Kidney Cancer Symptoms: किडनी शरीर को वो अंग है जिसमें दिक्कत आने लगे तो पूरे शरीर की सेहत बिगड़ सकती है. ऐसे में किडनी का कैंसर हो जाए तो शुरुआत में ही इसके लक्षण पहचानने जरूरी होते हैं. किडनी के कैंसर के लक्षण (Kidney Cancer Ke Lakshan) आमतौर पर साइलेंट होते हैं यानी जल्दी पहचान नहीं आते. आमतौर पर किडनी के कैंसर की शुरुआत में दर्द नहीं होता और जबतक दर्द होता है तबतक कैंसर कई हद तक बढ़ चुका होता है. ऐसे में यहां जानिए किडनी कैंसर के वो कौन से लक्षण हैं जिन्हें समय रहते पहचानना चाहिए और कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है.
किडनी कैंसर के लक्षण कैसे दिखते हैं
पेशाब में खून नजर आना
पेशाब में खून (Blood In Urine) आना किडनी कैंसर का सबसे आम और साफ लक्षण है. अगर पेशाब का रंग गहरा नजर आता है, लाल दिखता है या कहें पेशाब में खून की बूंदे नजर आती हैं तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए.
अगर वजन बिना वजह कम होने लगता है या लगातार कम होने लगता है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है. कैंसर की सेल्स शरीर की ऊर्जा का इस्तेमाल करने लगती हैं जिससे वजन कम होता है.
भूख में कमी आना या कहें भूख मर जाना कैंसर का लक्षण हो सकता है. किडनी में ट्यूमर होने पर मरीज की भूख मर जाती है.
किडनी शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने वाले हार्मोन का निर्माण करती है. कैंसर होने पर यह प्रक्रिया बाधित होती है जिससे शरीर में खून की कमी होने लगती है.
पीठ के निचले हिस्से में गांठ
कमर के ठीक ऊपर गांठ बन जाती है और सूजन होने लगती है. यह ट्यूमर का संकेत हो सकता है.
रात के समय पूरी नींद लेने के बाद भी अगर दिनभर शरीर में थकान रहती है, सुस्ती रहती है और कमजोरी महसूस होती है तो यह ट्यूमर (Kidney Tumor) का संकेत भी हो सकता है.
किडनी के कैंसर में बिना किसी बाहरी दिक्कत के बुखार आ सकता है. अगर लगातार हल्का या तेज बुखार रहने लगा है तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. किडनी के कैंसर में आमतौर पर बुखार रात के समय आता है.
शरीर पर अगर किडनी कैंसर के यहां दिए लक्षण नजर आने लगे हैं तो यूरोलॉजिस्ट से मिलें. यूरोलॉजिस्ट या जनरल फिजीशयन सही जांच से यह कंफर्म कर सकते हैं कि कैंसर है या नहीं. अगर कोई भी दिक्कत 2-3 हफ्ते से ज्यादा बनी रहे तो इग्नोर ना करें.