Urinary Tract Infection Home Remedies: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन एक नॉर्मल समस्या है। ये इंफेक्शन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है। अधिकतर महिलाओं को इसका सामना करना पड़ता है। दरअसल, गंदे वॉशरूम का इस्तेमाल करने की वजह से महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन होता है।
कैसे होता है यूरिन इन्फेक्शन
यूरिन इंफेक्शन तब होता है जब यूरिनरी ब्लैडर और उसकी नली संक्रमित हो जाती है, जिसे नॉर्मल भाषा में यूरिनरी ब्लैडर में होने वाली सूजन कहा जाता है। यूरिन इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें लंबे समय से पेशाब रोके रखना, डायबिटीज, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज के समय इंफेक्शन आदि हो सकते है। यूटीआई के लिए डॉक्टर आमतौर पर एंटीबायोटिक लिखते हैं, जो संक्रमण से छुटकारा पाने में मदद करते हैं, लेकिन मेडिसिन के साथ-साथ आप कुछ घरेलू उपाय की मदद भी ले सकते हैं, जो यूटीआई को ठीक करते हैं।
हाइड्रेटेड रहें
यूटीआई के लिए सबसे असरदार घरेलू उपचारों में से एक है अच्छी तरह से अपने शरीर को हाइड्रेट रखना। भरपूर पानी पीने से यूरिनरी ट्रैक्ट से बैक्टीरिया को हटाने में मदद मिलती है और संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया में कमी आती है।
क्रैनबेरी का जूस
क्रैनबेरी में प्रोएन्थोसाइनिडिन (Proanthocyanidin) नामक केमिकल होते हैं। ये बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट की दीवारों पर चिपकने से रोक सकते हैं, जिससे यूटीआई का खतरा कम हो जाता है। बिना चीनी वाला क्रैनबेरी जूस पीने या क्रैनबेरी सप्लीमेंट लेने से बार-बार होने वाले यूटीआई को रोकने में मदद मिल सकती है।
प्रोबायोटिक फूड्स
प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया हैं जो आंत और यूरिनरी ट्रैक्ट में माइक्रो ऑर्गेनिज्म को बनाए रखते हैं। दही जैसे प्रोबायोटिक फूड्स खाने से अच्छे बैक्टीरिया के लेवल को बनाए रखने में मदद मिल सकती है, जिससे यूटीआई का खतरा कम हो जाता है।
ब्लू बैरीज
क्रैनबेरी की तरह, ब्लूबेरी में एंथोसायनिन नामक केमिकल होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। रेगुलर रूप से ब्लूबेरी खाने से यूरिनरी ट्रैक्ट में सूजन के साथ-साथ बैक्टीरिया का खतरा कम हो जाता है।
हल्दी
हल्दी में करक्यूमिन होता है जिसमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। हल्दी वाली चाय पीने से या अपनी डाइट में हल्दी शामिल करने से मूत्र पथ/यूरिनरी ट्रैक्ट में सूजन को कम करने मदद मिलती है।
हाइजीन
अच्छी साफ-सफाई की आदतें अपनाने से यूटीआई को रोकने में मदद मिल सकती है। एनस से यूरिनरी ट्रैक्ट तक बैक्टीरिया को फैलने से रोकने के लिए बाथरूम का यूज करने के बाद हमेशा साफ करें। इसके अलावा, सेक्शुअल एक्टिविटी से पहले और बाद में पेशाब करें, क्योंकि यह इंटरकोर्स के दौरान आए किसी भी बैक्टीरिया को हटाने में मदद करता है।
ये भी पढ़ें- पीलिया में कारगर हैं ये 7 उपाय
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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