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किस बीमारी के बाद हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है? जानिए किन लोगों को सतर्क रहना चाहिए

Heart Attack Risk Factors: हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी कुछ बीमारियां हैं जिनके मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना ही नहीं बल्कि इसके कारण जानना भी जरूरी है.

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हार्ट अटैक कब आ सकता है? Image Credits- AI

Heart Attack Causes: दिल तक जाने वाली धमनियां जब एकदम से ब्लॉक हो जाती हैं या रक्त का प्रवाह बहुत ज्यादा धीमा कर देती हैं तो हार्ट अटैक आ सकता है. लोग अक्सर ही हार्ट अटैक के लक्षणों की बात करते हैं लेकिन उसके कारणों पर ध्यान नहीं देते. अगर हार्ट अटैक के कारण समझ लिए जाएं और समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव और सही इलाज लिया जाए तो हार्ट अटैक से बचा जा सकता है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, ऐसी कुछ बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हें जो हार्ट अटैक के खतरे (Heart Attack Risk) को बढ़ा देती हैं. ऐसे में इन बीमारियों से जूझ रहे लोगों को खासतौर से सावधानी बरतना जरूरी होता है.

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किन बीमारियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

एथेरोस्क्लेरोसिस – धमनियों में रक्त का प्रवाह बाधित होने पर अंगों तक पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है. अगर ऑक्सीजन की जरूरत ज्यादा हो और सप्लाई कम हो तो हार्ट अटैक की संभावना बिना खून का थक्का बने या ब्लॉकेज के भी कई ज्यादा बढ़ जाती है. इसे एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं. एथेरोस्क्लेरोसिस के मरीजों में हार्ट अटैक आने की सभांवना ज्यादा होती है.

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हाई कॉलेस्ट्रोल – अगर लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन LDL कॉलेस्ट्रोल खून में ज्यादा हो, ट्राइग्लिसराइड्स लेवल्स और टोटल कॉलेस्ट्रोल ज्यादा हो तो हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है. यही कॉलेस्ट्रोल रक्त धमनियों को ब्लॉक करने का काम करता है.

लो बल्ड प्रेशर – लो ब्लड प्रेशर में हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन का असामान्य रूप से कम हो जाता है. इससे धमिनयों में ब्लड फ्लो धीमा होता है जिससे हार्ट अटैक आ सकता है.

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हाई ब्लड प्रेशर – हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के कारण रक्त धमनियां डैमेज होने लगती हैं और इस कारण हार्ट अटैक आ सकता है.

डायबिटीज – हार्वर्ड के अनुसार डायबिटीज के मरीजों में भी हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है.

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इन बीमारियों के अलावा, सिगरेट पीना, मोटापा और फिजिकल एक्टिविटी की कमी या लाइफस्टाइल अगर एक्टिव नहीं है तो उससे भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. हार्वर्ड के अनुसार, एथेरोस्क्लेरोसिस यानी हार्ट की ब्लॉकेज के कारण ही ज्यादातर हार्ट अटैक आते हैं और अन्य मेडिकल कंडीशन से हार्ट अटैक आने की संभावना कम होती है.

हार्ट अटैक में छाती में कैसा दर्द उठता है

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हार्ट अटैक के एक सामान्य लक्षण है छाती में दर्द होना. इस दर्द में महसूस होता है कि कुछ है जो छाती को सिंकोड़ रहा है, हैवी फील होता है, दबाव महसूस होता है, कई बार जलन भी होती है. छाती के बीच से दर्द उठता है और पसलियों के नीचे दर्द होने लगता है. बांह, पेट, गर्दन, गले और जबड़े तक दर्द फैल सकता है.

ये भी हैं हार्ट अटैक के लक्षण

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  • एकदम से कमजोरी महसूस होना
  • पसीने छूटना
  • जी मिचलाना और उल्टी आना
  • सांस फूलना
  • सिर घूमना.

कई बार हार्ट अटैक में जब छाती का दर्द (Chest Pain) होता है या जी मिचलाने लगता है और उल्टी आती है तो लोग इसे अपच का लक्षण समझ लेते हैं. ऐसे में अगर आप हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर्स में आते हैं तो आपको खासतौर से इन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - Harvard

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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