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मिर्गी में दिमाग के अंदर क्या होता है? AIIMS के डॉक्टर ने बताए 5 बड़े बदलाव

मिर्गी दिमाग से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है. इसमें दिमाग की नसों में अचानक बदलाव होता है और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी बढ़ जाती है. इसकी वजह से दौरे पड़ सकते हैं और इंसान के दिमाग पर असर पड़ता है. 

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इसमें दिमाग की नसों में अचानक बदलाव होता है और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से दौरे पड़ सकते हैं. Image Credit-Gemini

मिर्गी यानी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें दिमाग की नर्व सेल्स की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी कुछ समय के लिए नॉर्मल नहीं रहती हैं. इसकी वजह से इंसान को बार-बार दौरे पड़ सकते हैं. दौरे के दौरान शरीर में झटके आने के अलावा बहुत कुछ होता है और याददाश्त या आसपास की चीजों को समझना कम हो जाता है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि मिर्गी के दौरे के समय दिमाग के अंदर आखिर क्या होता है? इसको लेकर एम्स की न्यूरोलॉजी विभाग की डॉक्टर मंजरी त्रिपाठी का कहना है कि दिमाग की कोशिकाओं में कई तरह के बदलाव आते हैं और बार-बार दौरे पड़ने लगते हैं. इससे इंसान की दिमागी हालत बेकार होने लगती है. ऐसे में आइए जानते हैं इस दौरान इंसान को किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. 

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मिर्गी क्या होती है?

मिर्गी दिमाग से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है. इसमें दिमाग की नसों में अचानक बदलाव होता है और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी बढ़ जाती है. इसकी वजह से दौरे पड़ सकते हैं और इंसान को कुछ परेशानियां नजर आ सकती हैं. 

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मिर्गी के लक्षण

  • अचानक हाथ-पैर में झटके लगना 
  • बेहोश होना 
  • बातों को समझने में परेशानी
  • अजीब आवाज हो जाना 
  • मुंह से झाग आना या जीभ कट जाना

दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी अचानक बढ़ना 

हमारे दिमाग की नर्व सेल्स यानी न्यूरॉन्स एक-दूसरे से इलेक्ट्रिकल और केमिकल सिग्नल के जरिए बात करते हैं. मिर्गी के दौरान न्यूरॉन्स का ग्रुप अचानक बदलने लगता है और बहुत ज्यादा इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी करने लगता है. यह एक्टिविटी दिमाग के एक हिस्से को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. 

शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर असर दिखना 

दिमाग का हर हिस्सा शरीर और अलग-अलग कामों को कंट्रोल करता है. इसलिए दौरे के दौरान इफेक्ट हिस्से के आधार पर लक्षण भी अलग हो सकते हैं. किसी इंसान में हाथ-पैर में झटके दिखाई दे सकते हैं, जबकि कुछ लोगों में दिमाग काम करना बंद कर देता है. 

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कुछ समय के लिए याददाश्त पर असर दिखना 

दौरे के दौरान अगर दिमाग का वह हिस्सा इफेक्ट होता है. यह मेमोरी से जुड़ा है और इंसान की कुछ वक्त के लिए पहचान छीन लेता है. दौरा खत्म होने के बाद भी कुछ लोगों को थोड़ी देर तक कन्फ्यूजन, नींद या थकान महसूस हो सकती है. 

मरीज की गर्दन मुड़ जाना 

इस दौरान गर्दन मुड़ जाती है और इंसान खो जाता है. दिमाग पर असर होने पर बोलना भी बंद कर सकता है, लेकिन ऐसा सिर्फ कुछ देर के लिए होता है. अगर सही वक्त पर ध्यान दे दिया जाए तो इंसान नॉर्मल बहुत ही जल्दी होने लगता है. 

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क्या मरीज को जूता या मोजा सूंघना चाहिए?

इसको लेकर डॉक्टर का कहना है कि यह एक गलत धारणा है और इस दौरान मरीज को जूते या मोजे नहीं सुंघाना चाहिए. यह खुद ही 2 मिनट के अंदर बंद हो जाता है और मरीज को करवट दिला दें. इस दौरान कुछ न खिलाएं और अगर शर्ट का बटन लगा है तो उसे खोल दें. 

इसे कैसे किया जा सकता है ठीक?

इसका इलाज दवा से किया जा सकता है, लेकिन पहले टेस्ट के आधार पर इसकी पहचान की जाती है. इसके बाद ही इलाज शुरू किया जाता है और अगर मिर्गी ज्यादा गंभीर नहीं है तो योग से इसका इलाज किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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