शरीर पर दिखने वाले ये 6 संकेत बताते हैं आपको नींद की जरूरत है, स्लीप मेडिसिन फिजीशियन ने बताए लक्षण

Neend Ki Kami Ke Lakshan: नींद पूरी ना होने पर शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है. यह संकेत बताते हैं कि शरीर को नींद की जरूरत है. ऐसे में डॉक्टर का कहना है कि इन लक्षणों को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए.

Neend Ki kami ke lakshan

नींद की कमी होने पर कैसे लक्षण दिखते हैं?

Sleep Deprivation Signs: नींद की कमी सिर्फ नींद आते रहने से ही नहीं पता चलती है बल्कि शरीर ऐसे भी कई संकेत दे देता है जो बताते हैं कि आपके शरीर को नींद की जरूरत है. नींद की कमी एक नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह बन सकती है. अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए गए एक पोस्ट में स्लीप मेडिसिन फिजीशियन डॉ. अबिनाश जोशी ने इस बात का जिक्र किया है कि जब शरीर को नींद की जरूरत होती है तो कौन-कौन से लक्षण नजर आने लगते हैं.

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ये संकेत बताते हैं शरीर को नींद चाहिए

5 मिनट में नींद लग जाना

डॉक्टर बताते हैं कि अगर बिस्तर पर सिर रखते ही 5 मिनट में नींद आ जाती है तो यह गुड स्लीपर होने की निशानी नहीं है बल्कि हो सकता है कि यह आपके शरीर की पुकार हो कि आपको नींद चाहिए. एक वेल रेस्टेड ब्रेन को नींद लेने के लिए 10 से 20 मिनट लगते हैं. इससे पहले अगर नींद आ जाती है तो यह एक रेड फ्लैग है.

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अगर सिर्फ कॉफी से फंक्शनल रहते हैं

अगर आप सिर्फ कॉफी के भरोसे ही बिना सोये अपना दिन काट रहे हैं तो आप कॉफी पर्सन नहीं है, बल्कि आप अपनी नींद की कमी को छिपा रहे हैं. कैफीन उन केमिकल्स को ब्लॉक करते हैं जो आपको थकान महसूस करवाते हैं. ऐसे में कॉफी आपको एनर्जी नहीं दे रही है बल्कि थकान होने से रोक रही है.

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अगर खर्राटे लेकर सोने पर भी एग्जॉस्टेड लगे

अगर आप खर्राटे लेकर नींद लेते हैं और उठने के बाद भी आपको एग्जॉस्टेड फील होता है तो हो सकता है कि आपको ऐसा लगे कि आपकी नींद पूरी है लेकिन यह आपके ब्रेन तक ऑक्सीजन ना जाने का संकेत हो सकता है. डॉक्टर बताते हैं कि स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) से ग्रस्त 80% लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उन्हें स्लीप एपनिया है.

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अगर हर दिन दोपहर में नींद आती है

अगर आपको हर दिन दोपहर में नींद आती है तो यह लंच कोमा नहीं है. यह आपका शरीर है जो आपको बता रहा है कि आपकी नींद रात में पूरी नहीं हुई है. टूटती हुई नींद और स्लीप एपनिया जैसी दिक्कतें इसकी वजह हो सकती हैं.

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बात-बात पर मूड बिगड़ना

हर छोटी-बड़ी बात पर आपका मूड बिगड़ जाता है तो स्ट्रेस को दोष देने से पहले अपनी नींद पर नजर डालें. नींद की कमी से आपके दिमाग के इमोशनल हिस्से को नुकसान हो सकता है.

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बातें भूलना

अगर आप बातें भूलने लगे हैं तो यह उम्र बढ़ने के कारण ही नहीं बल्कि आपकी नींद की कमी के चलते हो सकता है. नींद की कमी होने पर दिमाग में 1 से 10 सेकंड के बीच ब्लैकआउट हो सकता है. ऐसे में अगर ब्लैकआउट के दौरान आपने कुछ काम किया है तो हो सकता है आपका दिमाग उस काम को रजिस्टर ही ना कर सके.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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