दुनिया में आज हालात ऐसे हैं कि ज्यादातर लोग खतरनाक बीमारियों के शिकार हैं और उससे राहत पाने के लिए रोजाना दवाइयों का सेवन कर रहे हैं. इन्हीं बीमारियों में एक बीमारी है टीबी कि, जिसकी चपेट में आज भी बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं. लेकिन लोगों का सवाल रहता है कि आखिर यह बीमारी होती है कैसे है, क्यों हो जाती है और इसके लक्षण कैसे दिखाई देते है? और साथ ही, इसे ठीक होने में कितना समय लग सकता है. आइए जानते हैं आपके सभी सवालों का जवाब आसान शब्दों में.
यह भी पढ़ें: खसरे ने ली 100 से ज्यादा बच्चों की जान! जानिए क्या है ये बीमारी और कैसे फैलती है?
टीबी की बीमारी क्या है और कैसे लोगों को अपना शिकार बनाती है?
टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है. इसे Tuberculosis कहा जाता है और यह Mycobacterium tuberculosis नाम के बैक्टीरिया से होती है. हालांकि यह सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि दिमाग, हड्डियों और किडनी जैसे अंगों को भी प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे हल्के में लेना बिल्कुल भी ठीक नहीं है.
अब सवाल उठता है कि आखिर यह बीमारी होता कैसे है? यह बीमारी हवा के जरिए फैलती है. जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो उसके मुंह से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदों में बैक्टीरिया होते हैं, जो दूसरे व्यक्ति के शरीर में सांस के जरिए पहुंच जाते हैं और उसे भी धीरे-धीरे अपना शिकार बना लेते हैं. हालांकि, इस बीमारी का खतरा कुछ लोगों में ज्यादा पाया जाता है, जैसे
जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है.
- कुपोषित लोग
- डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग.
- धूम्रपान या शराब का ज्यादा सेवन करने वाले.
- भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन वाली जगहों पर रहने वाले.
टीबी के सामान्य लक्षण क्या है?
- इसके लक्षणों के बारे में बात करें तो इसमें;
- 2 हफ्ते से ज्यादा लगातार खांसी रहना.
- खांसी में खून आना.
- सीने में दर्द महसूस होना.
- बुखार और रात में पसीना.
- बिना किसी कारण खुद ही अचानक वजन तेजी से कम होना.
- कमजोरी और थकान.
रिपोर्ट बताती हैं कि भारत में टीबी का बोझ बहुत ज्यादा है और दुनिया के करीब 25% टीबी मरीज भारत में हैं. हर साल लाखों नए मामले सामने आते हैं.
कितने वक्त में ठीक हो सकता है टीबी की बीमारी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि टीबी की बीमारी आमतौर पर 6 महीनों तक इलाज चलता है, जिसमें मरीज को नियमित रूप से दवाएं चलाई जाती है. पहले 2 महीने के इलाज को इंटेंसिव फेज कहा जाता है और बाद के 4 महीने की ट्रीटमेंट को कंटीनुएशन फेज कहा जाता है. जो भी मरीज इलाज बीच में नहीं छोड़ता, तो ज्यादातर मामलों में टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है. हालांकि, ऐसा भी मुमकिन है कि टीबी दवाओं के प्रति प्रतिरोधी (MDR-TB) हो जाए और उस पर दवाएं बेअसर होने लगे, ऐसे में मरीज का इलाज 9 से 24 महीने तक भी चल सकता है.
यह भी पढ़ें: क्या फ्रूट जूस पीने से आसमान छूने लगेगा आपका ब्लड प्रेशर? जानिए कब बन सकता है जानलेवा?
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
BP अचानक 150 के पार जाते ही होने लगती है घबराहट? इन बातों का रखें खास ध्यान
1 hr agoएक ही महीने में 2 बार पीरियड्स क्यों होते हैं, किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं
4 hrs agoबिना दर्द की गांठ भी हो सकती है कैंसर का संकेत, गलती से न करें इग्नोर
4 hrs agoकिस बीमारी के बाद हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है? जानिए यहां
7 hrs agoLung Cancer Symptoms: ये 6 दिक्कतें हो सकती हैं फेफड़ों के कैंसर का लक्षण
8 hrs agoदुबले-पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो यहां जानिए किस तरह बढ़ाएं वजन
10 hrs agoक्या मुंह में छाले होने का कारण कैंसर है? जानें कब हो सकती है बीमारी
11 hrs agoआखिर मासूम बच्चों को क्यों होता है कैंसर? माता-पिता जरूर जानें ये जरूरी बात
1 day agoबार-बार लगती रहती है भूख? ब्लड शुगर से हो सकता है कनेक्शन
1 day agoरोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं तो जान लें सेहत पर पड़ने वाले ये प्रभाव
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines