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बारिश के पानी में पैर डुबाना बन सकता है खतरा! लेप्टोस्पायरोसिस के शिकार हो सकते हैं आप, यहां जानिए लक्षण

Monsoon Disease: बारिश के गंदे पानी से गंभीर संक्रमण हो सकता है जो ना सिर्फ त्वचा बल्कि शरीर के अंगों को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में यहां जानिए इस संक्रमण के लक्षण कैसे दिखते हैं और इससे बचने के लिए क्या करें.

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बरसात के पानी में पैर रखना बन सकता है खतरनाक.

Leptospirosis In Monsoon: मानसून में जब-तब कभी भी बारिश आ सकती है. इस बारिश के कारण नदी-नाले ही नहीं बल्कि घर के बाहर की सड़क भी पानी से भर जाती है. यह पानी घंटों तक जमा रहता है और लोगों को इसमें पैर डुबोकर ही रास्ता नापना पड़ता है. मेट्रो से उतरकर या ऑफिस के नीचे भी बारिश का गंदा पानी नजर आता है. ज्यादातर लोगों को लगता है कि बारिश के पानी में अगर पैर डुब जाए या कहें गीला हो जाए तो ज्यादा से ज्यादा खुजली होगी, लेकिन पानी में इस तरह पैर जाने पर एक गंभीर संक्रमण लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) भी हो सकता है. यहां जानिए क्या है लेप्टोस्पायरोसिस और इसके लक्षण कैसे नजर आते हैं.

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क्या है लेप्टोस्पायरोसिस | What Is Leptospirosis

बारिश के गंदे पानी के संपर्क में आने पर लेप्टोस्पायरोसिस हो सकता है. यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो लेपटोस्पिरा नामक बैक्टीरिया के कारण होता है. यह बैक्टीरिया संक्रमित कुत्तों, चूहों या दूसरे जानवरों के पेशाब से दूषित पानी और मिट्टी में पाया जाता है. अगर आपके पैरों पर किसी तरह की खरोंच है, छाला निकला है या फिर कट लग गया है तो बारिश के पानी में कदम रखने पर यह बैक्टीरिया आपके शरीर में जा सकता है. गंभीर मामलों में इस बैक्टीरिया का संक्रमण किडनी और लिवर ही नहीं बल्कि फेफड़ों तक भी फैल सकता है.

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लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण (Leptospirosis Symptoms)

लेप्टोस्पायरोसिस के संपर्क में आने के 2 से 14 दिनों के भीतर ये लक्षण नजर आ सकते हैं –

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  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • ठंड लगना
  • आंखों का लाल हो जाना
  • उल्टी या मतली आना
  • कमजोरी और थकान महसूस होना
  • लिवर, फेफड़ों और किडनी की दिक्कतें भी हो सकती हैं

कैसे रहें लेप्टोस्पायरोसिस से बचकर

बारिश के पानी से लेप्टोस्पायरोसिस के अलावा फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन, दाद, खुजली, लाल चकत्ते और नाखूनों में इंफेक्शन भी हो सकते हैं. ऐसे में लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के लिए जितना हो सके गंदे और रुके हुए पानी में पैर रखने से बचें, वाटरप्रूफ जूते पहनें, पैर बारिश के पानी से गीले हो जाएं तो उन्हें साफ पानी से धोकर अच्छे से सुखा लें. अगर बुखार आ गया है तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी ना करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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