Pradeep Rawat Cancer: दिग्गज एक्टर प्रदीप रावत का ब्लड कैंसर से निधन हो गया है. 74 वर्षीय प्रदीप गजनी, लगान, योगी और बदला जैसी तमाम फिल्में कर चुके हैं. प्रदीप बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में अश्वत्थामा का किरदार भी निभा चुके हैं जिससे उन्हें घर-घर में पहचान मिली थी. बीते दिन प्रदीप कैंसर से जंग हार गए और दुनिया को अलविदा कह गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदीप ने 4 साल कैंसर को सर्वाइव किया लेकिन डेढ़ महीने पहले उनका कैंसर रिलैप्स हो गया. एक महीने से प्रदीप हॉस्पिटल में थे. प्रदीप को ब्लड कैंसर (Blood Cancer) हुआ था. ब्लड कैंसर में कैंसर खून बनाने वाले टिशूज जैसे बोन मैरो और इम्यून सिस्टम से शुरू होता है. ब्लड कैंसर होने पर शरीर इंफेक्शंस से लड़ने या ब्लीडिंग रोकने में असमर्थ हो जाता है. ब्लड कैंसर मुख्यतौर पर लिम्फोमा, ल्यूकीमिया या मल्टीपल मायलोमा होता है.
यह भी पढ़ें – जीभ पर सफेद धब्बे होने का क्या कारण है? जानिए किस कैंसर का हो सकता है लक्षण
ब्लड कैंसर के क्या लक्षण होते हैं
ब्लड कैंसर को शुरुआती दौर में पहचानना मुश्किल होता है. इसके लक्षण शरीर की सामान्य दिक्कतों जैसे ही लगते हैं. ऐसे में ये कुछ लक्षण हैं जो ब्लड कैंसर में नजर आ सकते हैं –
- खांसी आना
- सोते समय पसीने आना
- बार-बार इंफेक्शन होना
- बुखारा आना या ठंड लगना
- सांस फूलना
- शरीर पर खुजली महसूस होना या रैशेज हो जाना
- सीने में दर्द होना
- शरीर में कमजोरी महसूस होना
- हर समय थकान रहना
- भूख ना लगना
- जी मिचलाना
- लिम्फ नोड्स में सूजन होना.
ब्लड कैंसर होने के क्या कारण हैं और किसे है ज्यादा खतरा
उम्र – कुछ ब्लड कैंसर कुछ ही एज ग्रूप्स के लोगों को प्रभावित करते हैं, जैसे ल्यूकीमिया 14 साल से कम बच्चों में होता है या 40 साल से बड़े वयस्कों को अपनी चपेट में लेता है.
तंबाकू का सेवन – अगर व्यक्ति रोज तंबाकू का सेवन करता है तो इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है और DNA डैमेज होता है. इससे ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ता है
एल्कोहल – एल्कोहल बहुत ज्यादा पिया जाए तो इससे बोन मैरो की सेल प्रोडक्शन पर असर पड़ता है जिस कारण ब्लड कैंसर हो सकता है.
परिवार में अगर किसी को हुआ हो – अगर परिवार में किसी को हेमोटोलॉजिकल डिजीज रही हैं तो व्यक्ति को ब्लड कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है.
रेडिएशन एक्सपोजर – हार्मफुल रेडिएशन और केमिकल्स DNA को डैमेज कर सकते हैं जिससे ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ता है.
कितनी तरह का होता है ब्लड कैंसर
ये 3 ब्लड कैंसर सबसे कॉमन हैं –
ल्यूकीमिया – ल्यूकीमिया बोन मैरो से शुरू होता है और वाइट ब्लड सेल्स की एब्नॉर्मल प्रोडक्शन का कारण बनता है. ये एक्स्ट्रा वाइट ब्लड सेल्स ठीक तरह से काम नहीं करतीं और शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को कम करती हैं.
लिम्फोमा – इस कैंसर में कैंसर इम्यून सिस्टम की इंफेक्शन से लड़ने वाली सेल्स लिम्फोसाइट्स में पनपता है. यह शरीर के लिम्फेटिक सिस्टम को प्रभावित करता है जिससे लिम्फोसाइट्स आउट ऑफ कंट्रोल होकर बढ़ने लगते हैं.
मायलोमा – यह वाइट ब्लड सेल्स के एक प्रकार प्लाज्मा सेल्स में पनपता है. प्लाज्मा सेल एंटीबॉडीज को बनाने में और कीटाणुओं को अटैक करने का काम करती हैं. मल्टीपल मायलोमा में कैंसर वाली प्लाज्मा सेल्स बोन मैरो में जमने लगती हैं और हेल्दी ब्लड सेल्स को ओवरपावर कर देती हैं जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है.
यह भी पढ़ें – 40 की उम्र में 60 वाला बुढ़ापा नहीं चाहते तो घर से निकाल दें ये 5 चीजें, ऑर्थोपेडिक सर्जन ने दी सलाह
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
सीने में सुई चुभने जैसा दर्द क्यों होता है? समझें प्लूरिटिक पेन के कारण
14 mins agoधन्वंतरि धाम में हर साल होगा हर्बल कुंभ, लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं
58 mins agoकम उम्र में क्यों हो रहा है कैंसर? कहीं ये आदतें तो नहीं जिम्मेदार
22 hrs agoकाला मोतिया होने का क्या कारण है? AIIMS के नेत्र रोग विशेषज्ञ से जानिए
1 day agoसुबह उठते ही मुंह कड़वा होने की क्या है वजह? रिसर्च में बताया
1 day agoफेफड़ों के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है प्रदूषित हवा, जरूर करें ये काम
1 day agoशरीर में फंसी हुई गैस को कैसे निकालें? बाबा रामदेव ने बताया नुस्खा
1 day agoहड्डियां ही नहीं, शरीर के कई हिस्सों को चुपचाप नुकसान पहुंचाती है Vitamin D
1 day agoमिलेट्स क्या होते हैं और क्यों खाने चाहिए? FSSAI से जानिए Millets के फायदे
1 day agoक्या कम शराब पीने से भी बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? WHO ने बताया
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines