Arthritis Symptoms: अक्सर लोग लंबे समय तक जोड़ों में दर्द की शिकायत से दो-चार होते हैं लेकिन इसका कारण समझ नहीं पाते और इसे बढ़ती उम्र की दिक्कत समझ लेते हैं जबकि यह अर्थराइटिस के चलते भी हो सकता है. अर्थराइटिस शरीर की किसी भी हड्डी के किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है लेकिन ज्यादातर घुटनों और हाथों की हड्डियों में होता है. ऐसे में AIIMS से जानिए कि अर्थराइटिस क्या है, इसके साधारण प्रकार कौन से हैं और इसके लक्षण (Gathiya Ke Lakshan) कैसे नजर आते हैं. समय रहते अर्थराइटिस की पहचान हो जाए तो बेहतर इलाज लिया जा सकता है और हड्डियों को ज्यादा नुकसान होने से बचाया जा सकता है.
अर्थराइटिस क्या है
अर्थराइटिस शरीर के एक या उससे ज्यादा जोड़ों की इंफ्लेमेशन और डिजनरेशन है जिसमें सूजन, दर्द और अकड़न होती है और गतिशीलता कम हो जाती है. यह कार्टिलेज के घिसने और टूटने, ओटोइम्यून कंडीशंस या जोड़ों में क्रिस्टल्स के जमने से भी ऐसा होता है.
अर्थराइटिस के साधारण प्रकार कौन से हैं –
रुमोटॉइड अर्थराइटिस – ओटोइम्यून जॉइंट इंफ्लेमेशन से होता है
गाउट – जोड़ों में यूरिक एसिड बिल्ड-अप के कारण होता है
जुवेनाइल अर्थराइटिस – 16 साल से कम बच्चों में इंफ्लेमेटरी, रुमेटिक डिजीज होती है
सोरायटिक अर्थराइटिस – सोराइसिस के कारण होने वाले ओटोइम्यून डिजीज को सोरायटिक अर्थराइटिस कहते हैं
एंकाइलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस – इससे रीढ़ और उससे जुड़ी हड्डियों पर असर पड़ता है.
आर्थराइटिस के क्या लक्षण होते हैं
- अर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द होने लगता है
- जोड़ों के आस-पास की त्वचा लाल हो जाती है
- हाथ-पैरों में गर्माहट या जलन महसूस होती है
- जोड़े सूजने लगते हैं.
अर्थराइटिस के दर्द को कैसे कर सकते हैं मैनेज
अर्थराइटिस का जितना जल्दी पता लगा लिया जाए और जितनी जल्दी ट्रीटमेंट करवा लिया जाए उतना अच्छा होता है. लो इंपैक्ट फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए जैसे हफ्ते में कम से कम 150 मिनट वॉक करना, इसके अलावा योग करना. हेल्दी डाइट लेना, नॉर्मल बॉडी वेट बनाए रखना और ओरल पिल्स या टैबलेट लेना, जेल और क्रीम लगाना फायदेमंद साबित होता है.
अर्थराइटिस होने का खतरा किन लोगों में ज्यादा होता है
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.