Chikungunya Symptoms: बरसात में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिसमें सबसे पहले डेंगू या मलेरिया का नाम सबके दिमाग में सबसे पहले आता है. लेकिन इसी बारिश की ठंडक और डेंगू-मलेरिया के बीच चिकनगुनिया भी अपने पैरों की पसारने लगता है. इसलिए जरूरी है कि हम आपको बताएं कि क्या है ये बीमारी? कितनी खतरनाक है और इसके लक्षण कैसे दिखाई देते हैं, ताकि आप वक्त रहते सही सावधानियां बरत कर अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें. WHO के अनुसार, यह एक गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षणों को वक्त रहते समझना जरूरी है, क्योंकि इसे नजरअंदाज करना अंगों के नुकसान और मौत के खतरे को बढ़ा सकता है.
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कैसे हेल्दी व्यक्ति चिकनगुनिया का मरीज बन जाता है
चिकनगुनिया हवा में फैले किसी वायरस की तरह नहीं है और न ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे फैलता, बल्कि यह वायरस संक्रमित मच्छर के जरिए फैलता है. WHO में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जब एडीज मच्छर चिकनगुनिया से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वायरस मच्छर के शरीर में पहुंच जाता है, इसके बाद वही संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसके शरीर में प्रवेश कर सकता है और व्यक्ति चिकनगुनिया से संक्रमित हो जाता है. आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन यह मच्छर दिन के समय भी काट सकता है और घरों के आसपास जमा पानी में पनपता है. इसलिए बरसात के मौसम में मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है.
कैसे दिखते हैं चिकनगुनिया के लक्षण?
WHO के अनुसार, चिकनगुनिया से संक्रमित मच्छर के काटने के 4-8 दिन बाद इस वायरस के लक्षण दिखाई देने लगते हैं. वैसे तो चिकनगुनिया से मौत का खतरा कम रहता है, लेकिन लंबे समय तक नजरअंदाज करना और स्थिति गंभीर हो जाने पर आंगों को नुकसान और मौत का खतरा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं, इसके लक्षण 2-3 दिन तक रहते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं, अगर समस्या हल्की रही तो.
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- अब इसके लक्षणों के बारे में जानें, तो इसमें;
- मांसपेशियों में दर्द
- सिरदर्द, जी मिचलाना
- थकान और शरीर पर चकत्ते पड़ना
- जोड़ों का दर्द आमतौर पर कुछ दिनों तक रहता
इन लोगों में स्थिति हो सकती है गंभीर
वैसे को ज्यादातर मामलों में मरीज संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं; हालांकि, CHIKV संक्रमण के मामलों में कभी-कभी आंखों, दिल और नर्वस सिस्टम से जुड़ी मश्किलें भी देखी जा सकती हैं. बहुत कम या बहुत ज्यादा उम्र के लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा ज्यादा होता है, इनमें वे नवजात शिशु शामिल हैं जो जन्म के समय संक्रमित मां से संक्रमित हो जाते हैं या जन्म के कुछ हफ्तों बाद संक्रमित मच्छर के काटने से संक्रमित होते हैं, और साथ ही वे बुज़ुर्ग जिन्हें पहले से कोई बीमारी है. WHO अपनी रिपोर्ट में बताता है कि, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि इसमें अंगों को नुकसान पहुंचने और मौत का खतरा होता है.
कैसे रखें अपने आपको सुरक्षित?
इस बीमारी से अपने आपको और परिवार को सुरक्षित रखना आसान है, बस आपको कुछ सही आदतों को अपनाना होगा. बारिश के दौरान अगर के अंदर या आसपास पानी जमा हो जाए, तो उसे तुरंत साफ कर दें और साथ ही बाथरूम को भी सूखा रखें; क्योंकि जमे हुए पानी पर ही ऐसे मच्छर पनपते हैं, जिसके घर वालों पर चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है. साख ही, अपने घर की खिड़कियों पर जाली लगवाएं और ऐसे कपड़े पहने जिससे पूरा शरीर ढका रहे. दिन के समय ये ज्यादा एक्टिव रहते हैं, इसलिए ज्यादा सतर्क रहे और अपने साथ मच्छर मारने का स्प्रे भी रखें.
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