6 साल की उम्र में दिखने लगते हैं बुढ़ापे के लक्षण, जानिए किसे कहते हैं क्यूटिस लैक्सा?

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है, जिसमें एक बच्ची का चेहरा 80 साल का नजर आ रहा है. नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें बच्चों की स्किन बूढ़ी नजर आने लगती है. 

what is cutis laxa

क्या है क्यूटिस लैक्सा? Image Credit- AI

Cutis Laxa: बढ़ती उम्र के साथ स्किन का ढीला पड़ना और चेहरे पर झुर्रियां आना नॉर्मल बात है. पहले ऐसा 50 साल की उम्र के बाद होता था, लेकिन अब बहुत कम उम्र के लोगों में भी नजर आ रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि बच्चों में भी यह समस्या देखने को मिल रही है और सोशल मीडिया पर भी इन दिनों एक तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में 6 साल की बच्ची का चेहरा बहुत ही बुढ़ा नजर आ रहा है. कई लोगों को लग रहा है कि यह तस्वीर असली नहीं है, लेकिन नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की एक रिसर्च के मुताबिक, अगर किसी बच्चे के चेहरे पर कम उम्र में ही उम्रदराज जैसा लुक दिखाई देने लगे तो इसे क्यूटिस लैक्सा नाम की बीमारी से जाना जाता है. यह एक तरह की कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर है, जिसकी पहचान वक्त पर करना जरूरी है. 

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क्या है क्यूटिस लैक्सा?

क्यूटिस लैक्सा को स्किन से जुड़ी एक बीमारी भी कहा जाता है. इसमें कनेक्टिव टिश्यू इफेक्ट होते हैं और यही टिश्यू स्किन, मांसपेशियों, जोड़ों और कई अंगों को मजबूती देने में मदद करते हैं. इस बीमारी में स्किन ढीली, कम लोच वाली और झुर्रीदार हो सकती है. चेहरे, गर्दन, बगल और जांघों के आसपास स्किन फोल्ड ज्यादा दिखाई दे सकते हैं. 

बच्चे में क्यों दिख सकता है बुढ़ापे जैसा चेहरा?

स्किन की लोच बनाए रखने में इलास्टिक फाइबर बहुत जरूरी माना जाता है और इस बीमारी में  इलास्टिक फाइबर बहुत इफेक्ट होता है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है और स्किन बूढ़ी नजर आने लगती है. हालांकि, अगर वक्त पर ध्यान दिया जाए तो नॉर्मल स्किन को वापस आसानी से पाया जा सकता है. इस रिसर्च में आगे बताया जाता है कि इस बीमारी से बच्चे की स्किन ज्यादा इफेक्ट होती है, जिसे नॉर्मल करना मुश्किल हो जाता है. 

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सिर्फ चेहरे पर ही नहीं पड़ता असर

क्यूटिस लैक्सा को सिर्फ स्किन की बीमारी समझना सही नहीं है. इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं. 

  • हर्निया होना 
  • जोड़ों का जरूरत से ज्यादा ढीला होना
  • फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं होना
  • दिल की बीमारी होना 

क्यूटिस लैक्सा होने के कारण 

क्यूटिस लैक्सा के अलग-अलग प्रकार होते हैं, लेकिन एक्वायर्ड और इनहेरिटेड ज्यादा इफेक्टिव हैं. इसमें से एक बीमारी दवा या इंफेक्शन होने की वजह से होती है, जबकि दूसरी बीमारी पेरेंट्स को हो जाने की वजह से होती है. यह उन जीन में बदलाव के कारण भी हो सकता है, जो इलास्टिन को काम करने में मदद करते हैं.

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क्यूटिस लैक्सा होने के लक्षण 

  • बूढ़ा दिखाई देना
  • चीजें सीखने में देरी होना
  • ग्रोथ धीरे-धीरे होना
  • रीढ़ की हड्डी इफेक्ट होना
  • स्किन लचीली हो जाना  

क्या इस बीमारी को रोका जा सकता है? 

अभी साइंस इस बीमारी का सही इलाज तलाश कर रहा है. फिलहाल यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाए, इस बात की कोई गारंटी नहीं है. इन बदलावों को रोकने के लिए डॉक्टर भी पूरी तरह से कुछ नहीं कर सकता.

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Soure- ncbi

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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