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रात को सारी लाइट क्यों नहीं जलानी चाहिए? आचार्य मनीष जी से जानिए इसका हेल्थ पर क्या पड़ता है असर

Raat Mein Light Kyu Nahi Jalani Chahiye: आयुर्वेद के अनुसार, जब सूरज डूब जाता है तो हमारी बॉडी आराम महसूस करने लगती है. ऐसे में अगर हम रातभर तेज रोशनी में रहते हैं या सारी लाइटें जला कर रखते हैं, तो यह शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है और हेल्थ को कई तरह का नुकसान हो सकता है.  

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जानें रात में लाइट जलाकर सोने से क्या होता है. Image Credit- Freepik

Is Light Harmful For Health: सदियों से रात में सोते वक्त लाइट बंद करने का रिवाज है. बिना लाइट बंद किए नींद नहीं आती है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है ऐसा क्यों किया जाता है? हम सभी लोग रात को सारी लाइट बंद करके सोते हैं. अगर आपको इसका सही जवाब नहीं मालूम तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. हम आपको आचार्य मनीष जी के द्वारा बताया गया जवाब बताएंगे और जानेंगे कि इसके पीछे आयुर्वेदिक रहस्य क्या है. आचार्य मनीष जी के अनुसार, अंधकार केवल बाहर का नहीं बल्कि शरीर को भीतर से भी शांत करने का माध्यम है. इसलिए हम सभी को रात में लाइट बंद करके सोना चाहिए. ऐसा इसलिए है क्योंकि रात के समय अंधेरा होने पर शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. ऐसा करने से नींद बहुत ही अच्छी आती है.  अगर कमरे में अधिक रोशनी रहती है, तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और अनिद्रा, तनाव या थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आखिर रात में लाइट क्यों बंद करनी चाहिए.  

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रात को सारी लाइट क्यों नहीं जलानी चाहिए?

लाइट का असर सीधा हेल्थ पर पड़ता है. आयुर्वेद कहता है कि तेज रोशनी पित्त और वात दोष को बढ़ा सकती है, जिससे मानसिक अस्थिरता और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है. खासकर मोबाइल, टीवी या एलईडी लाइट की तेज रोशनी आंखों और मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखती है, जबकि रात में शरीर को शांत होना चाहिए.

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रात को लाइट जलाने के नुकसान

नींद खराब होना- अंधेरे में शरीर का मेलाटोनिन हार्मोन अच्छा हो जाता है और नींद काफी अच्छी आती है. अगर ज्यादा रोशनी कमरे में रहेगी तो इससे मेलाटोनिन हार्मोन धीमा हो सकता है, जिससे नींद हल्की या बार-बार टूटने वाली हो सकती है.
आंखों और दिमाग पर दबाव पड़ना- लाइट का तेज होना दिमाग पर असर डालता है. अगर आप लाइट या एलईडी की रोशनी में लेटते हैं तो दिमाग एक्टिव रहता है, जिससे शरीर को संकेत नहीं मिल पाता कि अब आराम का समय है.
बेचैनी बढ़ना- लगातार लाइट का चलना बेचैनी पैदा कर सकता है. साथ ही, आपको चिड़चिड़ापन, तनाव और थकान भी महसूस हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा कि आप लाइट बंद करके सोएं.
बिजली की बर्बादी- लगातार लाइट जले रहने से बिजली भी ज्यादा खर्च होती है. लाइट जलाना बिजली की खपत बढ़ाता है, जिससे बिल भी ज्यादा आता है. इसलिए बेहतर होगा कि आप सोते वक्त लाइट बंद कर दें.  

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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