लेग का एक गंभीर रूप न्यूमोनिक प्लेग है. इसमें बैक्टीरिया फेफड़ों को इफेक्ट करता है और इंसान के खांसने या छींकने से निकलने वाली सांस के जरिए दूसरे इंसान तक इंफेक्शन पहुंच सकता है.
प्लेग के लक्षण
- अचानक तेज बुखार और ठंड लगना
- सिरदर्द और कमजोरी होना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- मतली या उल्टी होना
- गर्दन, बगल या जांघ के पास सूजन
- न्यूमोनिक प्लेग में खांसी और सांस लेना
प्लेग से बचाव कैसे करें?
- खुद का ख्याल रखने के लिए मरे हुए या बीमार जंगली जानवरों को न छुएं.
- घर और आसपास चूहों को पनपने न दें और अगर ज्यादा दिखाई दें तो इनका इलाज करें.
- बीमार पालतू जानवरों से बचाने के लिए डॉक्टर से सलाह लें और बीमार होने से बचें.
रूस में कौन सा बैक्टीरिया फैल रहा है?
: रूस के साइबेरियाई इलाके इरकुत्स्क में एक महिला रिसर्चर की मौत हो गई है. इस मौत की वजह एक तरह का इंफेक्शन बताया जा रहा है. इस इंफेक्शन का नाम न्यूमोनिक प्लेग बताया जा रहा है, जो प्लेग का खतरनाक रूप माना जाता है. यह इंसान के फेफड़ों पर सीधा अटैक करता है और यह हवा के जरिए फैलता है. इसलिए एक दूसरे से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है, लेकिन अगर सही वक्त पर ध्यान दे दिया जाए तो इस इंफेक्शन से काफी हद तक बचा जा सकता है. यह कोरोना के बैक्टीरिया से काफी अलग है, लेकिन दोनों फैलने वाले बैक्टीरिया हैं.
क्या इस बैक्टीरिया का इलाज किया जा सकता है?
प्लेग का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है. जितनी जल्दी बीमारी की पहचान और इलाज शुरू होता है, उतना ही गंभीर बीमारी होने का खतरा कम किया जा सकता है. डॉक्टर लक्षणों और संक्रमण की पहचान करके इसका इलाज शुरू कर देते हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source- cdc.go
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