बुखार के साथ आंखें घुमाने पर दर्द होना किस बीमारी का लक्षण है? जानिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना क्यों है जरूरी

Fever And Eye Pain: बुखार के साथ ही आंखों के पीछे दर्द और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण नजर आते हैं तो हो सकता है आप इस बीमारी के शिकार हो गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कौन सी है यह बीमारी और इससे किस तरह बचकर रहा जा सकता है.

Pain Behind Eyes Reasons

आंखों की पीछे क्यों होता है दर्द, जानिए क्या हो सकती है वजह. Image Credits - AI

Pain Behind Eyes Reason: बुखार आने को ज्यादातर लोग हल्के में लेते हैं. लगता है कि सिर्फ बुखार ही है और इसीलिए आम दवा ले लेना या घर पर ही केमिस्ट से लाई दवा ले लेना काफी होता है. लेकिन, यही बुखार (Fever) किसी गंभीर बीमारी का पहला लक्षण भी हो सकता है. खासकर तब जब बुखार के साथ ही शरीर में अन्य दिक्कतें भी होने लगें. बुखार आना, आंखें घुमाने पर दर्द होना और शरीर पर लाल चकत्ते दिखना किस बीमारी का लक्षण है यह बता रहा है स्वास्थ्य मंत्रालय. जानिए किस स्थिति में इन लक्षणों को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए.

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बुखार और आंखें घुमाने पर दर्द होना

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुखार के साथ ही आंखें घुमाने पर दर्द होना, सिर में दर्द होना, पीठ और जोड़ों में दर्द होना, शरीर पर लाल चकत्ते निकल आना और गंभीर मामलों में मसूड़ों और नाक से खून आना डेंगू का लक्षण (Dengue Symptoms) होता है. डेंगू के ये लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना और खून की जांच करवाना जरूरी होता है.

अपनी चपेट में कैसे लेता है डेंगू

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डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलती है. पानी के बर्तन, टायर, कूलर, टंकी या बेकार पड़ी वस्तुओं आदि में जमा पानी में डेंगू के मच्छर पनप सकते हैं. इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं इसीलिए खासतौर से दिन में मच्छरों से बचकर रहना जरूरी है.

मच्छरों से बचकर रहने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहने जा सकते हैं, मच्छर भगाने वाली कॉइल जलाई जा सकती है, क्रीम और मच्छरदानी का प्रयोग किया जा सकता है. साथ ही, घर के आस-पास पानी जमा ना होने दें, घर में अगर कूलर है तो उसका पानी साफ है या नहीं देखें और अगर जरूरत हो तो कूलर को इस मौसम में सूखा ही चलाएं.

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डेंगू होने पर कैसे रखें अपना ख्याल

डेंगू होने पर डॉक्टर के कहेनुसार इलाज करवाना जरूरी होता है. इसके अलावा, कुछ और बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, डेंगू के मरीजों को पर्याप्त आराम करने पर ध्यान देना चाहिए, अच्छी मात्रा में लिक्विड्स लेने चाहिए और अगर कोई नया लक्षण नजर आता है तो डॉक्टर को दिखाने में देरी नहीं करनी चाहिए.

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किन लोगों को अपना शिकार बनाता है डेंगू मच्छर

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पानी के जमाव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों में डेंगू का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में लोगों को अपना ख्याल रखने के लिए निजी स्तर पर डेंगू से बचाव के तरीके अपनाने जरूरी होते हैं. घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखे जा सकते हैं जिससे घर में मच्छर ना आएं, मस्कीटो रेपलेंट क्रीम लगाकर बाहर निकल सकते हैं और डेंगू के सीजन में पूरे हाथ-पैरों वाले ढके कपड़े पहन सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source - Health Ministry, WHO

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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