Sesame Seeds Benefits: बदलते मौसम में हमें अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। सेहत का ख्याल रखने के लिए सबसे अहम चीज होती है, अच्छी डाइट। अगर हमारी डाइट हेल्दी होगी, तो गंभीर या संक्रामक बीमारियां हमें जल्दी नहीं घेरेंगी। डाइट ऐसी होनी चाहिए कि सर्दियों के मौसम में हम अपने खाने में कुछ ऐसी चीजों को एड ऑन करें, जिससे सेहत को फायदा हो सकता है। तिल ऐसा ही एक विंटर सुपरफूड है, जिसे इस मौसम में खाने से काफी लाभ मिलेगा। डाइटीशियन प्रेरणा बताती हैं कि तिल सर्दियों के साथ-साथ इन दिनों देश के अधिकांश हिस्सों में फैले प्रदूषण से भी आपकी रक्षा कर सकते हैं। जानिए 21 दिनों तक रोजाना तिल खाने से क्या होगा और इसे खाने का सही तरीका क्या है।
सर्दियों के सुपरफूड तिल के बारे में हमें डाइटीशियन प्रेरणा चौहान बता रही हैं, जो कि एक प्रोफेशनल डाइटीशियन और फेमस यूट्यूबर हैं, जो अपने पेज पर आए दिन सेहत से संबंधित जानकारियां वीडियो के जरिए शेयर करती हैं।
1. इम्यूनिटी मजबूत करें
डाइटीशियन प्रेरणा बताती हैं कि तिल किसी मेडिसिन से कम नहीं है। इसे हर उम्र के लोग खा सकते हैं। गर्भवती महिलाएं भी कुछ सावधानियों के साथ इनका सेवन कर सकते हैं। तिल में जिंक और सिलेनियम जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं। ये बीज हमें संक्रमणों से लड़ने में सहायता देते हैं करता हैं।
ये भी पढ़ें- कोलन कैंसर की पहली स्टेज के शुरुआती संकेत क्या?
2. हड्डियों को मजबूत बनाएं
डाइटीशियन के अनुसार तिल में दूध से भी ज्यादा कैल्शियम की मात्रा होती है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है। अगर हम 21 दिनों तक रोज तिल खाएंगे, तो इससे हमारी हड्डियों का स्वास्थ्य सही रहेगा। वहीं, जिन लोगों के शरीर में कैल्शियम की कमी होती है या आर्थराइटिस होता है, उन्हें रोजाना तिल खाना ही चाहिए।
3. लंग्स को डिटॉक्स करें
तिल हमारे फेफड़ों की गहराई से सफाई कर सकता है। इन बीजों को यदि हम गुड़ के साथ मिलाकर खाएं, तो प्रदूषण का दुष्प्रभाव फेफड़ों को नहीं होगा।
4. हार्ट हेल्थ में फायदेमंद
तिल ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और मैग्नीशियम का सोर्स है, जो हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और दिल की बीमारियों से भी हमारी रक्षा करता है। 21 दिनों तक तिल खाने से हार्ट डिजीज का रिस्क कम किया जा सकता है।
5. खून की कमी दूर करें
तिल में आयरन होता है, जो खून की कमी या एनीमिया की बीमारी में आपके लिए काफी फायदेमंद होता है। तिल खाने से खून की सफाई भी होती है। ब्लड में अगर टॉक्सिन्स होते हैं, तो इससे स्किन की समस्याएं बढ़ती है। तिल खाने से ब्लड प्यूरिफाय भी होगा और हीमोग्लोबिन का स्तर भी बढ़ेगा।
कैसे खाएं तिल?
डाइटीशियन प्रेरणा बताती हैं कि तिल खाने के कुछ आसान तरीके इस प्रकार हैं:
- गुड़ के साथ तिल मिलाकर, छोटे-छोटे लड्डू बनाकर खाएं। आप लाल, काले और सफेद, किसी भी तिल या फिर तीनों को मिक्स करके लड्डू बना सकते हैं। ध्यान रखें, लड्डू बनाने के लिए आपको घी या तेल का यूज नहीं करना है।
- जिन लोगों को सूखी खांसी की समस्या है, वे तिल का काढ़ा बनाकर उसमें हल्का सा गुड़ या फिर मिश्री मिलाकर पी सकते हैं। इस ड्रिंक को दिन में 2 से 3 बार पिएंगे, तो जल्दी राहत मिलेगी।
- वहीं, आप चाहें, तो तिल को रोजाना 1 चम्मच ऐसे ही या हल्का भूनकर भी खा सकते हैं।
ये भी पढ़ें- शरीर को हाइड्रेटेड करने के लिए क्या सिर्फ पानी पीना है जरूरी?
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
संबंधित खबरें
महीनों से बैठी आवाज को जुकाम समझना पड़ सकता है भारी! हो सकता है कैंसर
1 hr agoरातभर फोन देखने की आदत, तबाह कर देगी आपकी सेहत
2 hrs agoसर्दियों में मां बनने वाली हैं? डॉक्टर ने बताया कैसे रखें खुद का ख्याल
3 hrs agoधड़ एक, सिर दो… जानें कब पैदा होते हैं ऐसे बच्चे? क्या कहती है रिसर्च
5 hrs agoस्मोकिंग नहीं करते, फिर भी हो सकता है Lung Cancer! इन खतरों से रहें सावधान
1 day ago2 दिन से पेट साफ नहीं हुआ? कहीं कैंसर का ये लक्षण तो नहीं
1 day agoव्रत रखते ही होने लगती है गैस और ब्लोटिंग? अपनाएं ये आसान टिप्स
1 day agoक्या एसिडिटी से हो सकता है कैंसर? डॉक्टर ने बताया खट्टी डकार आने का कारण
1 day agoBP अचानक 150 के पार जाते ही होने लगती है घबराहट? इन बातों का रखें खास ध्यान
2 days agoएक ही महीने में 2 बार पीरियड्स क्यों होते हैं, किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines