Breast Cancer Early Signs: हर साल अक्टूबर के महीने में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्तन कैंसर जागरूकता माह मनाया जाता है. इस महीने को मनाने का उद्देश्य स्तन कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करना, इसके लक्षणों (Breast Cancer Symptoms) को पहचानना सिखाना और इलाज के बेहतर तरीकों के बारे में बताना है जिससे कैंसर के मरीज जल्द से जल्द ट्रीटमेंट करवा सकें. स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है जिससे हर साल लाखों महिलाएं जूझती हैं. इसीलिए इस कैंसर के शुरुआती लक्षण पहचानना बेहद जरूरी होता है. AIIMS ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि महिलाओं के शरीर पर दिखने वाले कौन से लक्षण ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकते हैं. इन लक्षणों की समय रहते पहचान कर ली जाए तो कैंसर को बढ़ने और गंभीर होने से रोका जा सकता है.
स्तन कैंसर के लक्षण कैसे दिखते हैं | Breast Cancer Symptoms Early Stage
- किसी एक स्तन पर या बगलों (Armpits) में गांठ बनना या त्वचा का मोटा हो जाना
- दूध के अलावा निप्पल्स से खून या किसी और तरह का तरल निकलना
- स्तन या निप्पल्स के साइज और आकार में बदलाव नजर आना
- निप्पल्स की पॉजीशन में बदलाव दिखना
- ब्रेस्ट की स्किन का लाल हो जाना या स्किन के ऊपर किसी तरह का रैश नजर आना
- ब्रेस्ट की ओवरलाइन वाली स्किन का अंदर धंसना या मोटा हो जाना
- त्वचा का संतरे के छिलके के टेक्सचर का हो जाना
- निप्पल्स की क्षति होना या कटाव दिखना
इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इस तरह के लक्षणों के दिखने का मतलब सीधेतौर पर यह नहीं है कि व्यक्ति को ब्रेस्ट कैंसर हो गया है, बल्कि ये दिक्कतें होने पर जल्द से जल्द जांच करवाई जानी जरूरी है जिससे समस्या की जड़ तक जाया जा सके.
किन लोगों में होता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा
स्तन कैंसर का पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होता है. WHO के अनुसार, औसतन 99% ब्रेस्ट कैंसर के मामले महिलाओं में नजर आते हैं और 0.5-1% मामले पुरुषों में दिखते हैं. ऐसे में यहां जानिए वो कौन से रिस्क फैक्टर्स (Breast Cancer Risk Factors) हैं जो ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकते हैं –
उम्र का बढ़ना, मोटापा, एल्कोहल का जरूरत से ज्यादा सेवन, ब्रेस्ट कैंसर की पारिवारिक हिस्ट्री, रेडिएशन एक्सपोजर की हिस्ट्री, रिप्रोडक्टिव हिस्ट्री जैसे पीरियड्स की शुरुआत का समय और पहली बार मां बनने की उम्र, तंबाकू का सेवन या पॉस्टमेनोपोजल हार्मोन थेरेपी ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकते हैं.
यह जानना भी जरूरी है कि स्तन कैंसर के 80% मामले उन महिलाओं में दिखते हैं जिनमें उनके महिला होने के अलावा स्तन कैंसर का कोई ऐसा कारक नहीं होता जिसे बदला जा सके.
स्तन कैंसर के लक्षण दिखें तो क्या करना चाहिए
अगर स्तन कैंसर के लक्षण दिखते हैं तो सबसे पहले जांच कराना जरूरी है. मेडिकल एडवाइस लेना और सचमुच कैंसर है या नहीं यह कंफर्म करना जरूरी है. समय-समय पर स्क्रीनिंग करवाते रहना जरूरी है जिससे कैंसर का समय रहते पता लगाया जा सके.
स्तन कैंसर का इलाज कैसे होता है
कैंसर का इलाज उसके सबटाइप और वह कितना फैल गया है और क्या स्टेज (Cancer Stage) है इसपर निर्भर करता है. इलाज में सर्जरी से कैंसर के ट्यूमर को हटाया जाता है, रेडिएशन थेरैपी से कैंसर को फैलने से रोका जाता है. कोशिश की जाती है कि कैंसर की सेल्स को नष्ट कर दिया जाए, इसमें हार्मोनल थेरैपी, कीमोथेरेपी और टार्गेटेड बायोलॉजिकल थेरैपी दी जा सकती है.
ब्रेस्ट कैंसर का पता जितना जल्दी चले उतना ही बेहतर और इफेक्टिव इलाज हो सकता है. इसीलिए अगर स्तन पर या उसके आस-पास कुछ भी अलग नजर आता है, कोई नई गांठ या धब्बा बनता है तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.