खाने के बाद सीने में जलन और खट्टी डकार से हैं परेशान? एसिडिटी कंट्रोल करने के लिए ऐसी रखें डाइट
अगर आपके भी खाना खाने के बाद जलन होने लगती है. कुछ देर बाद खट्टी डकारें आती हैं तो बाबा रामदेव के बताए टिप्स को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं. कुछ ही दिनों में आपको बहुत ही अच्छा लगेगा.
बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचें. Image Credit- Freepik
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खाना खाने के बाद सीने में जलन, गले में खट्टा पानी आना या बार-बार खट्टी डकार आना काफी परेशान कर सकता है. कई बार लोग इसे नॉर्मल गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर ये लक्षण बार-बार हो रहे हैं तो यह एसिड रिफ्लक्स से जुड़े हो सकते हैं. पेट का एसिड या दूसरी सामग्री वापस खाने की नली की ओर आ सकती है, जिससे हार्टबर्न और खट्टी डकार जैसे लक्षण हो सकते हैं. बाबा रामदेव का कहना है कि योग और आयुर्वेद में भी पाचन को बेहतर रखने के लिए खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देने की बात की जाती है. हालांकि, एसिडिटी को कंट्रोल करने के लिए किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाने से पहले अपनी समस्या के कारण को समझना जरूरी है.
पूरी, पकौड़े, समोसे, फ्रेंच फ्राइज और बहुत ज्यादा तेल में बना खाना कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ा सकता है. बाबा रामदेव का कहना है कि हाई फैट फूड्स से कई तरह की दिक्कत होने लगती हैं. इसलिए खाने में ज्यादा तेल की मात्रा कम रखना बेहतर है.
बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचें
अगर मिर्च-मसाले वाला खाना खाने के बाद आपकी सीने की जलन बढ़ जाती है तो इसे अपनी डाइट से कम करने की कोशिश करें. हालांकि, हर इंसान की स्किन सेंसिटिव होती है, इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि कौन-सा खाना आपको ज्यादा परेशानी देता है.
खट्टे और एसिडिक फूड्स पर ध्यान देना
नींबू, संतरा, टमाटर और उनसे बने कुछ खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में हार्टबर्न को बढ़ा सकते हैं. इसलिए अगर इनके सेवन के बाद जलन बढ़ती है तो उसकी क्वालिटी कम करना इस्तेमाल हो सकता है. हालांकि, हर इंसान को इन चीजों से परेशानी हो, यह जरूरी नहीं है.
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पेट साफ करने के लिए मुलेठी का काढ़ा पिएं
पेट और गैस को कम करने के लिए मुलेठी का काढ़ा पिएं. मुलेठी आपको आसानी से मिल जाएगी, जिसे पेट साफ आसानी से किया जा सकता है. काढ़ा बनाने के लिए 10 ग्राम मुलेठी को दो गिलास पानी में रात भर भिगोकर रखें. सुबह उस पानी को उबालें और जब पानी एक-चौथाई रह जाए तो उसे हल्का गर्म होने पर पिएं. मुलेठी पेट की बीमारियों जैसे एसिडिटी, अल्सर, अल्सरेटिव कोलाइटिस या आंतों में किसी भी तरह की सूजन या इन्फेक्शन को ठीक करने में असरदार है.
एसिडिटी कंट्रोल करने के लिए ऐसी रखें डाइट
डाइट में हेल्दी चीजें और जड़ी बूटियों को भी शामिल कर सकते हैं. आप एलोवेरा जेल, मुलेठी और गिलोय को डाइट का हिस्सा बनाएं. इसके अलावा, जल्दी खाना खाएं और वॉक करें, ताकि खाना आसानी से पच जाए. आप योगासन को अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं, लेकिन बेहतर होगा कि आप बाहर के खाने से बिल्कुल दूर रहें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.