ऑटोइम्यून डिजीज क्या होती है? एक्सपर्ट उमा कुमार ने बताया क्यों बच्चों को जरूरत से ज्यादा सुरक्षित रखना भी है खतरा

Autoimmune Disease: ऑटोइम्यून डिजीज क्या होती है और यह कैसे शरीर को नुकसान पहुंचाती है? एक्सपर्ट उमा कुमार बता रही हैं कि बच्चों को जरूरत से ज्यादा सुरक्षित रखने से उनकी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. पढ़िये दिल्ली से पल्लवी झा की रिपोर्ट.

what is autoimmune disease causes and symptoms

कितने प्रकार की होती हैं ऑटोइम्यून बीमारियां? Image Credit- News24

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What Causes Autoimmune Disorder: देश में ऑटोइम्यून बीमारियों के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के बदलाव का भी इन रोगों पर असर पड़ता है. कई अध्ययनों और क्लीनिकल ऑब्जर्वेशन में यह सामने आया है कि गर्मियों की तुलना में सर्दियों के मौसम में ऑटोइम्यून बीमारियों के मामले ज्यादा बढ़ जाते हैं. एम्स में नई दिल्ली के रूमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉक्टर उमा कुमार का कहना है कि ठंड के मौसम में ऐसे मरीजों की संख्या अस्पतालों में ज्यादा देखने को मिलती है, जिनकी इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियां सक्रिय हो जाती हैं.

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ऑटोइम्यून डिजीज क्या होती है?

एक्सपर्ट उमा कुमार का कहना है कि ऑटोइम्यून रोग वह स्थिति होती है, जब शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली किसी गड़बड़ी के कारण बाहरी वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने के बजाय खुद के स्वस्थ अंगों, ऊतकों और कोशिकाओं को ही दुश्मन समझकर उन पर हमला करने लगती है.

बच्चों को जरूरत से ज्यादा सुरक्षित ना रखें

एक्सपर्ट उमा कुमार का कहना है कि आजकल बच्चों को बहुत अधिक प्रोटेक्टिव माहौल में पाला जा रहा है, जो उनकी प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता के विकास में बाधा बन सकता है. उन्होंने सलाह दी कि जन्म के बाद बच्चों को तुरंत आरओ का पानी देने के बजाय सामान्य स्वच्छ पानी का उपयोग किया जाए और उन्हें प्राकृतिक वातावरण से पूरी तरह अलग ना रखा जाए, ताकि उनका इम्यून सिस्टम मजबूत बन सके.

ऑटोइम्यून बीमारी के सामान्य लक्षण

ऑटोइम्यून बीमारी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर का कौन सा अंग प्रभावित है, लेकिन आमतौर पर मरीजों में लगातार थकान, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सूजन और लालिमा, त्वचा पर रैश, बुखार, सिरदर्द और पाचन से जुड़ी दिक्कतें देखी जाती हैं.

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कितने प्रकार की होती हैं ऑटोइम्यून बीमारियां?

फिलहाल दुनियाभर में 80 से अधिक तरह के ऑटोइम्यून रोग पहचाने जा चुके हैं. इनमें से कुछ के नाम नीचे बताए गए हैं-

  • रूमेटोइड आर्थराइटिस- यह जोड़ों को नुकसान पहुंचाता है.
  • ल्यूपस- यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है.
  • टाइप 1 डायबिटीज- यह इम्यून सिस्टम अग्न्याशय की कोशिकाओं पर हमला करता है.
  • क्रोहन डिजीज- यह पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारी है.
  • मल्टीपल स्केलेरोसिस- यह नर्वस सिस्टम को प्रभावित करने वाला गंभीर रोग है.

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Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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