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पीलिया होने पर दिख सकते हैं ये 7 लक्षण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कैसे ठीक होती है Jaundice की दिक्कत

Jaundice Symptoms: पीलिया होने पर त्वचा पीली पड़ जाती है लेकिन त्वचा के पीले पड़ने के अलावा भी ऐसे कुछ लक्षण हैं जो नजर आ सकते हैं. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR), स्वास्थ्य मंत्रालय से जानिए पीलिया होने पर शरीर में कौन-कौन सी दिक्कतें होती हैं.

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पीलिया होने पर कैसे लक्षण दिखते हैं, जानिए यहां. Image Credits - AI

Piliya Ke Lakshan: लोग अक्सर ही पीलिया को त्वचा की दिक्कत समझ लेते हैं जबकि पीलिया त्वचा की नहीं बल्कि लिवर की दिक्कत है. पीलिया खुद एक बीमारी नहीं है बल्कि यह शरीर में होने वाली किसी दूसरी दिक्कत का लक्षण है. ऐसे में पीलिया (Jaundice) की जांच कराकर और इलाज से शरीर की दूसरी दिक्कतों का भी पता चलता है और समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सकता है. पीलिया होने पर त्वचा का रंग पीला तो पड़ता है लेकिन त्वचा पीली दिखे या नहीं इसके अलावा भी कुछ ऐसे लक्षण हैं जो बताते हैं कि पीलिया हो गया है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR), स्वास्थ्य मंत्रालय से जानिए पीलिया के क्या लक्षण होते हैं और इसे कैसे मैनेज किया जाता है.

यह भी पढ़ें – World Breast Cancer Awareness Month: ब्रेस्ट के आसपास होने वाली ये दिक्कतें हो सकती हैं कैंसर का लक्षण, शुरुआती संकेत पहचानें इस तरह

पीलिया के क्या लक्षण हैं

  • वायरल बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखने लगते हैं
  • भूख नहीं लगती है
  • जी मिचलाने लगता है और उल्टी आती है
  • पेशाब का रंग गहरा पीला नजर आता है
  • पेट में दर्द होने लगता है
  • बुखार आता है
  • खुजली होती है और मल का रंग मिट्टी के रंग जैसा दिखता है.

पीलिया में कौन से टेस्ट करवाए जाते हैं

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पीलिया की जांच में सीरम बिलीरुबिन टेस्ट, लिवर एंजाइम टेस्ट, LFT, SGOT, SGPT और SAP टेस्ट किए जा सकते हैं.

पीलिया का इलाज कैसे होता है

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पीलिया आइजोलेटेड रेज्ड बिलिरुबिन – पीलिया हेमोलिटिक डिजीज में फॉलिक एसिड 5mg की टैबलेट ली जाती है और हेमोटोलॉजिस्ट को दिखाया जाता है. कोंजिनिटल हाइपरबिलिरुबिनेमिया में हायर सेंटल में जांच होती है और नॉर्मल डाइट ली जाती है.

ऑब्सट्रक्टिव जॉन्डिस – अगर मरीज को बुखार होता है या TLC ज्यादा हो तो IV एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं. मरीज डिहाइड्रेटेड हो तो उसे IV फ्लुइड्स दिए जाते हैं. मरीज को CT स्कैन या MRCP वाले सेंटर भेजा जाता है. डाइट नॉर्मल रहती है.

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लिवर पैरेन्काइमल रोग – वायरल हेपेटाइटिस में, एल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस में और ओटोइम्यून हेपेटाइटिस में लिवर पैरेन्काइमल रोग होता है. इसमें लिवर को क्षति हो जाती है. इसके इलाज में हाइड्रेशन मेंटेन किया जाता है, डाइट नॉर्मल ली जाती है. स्पेसिफिक इंफेक्शंस को ट्रीट किया जाता है. एल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस के लिए थियामिन लिया जाता है. एल्कोहल का सेवन बंद किया जाता है और डॉक्टर की बताई दवा ली जाती है.

सिस्टेमेटिक इंफेक्शंस – इसमें पीलिया के साथ कॉम्प्लिकेटेड मलेरिया, एंटेरिक फीवर, डेंगु बुखार, स्क्रब टाइफस या लेप्टोस्पाइरोसिस हो सकता है. इसके इलाज में सिस्टेमेटिक इंफेक्शन को ट्रीट किया जाता है और नॉर्मल डाइट ली जाती है.

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इन ट्रिगर्स पर रखें नजर

अगर INR 1.5 से ज्यादा हो या बढ़ रहा हो तो यह लिवर फेलियर का संकेत हो सकता है. इसके अलावा, अल्टर्ड सेंसोरियम, ब्लीडिंग, बार-बार उल्टी होना या डिहाइड्रेशन होना या ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा कम होने जैसे ट्रिगर्स दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.

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यह भी पढ़ें – कैसे पता चलेगा अर्थराइटिस हो गया है? AIIMS से जानिए लक्षण, इसके प्रकार और दर्द कम करने का तरीका

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - ICMR

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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