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खांसी ही नहीं बल्कि ये 7 दिक्कतें भी हो सकती हैं टीबी का लक्षण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए TB Symptoms

Warning Signs Of TB: स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार टीबी एक खतरनाक बीमारी है जिसका जितना जल्दी पता लगा लिया जाए उतनी ही तेजी से इलाज शुरू किया जा सकता है और बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है. ऐसे में यहां जानिए क्या हैं टीबी के लक्षण.

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TB की बीमारी की शुरुआत कैसे होती है? AI Generated Image

TB Symptoms: ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है. टीबी फेफड़ों से शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है. कुछ लोगों में इनएक्टिव टीबी होता है जिसके लक्षण शरीर पर नहीं दिखते हैं. इसका अगर समय पर इलाज कर लिया जाए और एंटीबायोटिक्स लेने शुरू कर दिए जाएं तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है. लेकिन, इससे उलट अगर एक्टिव टीबी का इलाज ना किया जाए तो यह सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, टीबी होने पर जल्द जांच से उपचार में तेजी आती है. इससे गंभीर बीमारी का खतरा भी कम होता है. ऐसे में यहां जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार टीबी के क्या लक्षण (TB Ke Lakshan) होते हैं और किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है.

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टीबी के क्या लक्षण होते हैं

टीबी का एक आम लक्षण है खांसी होना. लगातार 2 हफ्तों से ज्यादा खांसी होना और ठीक ना होना टीबी का लक्षण हो सकता है. लेकिन, खांसी के अलावा भी कुछ ऐसे लक्षण हैं जो टीबी में नजर आ सकते हैं, जैसे –

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  • रात के समय पसीने आना
  • सीने में दर्द होना
  • रात के समय बुखार आना
  • सांस फूलना
  • शरीर में हर समय थकान महसूस होना
  • बलगम में खून आना
  • बिना किसी कारण वजन कम होना शुरू हो जाना.

किन समूहों में टीबी का खतरा अधिक होता है

  • पिछले 5 वर्षों में जिसे टीबी हुआ हो
  • 60 वर्ष या उससे अधिक आयु
  • धू्म्रपान या शराब का सेवन करने वाले
  • कुपोषित जिनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो
  • वे जो टीबी रोगी के साथ रहते हों
  • मधुमेह रोगी
  • एच.आई.वी से पीड़ित लोग

इनमें से किसी भी व्यक्ति को टीबी के लक्षण नजर आएं तो उसे जांच में देरी नहीं करवानी चाहिए.

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टीबी के मरीज के लिए पोषण की जरूरत

पौष्टिक आहार टीबी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार साबित होता है. अगर पौष्टिक आहार लिया जाए तो इससे टीबी के इलाज में बेहतर परिणाम नजर आता है और रिकवरी भी तेज हो जाती है.

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टीबी के मरीज को खाने में एनर्जी, मैक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फैट्स चाहिए होते हैं. इसके अलावा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे विटामिन, खनिज और ट्रेस एलिमेंट्स की जरूरत होती है.

एक्टिव टीबी के मरीज की पोषण की जरूरत अलग-अलग हो सकती है. यह जरूरत मरीज की उम्र, लिंग और उनकी एक्टिविटी लेवल्स पर निर्भर करती है.

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स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अगर टीबी के मरीज को अच्छा पोषण मिले तो इससे वजन बढ़ने में मदद मिलती है, मसल स्ट्रेंथ बढ़ती है और जीवन जीने की क्वालिटी बेहतर होती है. इसके अलावा, मौत की दर कम होने और बीमारी की जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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Source - Health Ministry 

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Know More: Editorial Guidelines

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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