Diabetes Effect on Health: शुगर की बीमारी चुपचाप आंख, किडनी और नसों को नुकसान पहुंचा सकती है? जानिए कौन-सी जांच पहचान के लिए जरूरी

शुगर एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है. आइए इस स्टोरी में NIDDK से जानें शुगर की बीमारी के कारण शरीर के कौन से अंगों पर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है, जो व्यक्ति के हेल्थ को बिगाड़ देता है.

Diabetes Effect on Health

डायबिटीज की बामारी क्यों खतरनाक है? (Image: AI/Pexels)

खबर की मुख्य बातें:

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  • डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, क्योंकि शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाता है.
  • NIDDK के अनुसार, डायबिटीज आंख, किडनी, नस और दिल जैसे महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है, साथ ही कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकती है.
  • डायबिटीज के 3 मुख्य प्रकार हैं: टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज और जेस्टेशनल डायबिटीज.
  • HbA1c टेस्ट, फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS) टेस्ट, ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT) और रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट से डायबिटीज का पता लगाया जा सकता है.

बीमारी से दूरी हर कोई चाहता है, लेकिन आज के वक्त में दुनिया की एक बड़ी आबादी जैसी लाइफस्टाइल अपनाई हुई है, जिसमें बाहर का तला-भुना मसालेदार खाना, मीठे ड्रिंक्स का भारी सेवन, लंबे वक्त तक बैठा रहना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी आदि शरीर को अंदर ही अंदर कमजोर बना देती है और तरह-तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार बना देती है. इन्हीं गंभीर बीमारियों में एक है डायबिटीज (Diabetes) की बीमारी है, जिसे ‘मधुमेह’ भी कहा जाता है.

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डायबिटीज की बीमारी दुनिया के उन बीमारियों में से एक है, जिस पर अगर वक्त रहते नजर रखा गया और लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, तो ये बीमारी व्यक्ति को इतना कमजोर बना सकती है कि उसकी मौत तक हो सकती है. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये होती है कि इसके लक्षण अक्सर लोगों को समझ ही नहीं आते हैं और मरीज लक्षणों को नजरअंदाज करता रहता है, जिसका असर ये रहता है कि ये बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर असर डालती रहती है. आइए जानते हैं किन टेस्ट से इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है और शरीर के कौन-कौन से अंगों पर ये हमला करती है.

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कब बन जाते हैं डायबिटीज के मरीज?

NIDDK के अनुसार, डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो तब होती है, जब खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है. ये ग्लूकोज आपके शरीर में एनर्जी पैदा करती है. बता दें कि, इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज में बनता है, यह ग्लूकोज को आपकी सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है ताकि उसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए सही तरीके से किया जा सके. लेकिन डायबिटीज की स्थिति में आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है, बनाना बंद कर देता है या फिर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है. इस समस्या के कारण ग्लूकोज खून में रह जाता है और आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता है.

इस समस्या के कारण खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती रहती है, जिससे शरीर के अन्य अंगों पर असर पड़ने लगता है, जिसे वक्त रहते कंट्रोल में नहीं लिया जाए, तो व्यक्ति की मौत तक हो सकती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि, कई रिपोर्ट्स से मालूम चलता है कि दुनिया में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण डायबिटीज भी है, इसलिए इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से अपनी हेल्थ का ख्याल रखना चाहिए, वरना ये बीमारी बड़ी मुश्किलों में धकेल सकती है. बता दें कि डायबिटीज के 3 प्रकार होते हैं, इनमें;

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  • टाइप 1 डायबिटीज
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • जेस्टेशनल डायबिटीज शामिल हैं.

शरीर के किन अंगों को पहुंच सकता है नुकसान?

अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि डायबिटीज की बीमारी शरीर के किन-किन अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है. NIDDK के अनुसार, इस बीमारी के कारण खून में ग्लूकोज की मात्रा तो बढ़ती ही है, लेकिन साथ ही साथ आंख, किडनी, नस, और दिल पर भी इस बीमारी का असर पड़ता है, जिससे शरीर के इन अंगों की सेहत भी प्रभावित हो जाती है. इतना ही नहीं, शुगर की बीमारी के कारण कुछ तरह के कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है. इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी को जरा भी नजरअंदाज नहीं किया जाए. इतना ही नहीं, डायबिटीज के कारण;

  • पैर
  • कान
  • मुंह
  • खून वाहिकाएं को नुकसान
  • पेट
  • दिमाग
  • यौन स्वास्थ्य
  • स्किन
  • पर भी असर पड़ता है.

क्या डायबिटीज की बीमारी ठीक हो सकती है?

अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि बाकी बीमारियों की तरह क्या शुगर की बीमारी भी दवाओं, अच्छी लाइफस्टाइल से ठीक हो सकती है? सामान्य जानकारी के अनुसार, वैज्ञानिक अभी तक इस बीमारी को ठीक करने जैसा कोई पक्का इलाज नहीं निकाल सके हैं, लेकिन हां! अच्छी लाइफस्टाइल, सही खानपान, नियमित जांच, दवाओं का ठीक से सेवन, एक्सरसाइज आदि चीजों को डेली-रूटीन में शामिल करने से डायबिटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है और इस बीमारी के कारण शरीर पर होने वाले गंभीर असर के खतरे को भी कम किया जा सकता है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति वक्त रहते सही कदम नहीं उठाता है, तो ये बीमारी जान पर हावी हो सकती है और किडनी फेलियर, हार्ट अटैक आदि का भी खतरा बढ़ जाता है.

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डायबिटीज में कौन से टेस्ट कराएं?

लोगों का सवाल रहता है कि शुगर की बीमारी में कौन-कौन से टेस्ट किए जा सकते हैं, ताकि मरीज को मालूम चलता रहे कि उसका शुगर लेवल कंट्रोल में है या नहीं; क्योंकि अगर शुगर लेवल बढ़ा रहता है या बहुत ज्यादा घट जाता है, तो सेहत खराब हो सकती है.

  • HbA1c टेस्ट: यह पिछले 2 से 3 महीनों में आपके औसत ब्लड शुगर लेवल को मापता है. इसके लिए खाली पेट रहने (फास्टिंग) की जरूरत नहीं होती है.
  • फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS) टेस्ट: यह कम से कम 8 घंटे (आमतौर पर रात भर) तक खाली पेट रहने के बाद आपके ब्लड ग्लूकोज लेवल को मापता है.
  • ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT): यह एक विशेष ग्लूकोज लिक्विड पीने से पहले और उसे पीने के 2 घंटे बाद आपके ब्लड शुगर लेवल को मापता है (इसके लिए 8 घंटे तक खाली पेट रहना जरूरी है.
  • रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट: यह दिन के किसी भी समय आपके ब्लड शुगर को मापता है, चाहे आपने आखिरी बार कुछ भी कभी भी खाया हो.

डायबिटीज में कैसे दिखते हैं लक्षण?

अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि डायबिटीज की बीमारी में लक्षण कैसे दिखते हैं? NIDDK के अनुसार, शुगर की बीमारी से पीड़ित मरीज में कुछ आम लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इनमें;

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  • बार-बार पेशाब आना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • खाना खाने के बाद भी बहुत ज्यादा भूख लगना
  • धुंधला दिखाई देना
  • थकान महसूस होना
  • ऐसे घाव जो ठीक न हों
  • बार-बार संक्रमण (इन्फेक्शन) होना, जैसे कि यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, त्वचा का संक्रमण, या यीस्ट इन्फेक्शन आदि शामिल है.

अगर आपको इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच और उनकी सलाह के अनुसार लाइफस्टाइल अपनाना काफी जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

SOURCE: NIDDK

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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