एक्टर Mushtaq Khan की कैंसर से जंग लड़ते हुए गई जान, पेट दर्द की शिकायत के साथ गए थे हॉस्पिटल, जांच में सामने आया Cancer

Mushtaq Khan News: एक्टर मुश्ताक खान को पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल लेकर जाया गया था जहां कैंसर रिलैप्स होने का पता चला और मुश्ताक कैंसर से जंग हार गए.

Mushtaq Khan Death

Mushtaq Khan Death Cause: किस कैंसर से गई मुश्ताक खान की जान, जानिए यहां. Image Credits - AI, IMDb

Mushtaq Khan Death: बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान ने गुरुवार शाम अपनी आखिरी सांसें लीं. मुंबई के नानावती अस्पताल में शाम 7 बजे के करीब मुश्ताक खान का निधन हो गया. मुश्ताक ने पेट में दर्द की शिकायत की थी और जब उन्हें अस्पताल लेकर जाया गया तो पता चला कि उन्हें कैंसर है. अगले कुछ दिनों में मुश्ताक की तबीयत और बिगड़ गई. मुश्ताक के बेटे ने मीडिया को यह जानकारी दी कि अस्पताल आने से पहले वे बिल्कुल ठीक थे और सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे की डेब्यू फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन प्रेसिडेंट सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने स्क्रीन को बताया कि मुश्ताक खान को 5 साल पहले कैंसर हुआ था और यही कैंसर 2 हफ्ते पहले रिलैप्स हो गया था.

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कैंसर रिलैप्स ने ली जान

मुश्ताक खान को फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) था लेकिन वे कैंसर फ्री हो चुके थे. अब एकबार फिर कैंसर रिलैप्स हुआ तो पता चला कि मुश्ताक कैंसर की लास्ट स्टेज में थे. फेफड़ों के कैंसर के लौटने के कारण ही मुश्ताक की तबीयत बिगड़ी थी और अस्पताल में वे कैंसर से जंग हार गए.

क्या होता है फेफड़ों का कैंसर

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फेफड़ों का कैंसर वो कैंसर है जिसमें कैंसर के एब्नॉर्मल सेल्स फेफड़ों में पनपना शुरू होते हैं. यही सेल्स शरीर के अन्य अंगों तक फैल सकते हैं. फेफड़ों के कैंसर के आमतौर पर 2 प्रकार होते हैं, नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और स्मॉल सेल लंग कैंसर. नॉन-स्मॉल लंग कैंसर ज्यादा कॉमन है और ज्यादा एग्रेसिव भी होता है.

किन लोगों को हो सकता है फेफड़ों का कैंसर

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर का प्राइमरी रिस्क फैक्टर तंबाकू स्मोक करना है. सिगरेट, सिगार या पाइप्स से धूम्रपान करने वाले लोगों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा ज्यादा देखा जाता है. सेकंडहैंड स्मोक से दो-चार हो रहे लोगों को भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है. इसके अलावा, जो लोग घर के बाहर या अंदर वायु प्रदूषण का शिकार होते हैं कैंसर की चपेट में आ सकते हैं. रेडोन एक्सपोजर, काम की जगह पर एबेस्टोस, सिलिका या डीजल एग्जॉस्ट के कारण भी कैंसर का खतरा बढ़ता है. लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से लड़ रहे लोग और जेनेटिक्स के कारण भी फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना रहती है.

फेफड़ों के कैंसर के क्या लक्षण हो सकते हैं

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  • लगातार खांसी आना जो 3-4 हफ्तों से भी ठीक नहीं हो रही है
  • सीने में दर्द होना
  • सांस फूलना
  • खांसते हुए मुंह से खून आना
  • हर समय थकान महसूस होना
  • वजन कम होना
  • फेफड़ों का इंफेक्शन होना जो लंबे समय तक बना रहता है या बार-बार हो जाता है.

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 अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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