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बरसात में चुपके से फैलता है चिकनगुनिया का खतरा! जानिए इस मच्छर के काटने के बाद शरीर में दिखते हैं कौन-कौन से लक्षण

Chikungunya: बारिश में सिर्फ डेंगू और मलेरिया का खतरा ही नहीं बढ़ता, बल्कि इसके साथ ही चिकनगुनिया का भी खतरा लगातार बना रहता है. ऐसे में हम आपको कुछ आम से दिखने वाले लक्षण बताएंगे, जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है, ताकि आप और आपका परिवार हेल्दी रहे.

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चिकनगुनिया कितना खतरनाक है? (Image: Pexels)

Chikungunya Symptoms: बरसात में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिसमें सबसे पहले डेंगू या मलेरिया का नाम सबके दिमाग में सबसे पहले आता है. लेकिन इसी बारिश की ठंडक और डेंगू-मलेरिया के बीच चिकनगुनिया भी अपने पैरों की पसारने लगता है. इसलिए जरूरी है कि हम आपको बताएं कि क्या है ये बीमारी? कितनी खतरनाक है और इसके लक्षण कैसे दिखाई देते हैं, ताकि आप वक्त रहते सही सावधानियां बरत कर अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें. WHO के अनुसार, यह एक गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षणों को वक्त रहते समझना जरूरी है, क्योंकि इसे नजरअंदाज करना अंगों के नुकसान और मौत के खतरे को बढ़ा सकता है.

यह भी पढ़ें: ठंडा पसीना, सांस लेने में तकलीफ, हार्ट अटैक की स्थिति में कैसे दिखाई देते हैं लक्षण? कहीं आप भी

कैसे हेल्दी व्यक्ति चिकनगुनिया का मरीज बन जाता है

चिकनगुनिया हवा में फैले किसी वायरस की तरह नहीं है और न ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे फैलता, बल्कि यह वायरस संक्रमित मच्छर के जरिए फैलता है. WHO में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जब एडीज मच्छर चिकनगुनिया से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वायरस मच्छर के शरीर में पहुंच जाता है, इसके बाद वही संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसके शरीर में प्रवेश कर सकता है और व्यक्ति चिकनगुनिया से संक्रमित हो जाता है. आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन यह मच्छर दिन के समय भी काट सकता है और घरों के आसपास जमा पानी में पनपता है. इसलिए बरसात के मौसम में मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है.

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कैसे दिखते हैं चिकनगुनिया के लक्षण?

WHO के अनुसार, चिकनगुनिया से संक्रमित मच्छर के काटने के 4-8 दिन बाद इस वायरस के लक्षण दिखाई देने लगते हैं. वैसे तो चिकनगुनिया से मौत का खतरा कम रहता है, लेकिन लंबे समय तक नजरअंदाज करना और स्थिति गंभीर हो जाने पर आंगों को नुकसान और मौत का खतरा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं, इसके लक्षण 2-3 दिन तक रहते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं, अगर समस्या हल्की रही तो.

  • अब इसके लक्षणों के बारे में जानें, तो इसमें;
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सिरदर्द, जी मिचलाना
  • थकान और शरीर पर चकत्ते पड़ना
  • जोड़ों का दर्द आमतौर पर कुछ दिनों तक रहता

इन लोगों में स्थिति हो सकती है गंभीर

वैसे को ज्यादातर मामलों में मरीज संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं; हालांकि, CHIKV संक्रमण के मामलों में कभी-कभी आंखों, दिल और नर्वस सिस्टम से जुड़ी मश्किलें भी देखी जा सकती हैं. बहुत कम या बहुत ज्यादा उम्र के लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा ज्यादा होता है, इनमें वे नवजात शिशु शामिल हैं जो जन्म के समय संक्रमित मां से संक्रमित हो जाते हैं या जन्म के कुछ हफ्तों बाद संक्रमित मच्छर के काटने से संक्रमित होते हैं, और साथ ही वे बुज़ुर्ग जिन्हें पहले से कोई बीमारी है. WHO अपनी रिपोर्ट में बताता है कि, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि इसमें अंगों को नुकसान पहुंचने और मौत का खतरा होता है.

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कैसे रखें अपने आपको सुरक्षित?

इस बीमारी से अपने आपको और परिवार को सुरक्षित रखना आसान है, बस आपको कुछ सही आदतों को अपनाना होगा. बारिश के दौरान अगर के अंदर या आसपास पानी जमा हो जाए, तो उसे तुरंत साफ कर दें और साथ ही बाथरूम को भी सूखा रखें; क्योंकि जमे हुए पानी पर ही ऐसे मच्छर पनपते हैं, जिससे घर वालों पर चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही, अपने घर की खिड़कियों पर जाली लगवाएं और ऐसे कपड़े पहने जिससे पूरा शरीर ढका रहे. दिन के समय ये ज्यादा एक्टिव रहते हैं, इसलिए ज्यादा सतर्क रहे और अपने साथ मच्छर मारने का स्प्रे भी रखें.

यह भी पढ़ें: मलेरिया से पहले शरीर में कैसे लक्षण दिखाई देते हैं? वायरल समझकर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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