मोबाइल आज के वक्त में हर किसी की जरूरत है. आज लोग इसपर इतना ज्यादा निर्भर हो गए हैं कि बिना इसके जिंदगी भी मुश्किल हो गई है. बात करने से लेकर, खाना मंगवाने तक, कहीं जाने के लिए हर चीज में आज मोबाइल का इस्तेमाल होता है. यही कारण है कि अगर किसी व्यक्ति के नजर के पास से उसको फोन 10 मिनट के लिए गायब हो जाए, तो वह बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है, भले उस वक्त उसे मोबाइल का काम न हो. आपने अक्सर लोगों को देखा होगा कि वह रातभर फोन चलाते हैं और फिर सो जाते हैं, लेकिन ये आदत आपकी सेहत का क्या हाल कर सकती है, ये जानने के बाद आप भी अपनी आदत बदल लेंगे. आइए जानते हैं कितनी खतरनाक है ये आदत.
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रातभर फोन चलाना सेहत पर कैसा असर डालती है
स्मार्टफोन के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से कई तरह की दिक्कतें पैदा हो सकती हैं, जिनमें नींद की खराब क्वालिटी भी शामिल है. स्मार्टफोन का इस्तेमाल, खासकर सोने से ठीक पहले, नींद के अनुभव को खराब करता है और सीधे तौर पर नींद की क्वालिटी और सेहत पर असर डालता है. PMC द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में पाया गया कि, ‘एनसाइक्लोपीडिया ऑफ बिहेवियरल मेडिसिन’ के अनुसार, नींद की क्वालिटी में खराबी आ सकती है, यानी नींद शुरू होने, नींद बनाए रखने, नींद की मात्रा और जागने पर ताजगी महसूस करने जैसी बातें शामिल हैं. नींद में गड़बड़ी का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है. खराब नींद की क्वालिटी से वजन बढ़ना, मोटापा, मेटाबोलिक सिंड्रोम, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज इनटॉलरेंस और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. नींद की कमी सोचने-समझने की क्षमता पर बुरा असर डालती है और इससे डिप्रेशन, तनाव और एंग्जायटी भी हो सकती है.
नींद की समस्या कैसे ठीक करें?
देर रात तक फोन चलाने के कारण लेट से सोने के आदत बन जाती है, जिस कारण कई लोगों को जल्दी नींद नहीं आती है वह परेशान रहते हैं. लेकिन Harvard के अनुसार, कुछ आसान टिप्स को अपनाकर आप अपनी स्लीप साइकिल ठीक कर सकते हैं.
रोजाना एक्सरसाइज करें: रोज 20-30 मिनट तेज वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें. इससे शरीर की नींद से जुड़ी प्राकृतिक प्रक्रिया बेहतर हो सकती है
बिस्तर का इस्तेमाल सिर्फ सोने के लिए करें: बिस्तर पर फोन चलाना, ऑफिस का काम करना, ईमेल देखना या टीवी देखना कम करें. इससे दिमाग बिस्तर को जागने की जगह से जोड़ सकता है. कोशिश करें कि बिस्तर का इस्तेमाल मुख्य रूप से सोने के लिए हो.
सोने का माहौल बनाएं: बेहतर नींद के लिए बेडरूम शांत, अंधेरा और थोड़ा ठंडा रखें. आरामदायक तापमान और कम रोशनी शरीर को रिलैक्स होने में मदद कर सकती है और जल्दी नींद आ सकती है.
सोने से पहले एक रूटीन बनाएं: हर रात सोने से पहले एक जैसा शांत रूटीन अपनाएं. गुनगुना दूध पीना, नहाना, किताब पढ़ना या धीमा संगीत सुनना दिमाग को संकेत दे सकता है.
रात में बहुत ज्यादा खाना न खाएं: सोने से दो-तीन घंटे पहले भारी खाना खाने से बचें. खाली पेट होने पर भी नींद प्रभावित हो सकती है
कैफीन और शराब से दूरी रखें: रात में कॉफी, चाय, चॉकलेट और कैफीन वाली चीजों का सेवन कम करें.
लगातार परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें: अगर रात में पैरों को हिलाने की तेज इच्छा, तेज खर्राटे या पेट, सीने और गले में जलन जैसी समस्या बार-बार नींद बिगड़ती है, तो डॉक्टर से जांच कराएं.
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