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Urology Awareness Month 2026: ब्लैडर कंट्रोल करने में क्यों होती है दिक्कत? जानिए पेशाब की लीकेज के क्या कारण हैं

Urine Leakage Causes: राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, यूएस ने बताया है कि ब्लैडर की दिक्कतों यानी मूत्राशय की दिक्कतों में कैसे लक्षण नजर आते हैं और पेशाब की लीकेज क्यों होती हैं.

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ब्लैडर कंट्रोल ना कर पाने पर शरीर में दिखते हैं ये लक्षण. AI Generated Image

Peshab Ki Leakage Hona: ब्लैडर कंट्रोल करने में दिक्कत आने पर पेशाब की लीकेज (Urine Leakage) होने लगती है यानी बिना चाहते हुए भी व्यक्ति का पेशाब निकल जाता है. यह एक गंभीर दिक्कत है जिसे यूरनरी इनकोन्टिनेंस (Urinary Incontinence) कहते हैं. महिलाएं और पुरुष दोनों ही पेशाब लीक होने की दिक्कत से दोचार होते हैं. ब्लैडर कंट्रोल करने की दिक्कतें कई तरह की हो सकती हैं, जैसे स्ट्रेस इनकोन्टिनेंस, अरजेंसी इनकोन्टिनेंस, रिफ्लेक्स इनकोन्टिनेंस, ओवरफ्लो इनकोन्टिनेंस, फंक्शनल इनकोन्टिनेंस, टेम्पररी इनकोन्टिनेंस या फिर बिस्तर गीला करना यानी बेडवेटिंग. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि ब्लैडर कंट्रोल करने में परेशानी क्यों आती है जिससे समस्या की जड़ तक पहुंचकर इसे ठीक किया जा सके. राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH), यूएस के डाटा के अनुसार, जानिए ब्लैडर कंट्रोल करने में दिक्कत क्यों आती है और महिलाओं और पुरुषों में पेशाब की लीकेज क्यों होती है.

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ब्लैडर कंट्रोल करने में दिक्कत क्यों आती है

सेहत से जुड़ी दिक्कतें, नर्वस सिस्टम और लाइफस्टाइल फैक्टर्स भी ब्लैडर कंट्रोल से जुड़ी परेशानियों की वजह बन सकती हैं, जैसे –

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लाइफस्टाइल से जुड़ी दिक्कतें और बीमारियां – एजिंग, ब्लैडर इंफेक्शन, कब्ज, ब्लॉक्ड यूरिनरी ट्रैक्ट जैसे पथरी के कारण, क्रोनिक या लंबे समय से होने वाली खांसी, डायबिटीज, मोटापा या अन्य यूरिनरी दिक्कतें.

नर्वस सिस्टम की दिक्कतें – नर्वस सिस्टम में होने वाली दिक्कतें भी यूरिनरी इनकोन्टिनेंस यानी ब्लैडर कंट्रोल करने में दिक्कत या पेशाब की लीकेज की वजह बन सकती हैं. अगर दिमाग से यूरिनरी ट्रैक्ट तक सिग्नल नहीं पहुंचता है तो ऐसा हो सकता है.

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ब्लैडर नर्व्स और मसल्स का डैमेज होना – ब्लैडर नर्व्स और मसल्स डैमेज होने की दिक्कतें डायबिटीज, वैजाइनल चाइल्डबर्थ, प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी, स्ट्रोक या ब्रेन और स्पाइनल कोर्ड इंजरी के कारण बढ़ सकती हैं. इससे यूरिनरी कंट्रोल भी कमजोर होने लगता है.

लाइफस्टाइल फैक्टर्स – खाने की खराब आदतों से कब्ज होना और कब्ज के कारण पेशाब की लीकेज बढ़ना, ज्यादा कैफिनेटेड ड्रिंक्स या एल्कोहल का सेवन करना, कुछ दवाओं का सेवन, फिजिकली एक्टिव ना होना और स्मोकिंग करना भी यूरिन की दिक्कतों को बढ़ा सकता है.

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महिलाओं में पेशाब की लीकेज के अन्य कारण

ऊपर बताए गए कारणों के अलावा महिलाओं में कुछ अन्य कारणों के चलते ब्लैडर कंट्रोल कमजोर होने लगता है और पेशाब की लीकेज हो सकती है, जैसे –

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  • प्रेग्नेंसी और बच्चे को जन्म देना
  • ट्रॉमा या कोई चोट के कारण
  • पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स
  • मेनोपॉज
  • पेल्विक फ्लोर की मसल्स कमजोर होना.

पुरुषों में पेशाब की लीकेज के अन्य कारण

नर्वस सिस्टम, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के अलावा पुरुषों में पेशाब की लीकेज का एक बड़ा कारण प्रोस्टेट की दिक्कतें हो सकती हैं. पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि में दिक्कतें, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, पेशाब की धार का धीमा होना और ब्लैडर का ठीक तरह से खाली ना हो पाना पेशाब की लीकेज का कारण बन सकता है.

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यह भी पढ़ें- घर पर खुद ब्लड प्रेशर कैसे चेक करें? WHO ने शेयर किया तरीका, कहा इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- NIH

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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