खर्राटे आते हैं, बार-बार टूटती है नींद तो यह स्लीप एपनिया का हो सकता है संकेत, डॉक्टर ने बताए क्या होते हैं लक्षण

Sleep Apnea Symptoms: एम्स के डॉ. सौरभ मित्तल बता रहे हैं खर्राटे लेना कब स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है. डॉक्टर ने स्लीप एपनिया के लक्षणों का जिक्र किया है. अगर आप भी खर्राटे लेते हैं तो डॉक्टर की यह सलाह सुन लेनी चाहिए.

sleep apnea symptoms

क्या स्लीप एपनिया ठीक हो सकता है? AI Generated Image

Snoring And Sleep Apnea: ज्यादातर लोग खर्राटों को आम समस्या समझते हैं, कुछ ऐसा जिसपर हंसी उड़ाई जाए या पार्टनर को टोका जा सके. लेकिन, खर्राटे असल में किसी बड़ी समस्या की तरफ इशारा भी हो सकते हैं. इसी बारे में बता रहे हैं डॉ. सौरभ मित्तल, असिस्टेंट प्रोफेसर, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन, एम्स नई दिल्ली. डॉ. सौरभ मित्तल का कहना है कि खर्राटे लेना केवल आवाज नहीं बल्कि स्लीप एपनिया का संकेत भी हो सकता है. आइए जानते हैं स्लीप एपनिया क्या है और इसके किन लक्षणों (Sleep Apnea Symptoms) से बचकर रहना जरूरी होता है.

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क्या होता है स्लीप एपनिया

डॉ. सौरभ मित्तल बताते हैं कि स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय बार-बार सांस रुकती है और फिर शुरू होती है. इसका सबसे आम प्रकार है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया.

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया में गले की मांसपेशियां ज्यादा ढीली हो जाती हैं जिसमें सांस की नली संकरी या कभी-कभी पूरी तरह बंद हो जाती है. जब ऐसा होता है तब सांस कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक रुक सकती है. खून में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है. दिमाग तुरंत एक आपात संकेत भेजता है ताकि सांस दोबारा शुरू हो सके. यह प्रक्रिया एक रात में बार-बार, यहां तक कि सैंकड़ों बार भी हो सकती है. इस वजह से नींद बार-बार टूटती है और शरीर को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाता. अक्सर लोगों को इस दिक्कत का एहसास नहीं होता है. वे सुबह उठते हैं, थका हुआ महसूस करते हैं और सोचते हैं कि शायद नींद ठीक से नहीं आई.

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स्लीप एपनिया के लक्षण क्या हैं

  • स्लीप एपनिया में बहुत तेज या लगातार खर्राटे आते हैं, इसमें दम घुटने और हांफने जैसी आवाज आती है
  • सुबह उठते समय मुंह सूखा होना
  • पूरी रात सोने के बाद भी दिन में ज्यादा नींद आना
  • ध्यान लगाने में दिक्कत या याद्दाश्त कम होना
  • सोते समय सांस रुकने की घटना, जिसे आपके पार्टनर ने नोटिस किया हो.

स्लीप एपनिया गंभीर क्यों है

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अगर समय पर इलाज ना किया जाए तो स्लीप एपनिया से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है, हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा, टाइप 2 डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस, डिप्रेशन और चिंता. इसके अलावा, कई गंभीर मामलों में नींद के दौरान अचानक दिल की गति रुक जाना.

स्लीप एपनिया की जांच कैसे होती है

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स्लीप एपनिया की जांच के लिए पॉलीसोमनोग्राफी की जाती है. कुछ मरीजों के लिए घर पर होने वाली सरल जांच उपलब्ध होती है.

स्लीप एपनिया का इलाज कैसे होता है

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  • स्लीप एपनिया के इलाज के लिए CPAP थेरेपी सबसे प्रभावी तरीका है
  • जीवनशैली में प्रभाव जैसे वजन कम करना, सोने से पहले शराब ना पीना और करवट लेकर सोना
  • ओरल डिवाइस का इस्तेमाल किया जा सकता है और कुछ खास मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है

डॉक्टर कहते हैं कि खर्राटे सिर्फ बेडरूम की समस्या नहीं है बल्कि यह एक स्वास्थ समस्या है. लेकिन, समय रहते इस दिक्कत की पहचान और इलाज स्लीप एपनिया को ठीक करने में मददगार हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source - AIIMS

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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