यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या-क्या नहीं खाना चाहिए? डॉक्टर ने बताया किन चीजों से परहेज करना है बेहद जरूरी

Uric Acid Foods: यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में एक नहीं बल्कि कई दिक्कतें होने लगती हैं. ऐसे में यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाया जा रहा है और क्या नहीं इसका भी खास ख्याल रखना जरूरी होता है. ऐसे में यहां जानिए हाई यूरिक एसिड में किन चीजों से परहेज करना जरूरी है.

Uric Acid Diet

यूरिक एसिड ज्यादा होने पर क्या नहीं खाना चाहिए.

High Uric Acid: यूरिक एसिड शरीर का एक अपशिष्ट पदार्थ है जो प्यूरिन से भरपूर फूड्स खाने के कारण बढ़ता है. यूरिक एसिड को आमतौर पर किडनी फिल्टर करके शरीर से निकाल देती है, लेकिन अगर किडनी यूरिक एसिड नहीं निकाल पाती है तो यह शरीर में फैलने लगता है. यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स शरीर के जौड़ों में जैसे घुटनों, उंगलियों, कलाई और पैर के अंगूठे में खासतौर से जमने लगते हैं. इससे सूजन, दर्द और गाउट (Gout) की दिक्कत हो जाती है. ऐसे में ओर्थोपेडिक सर्जन डॉ. ओबैदुर रहमान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर किया है और बताया है कि हाई यूरिक एसिड में किन चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए. आप भी जानिए डॉक्टर किन फूड्स को ना खाने की सलाह दे रहे हैं.

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यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए

बोतल वाली मीठी ड्रिंक्स – डॉक्टर की सलाह है कि मीठी बोतल वाली ड्रिंक्स पीने से परहेज करना चाहिए क्योंकि इनका हाई फ्रु्क्टोस लेवल सेहत के लिए नुकसानदायक होता है और जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकता है.

बियर – बियर सीधेतौर पर यूरिक एसिड को प्रभावित करती है. इसे पीने पर यूरिक एसिड तो बढ़ता ही है साथ ही जबरदस्त दर्द भी होता है. इसीलिए यूरिक एसिड में बियर या किसी और तरह के एल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए.

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ओर्गन मीट – बहुत से लोग ओर्गन मीट खाना पसंद करते हैं. लेकिन, जिन लोगों को विटामिन बी12 के साथ-साथ यूरिक एसिड की दिक्कत है उनके लिए ओग्रन मीट ठीक नहीं है. ओर्गन मीट में हाई प्यूरिन होता है जो जोड़ों में जाकर क्रिस्टल्स बनाता है. इससे दर्द बढ़ जाता है.

मशरूम – यूरिक एसिड में मशरूम खाने से परहेज करना जरूरी है. 100 ग्राम मशरूम ही 90 से 100 एमजी तक यूरिक एसिड बढ़ा सकता है.

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सीफूड – सार्डिन या मैकेरल जैसा सीफूड यूरिक एसिड को बढ़ाते हैं. इसीलिए इन्हें खाने से बचना चाहिए.

डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि यूरिक एसिड के मरीजों को अपना शुगर इंटेक भी कम करना चाहिए जिससे यूरिक एसिड की दिक्कत कम हो सके.

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हाई यूरिक एसिड के क्या लक्षण होते हैं

  • जोड़ों में सूजन बढ़ जाती है और दर्द रहने लगता है.
  • जोड़े लाल नजर आने लगते हैं और हाथ लगाने पर गर्माहट महसूस होती है.
  • किडनी की दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
  • पेशाब करते हुए जलन हो सकती है और पेशाब में झाग नजर आ सकता है.
  • पैर के अंगूठे में अचानक तेज दर्द होने लगता है.
  • कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है.

कैसे कम होगा यूरिक एसिड

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हाई यूरिक एसिड को कम करने के लिए पानी ज्यादा पीना चाहिए. इससे किडनी को यूरिक एसिड फिल्टर करके निकालने में मदद मिलती है. खानपान में हाई फाइबर फूड्स को शामिल करना चाहिए, प्रोसेस्ड फूड के सेवन से बचना चाहिए और हेल्दी वेट मेंटेन करने की कोशिश करनी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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