मल में खून से लेकर पेट फूलने तक, पेट के कैंसर के लक्षण जानिए यहां, समय रहते इलाज है जरूरी

Blood In Stool Causes: यूएस नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट से जानिए पेट का कैंसर क्या है, इस कैंसर के क्या लक्षण होते हैं और वो कौन से कारक हैं जो इस कैंसर का कारण बनते हैं. यहां उन दिक्कतों का जिक्र किया जा रहा है जो लंबे समय से बनी रहें तो कैंसर की जांच कराना जरूरी होता है.

Stomach Cancer Symptoms

पेट के कैंसर के लक्षण कैसे नजर आते हैं? Image Credits - AI

Stomach Cancer Symptoms: पेट से जुड़ी समस्याएं आम बात हैं और अक्सर ही लोगों को होती रहती हैं. लेकिन, अगर कोई दिक्कत लंबे समय से जस की तस बनी हुई है और ठीक नहीं हो रही है तो यह चिंता की बात हो सकती है. ऐसी कुछ दिक्कतें हैं जो असल में पेट के कैंसर का लक्षण (Pet Ke Cancer ka Lakshan) हो सकती हैं. ऐसे में पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी होता है. यूएस नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के अनुसार, पेट के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं और किन कारणों से यह कैंसर हो सकता है, जानिए यहां. इस लक्षणों को समय रहते पहचानकर ट्यूमर को बढ़ने से रोका जा सकता है.

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पेट के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं

पेट के कैंसर की शुरुआत में आमतौर पर इसके लक्षण नहीं दिखते हैं. जब कैंसर फैलने लगता है और ट्यूमर बढ़ जाता है तब ज्यादा लक्षण नजर आते हैं. ऐसे में पेट के कैंसर की शुरुआत में शरीर में ये दिक्कतें हो सकती हैं –

  • अपच या पेट में तकलीफ होना
  • खाना खाने के बाद पेट फूल जाना या भारी महसूस होना
  • मतली आना
  • भूख में कमी आ जाना
  • पेट में अक्सर ही जलन महसूस होना

पेट के कैंसर की स्टेज एडवांस होती है तो ये लक्षण दिख सकते हैं –

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  • मल में खून नजर आना
  • उल्टी आना
  • बिना कोशिश के ही वजन कम हो जाना
  • पेट में दर्द महसूस होना
  • पेट में लिक्विड जमा होना, पेट का बड़ा नजर आना
  • कुछ भी निगलने में दिक्कत होना
  • पीलिया हो जाना, आंखों और त्वचा का पीला नजर आना

इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ये लक्षण पेट के कैंसर के अलावा आम दिक्कतों के चलते भी नजर आ सकते हैं. ऐसे में समस्या की जड़ तक जाना जरूरी है. डॉक्टर से जांच कराकर ही कंफर्म किया जा सकता है कि पेट से जुड़ी ये दिक्कतें कहीं कैंसर का संकेत तो नहीं हैं.

पेट का कैंसर होने के कारण

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पेट का कैंसर तब होता है जब पेट की कोशिकाओं के काम में बदलाव होने लगता है. ये कोशिकाएं अनियमित तरीके से बढ़ने और बंटने लगती हैं. इससे पेट का कैंसर हो सकता है. इसके अलावा ऐसे कुछ रिस्क फैक्टर्स (Cancer Risk Factors) हैं जो पेट के कैंसर की संभावना को बढ़ा देते हैं. तंबाकू का सेवन करना, उम्र, फैमिली हिस्ट्री और खराब खानपान कैंसर की वजह बन सकते हैं. एच पायलोरी इंफेक्शन, मोटापा और गैस्ट्रोइसेफोगेल रिफ्लक्स डिजीज भी पेट के कैंसर के रिस्क को बढ़ाते हैं.

किस तरह का खाना पेट के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है

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खानपान में ऐसी चीजें शामिल करना जिसमें सब्जियां कम हों और नमक ज्यादा हो या उसे खराब तरीके से प्रिजर्व किया गया हो, तो ऐसे खाने से पेट के कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है.

आंतों के कैंसर में भी दिखते हैं ऐसे लक्षण

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पेट के कैंसर की ही तरह आंतों के कैंसर के लक्षण भी पेट की दिक्कतों से जुड़े होते हैं और मल में नजर आ सकते हैं. आंतों के कैंसर में कब्ज या दस्त की दिक्कत हो जाती है जो लंबे समय तक बनी रहती है, मलद्वार से खून निकल सकता है, मल में खून दिख सकता है, पेट फूल सकता है, पेट में दर्द या असहजता रहती है और महसूस होता है जैसे पेट पूरी तरह से साफ नहीं हो रहा है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source - NIH

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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