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किडनी की दिक्कतों से परेशान हैं तो खाना छोड़ दीजिए ये 5 चीजें, फेल हो सकते हैं गुर्दे

Foods To Avoid In Kidney Disease: खानपान की ऐसी कुछ चीजें हैं जो किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं. अगर पहले ही किडनी की दिक्कतों से परेशान हैं तो इन चीजों को खासतौर से अपनी डाइट से निकाल देना चाहिए.

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किडनी को नुकसान पहुंचाने वाला सबसे खराब भोजन क्या है?

Bad Foods For Kidneys: गुर्दे या किडनी शरीर का वो ओर्गन है जो शरीर को साफ रखते हैं और टॉक्सिंस से बचाते हैं. अगर किडनी ठीक तरह से अपना काम ना कर पाए तो शरीर गंदगी का घर बन जाता है. ऐसे में किडनी की सेहत अच्छी रखना जरूरी होता है. कई बार लोग किडनी की दिक्कतों (Kidney Problems) से परेशान होते हुए भी ऐसी चीजें खा लेते हैं जो किडनी को और ज्यादा खराब करते हैं. इन फूड्स में पौटेशियम की भरपूर मात्रा होती है जिससे खून में मिनरल्स का बिल्ड अप बढ़ जाता है और किडनी और ज्यादा खराब होने लगती है. जिन लोगों की किडनी फेल होने वाली उन्हें इन फूड्स को खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए.

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किडनी की दिक्कतों में क्या नहीं खाना चाहिए

केला – किडनी की दिक्कतों में केला नहीं खाना चाहिए क्योंकि केला पौटेशियम (Potassium) से भरपूर होता है. अगर किडनी खराब होते हुए भी आप केला खाते हैं तो यह आपकी किडनी की बीमारी को बढ़ा सकता है.

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संतरा – विटामिन सी ही नहीं बल्कि पौटेशियम से भी भरपूर होता है संतरा. ऐसे में किडनी की बीमारियों में संतरा खाने से बचना चाहिए. अपनी डाइट में आप संतरे के बजाय किस कम पौटेशियम वाले फ्रूट्स को शामिल कर सकते हैं.

सूखे मेवे – एप्रिकोट्स, खजूर और किशमिश ऐसे सूखे मेवे हैं जो पौटेशियम से भरपूर होते हैं. किडनी फेलियर से जूझ रहे लोगों को खासतौर से इन सूखे मेवों से परहेज करना चाहिए.

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एवोकाडो- एवोकाडो यूं तो स्वादिष्ट होता है लेकिन किडनी की दिक्कतों में एवोकाडो खाने से बचना चाहिए. यह पौटेशियम से भरपूर होता है और दिक्कत को बढ़ा सकता है.

खरबूजा – खरबूजा में पौटेशियम होता है और यह किडनी की दिक्कत बढ़ा सकता है. अगर ज्यादा मात्रा में खरबूजा खा लिया जाए तो किडनी के मरीजों की तबीयत बिगड़ सकती है.

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पौटेशियम से परहेज करना क्यों जरूरी है

सेहत को अच्छा रखने के लिए पौटेशियम का सेवन करना जरूरी होता है. लेकिन, अगर शरीर में पौटेशियम का लेवल बढ़ जाए तो यह हाइपरक्लैमिया का कारण बन सकता है जिससे हर समय शरीर में थकान महसूस हो सकती है, मसल्स में कमजोरी आ सकती है और गंभीर मामलों में दिल की रिदम बिगड़ सकती है. कुछ फलों में पौटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे में जिन लोगों की किडनी खराब है उनके लिए पौटेशियम का सेवन नुकसानदायक हो सकता है.

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किडनी पौटेशियम को साफ नहीं कर पाती है. ऐसे में हेल्दी फूड्स भी नुकसानदायक बन जाते हैं अगर उनमें पौटेशियम ज्यादा हो. एक्स्ट्रा पौटेशियम खून में ही रहता है और फिल्टर होकर शरीर से नहीं निकलता है. हाई पौटेशियम किडनी और दिल तक को प्रभावित करने लगता है. इसीलिए किडनी की दिक्कतों में पौटेशियम के कम सेवन की सलाह दी जाती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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