दिवाली के बाद गैस और एसिडिटी से हो जाते हैं परेशान? राहत पाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

Gas and Acidity Remedies: क्या आपको भी दिवाली के दौरान या त्योहार के बाद गैस और एसिडिटी परेशान कर देती है और पूरे त्योहार का मजा किरकिरा कर देती है? आइए जानते हैं कैसे मिलेगी इन समस्याओं से राहत.

Gas Aur Acidity Diwali

त्योहार की दावत के बाद पेट में बन रही है गैस? एसिडिटी और भारीपन से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके (Image: AI)

त्योहार के समय पर लोग खूब मिठाइयां खाते हैं, रात भर जागते हैं और कुछ समय के लिए मसालेदार, तला-भुना, आदि अनियामित लाइफस्टाइल को अपना लेते हैं. त्योहार के समय ये काफी आम है, लेकिन इस बदलाव के कारण बाद में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसमें गैस और एसिडिटी सबसे आम है. अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि दिवाली के बाद उन्हें काफी वक्त तक गैस और एसिडिटी की समस्या का सामना करना पड़ता है, स्थिति इतनी बुरी हो जाती है कि बैचेनी होने लगती है और बस मन करता है कि जल्द से जल्द राहत मिल जाए. अगर आपको भी त्योहार के समय ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो आइए आपको कुछ आसान टिप्स बताते हैं, जो जल्दी राहत दिला सकते हैं.

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दिवाली के बाद क्यों होती है एसिडिटी की समस्या?

सवाल उठता है कि आखिर त्योहारों में एसिडिटी की समस्या क्यों परेशान करती है? NHS के अनुसार, हमारी लाइफस्टाइल में अनियमित बदलाव इसका कारण है. दिवाली के दौरान लोग मिठाइयां, नमकीन, मसालेदार पकवान और ज्यादा तेल में बनी चीजें खूब खाते हैं. कई बार स्वाद के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खाना भी एसिडिटी की परेशानी बढ़ा सकता है. दरअसल, ज्यादा फैट वाले भोजन से पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है. इसके अलावा त्योहारों में देर रात खाना खाना और भोजन करने के तुरंत बाद लेट जाना भी पेट के एसिड को भोजन नली की तरफ वापस आने का मौका देता है. चाय-कॉफी, चॉकलेट, टमाटर और मसालेदार चीजें भी कुछ लोगों में एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकती हैं. इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, तनाव और कुछ दवाओं का सेवन भी एसिड रिफ्लक्स की परेशानी का कारण बन सकता है.

एसिडिटी में कैसे दिखते हैं लक्षण?

एसिड रिफ्लक्स के मुख्य लक्षण ये हैं:

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  • सीने में जलन- सीने के बीच वाले हिस्से में जलन महसूस होना
  • मुंह में खट्टा स्वाद आना, जो पेट के एसिड के कारण होता है
  • इसके अलावा आपको ये समस्याएं भी हो सकती हैं:
  • बार-बार खांसी आना या हिचकी लगना
  • आवाज बैठ जाना या भारी हो जाना
  • मुंह से बदबू आना
  • पेट फूलना और जी मिचलाना
  • ये लक्षण अक्सर खाना खाने के बाद, लेट जाने पर या आगे की ओर झुकने पर और ज्यादा बढ़ जाते हैं.

त्योहार में पेट में गैस क्यों बनती है?

NIDDK के अनुसार, गैस की समस्या के पीछे भी कारण हमारी लाइफस्टाइल में अनियामित बदलाव है. दिवाली के दौरान तरह-तरह के पकवान, मिठाइयां और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें खाने से पेट में गैस बनने की परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, जब हम खाना खाते या पानी पीते हैं, तो थोड़ी हवा भी पेट के अंदर चली जाती है. इसके अलावा जल्दी-जल्दी खाना, च्युइंग गम चबाना और सोडा या दूसरे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने से भी शरीर में हवा की मात्रा बढ़ सकती है. वहीं, आंतों में मौजूद बैक्टीरिया भोजन के उन हिस्सों को तोड़ते हैं, जिन्हें छोटी आंत पूरी तरह पचा नहीं पाती, इस प्रक्रिया के दौरान भी गैस बनती है. मिठाइयों में मौजूद कुछ शुगर, दालें, स्टार्च और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ भी कुछ लोगों में गैस बनने की मात्रा बढ़ा सकते हैं, इसलिए आप त्योहार में क्या खा रहे हैं और कैसी लाइफस्टाइल अपनाते हैं यही सब कारण बनता है आपकी समस्या का.

गैस की समस्या में दिख सकते हैं ऐसे लक्षण?

NIDDK के अनुसार, गैस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं. पाचन तंत्र में गैस के आम लक्षणों में डकार आना, पेट फूलना या भारीपन महसूस होना, और गैस पास होना शामिल हैं. गैस के कुछ लक्षण होना सामान्य बात है, खासकर खाना खाते समय या खाने के बाद. अगर गैस के लक्षण बार-बार होते हैं, आपको परेशान करते हैं, या आपके रोजमर्रा के कामों पर असर डालते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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एसिडिटी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

Harvard Health Publishing के अनुसार, एसिडिटी और सीने में जलन की परेशानी से बचने के लिए खानपान और डेली-लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना जरूरी है. नीचे दिए गए इन उपायों को अपनाकर आप एसिड रिफ्लक्स की समस्या को कम करने में मदद पा सकते हैं.

थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं: एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें. इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा.

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मसालेदार और तली-भुनी चीजों से बचें: दिवाली के बाद कुछ दिनों तक ज्यादा तेल, मिर्च-मसाले, चॉकलेट, प्याज, टमाटर और ज्यादा फैट वाले भोजन का सेवन कम करें. जिन चीजों से आपको एसिडिटी होती है, उनसे दूरी रखें.

खाने के तुरंत बाद न लेटें: भोजन करने के बाद कम से कम 2-3 घंटे तक लेटने से बचें. इससे पेट का एसिड वापस भोजन नली में आने की संभावना कम हो सकती है.

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कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से दूरी बनाएं: सोडा और दूसरे फिजी ड्रिंक्स पीने से डकार बढ़ सकती है. इसलिए इनकी जगह सामान्य पानी पिएं.

खाने के बाद हल्की वॉक करें: भोजन करने के बाद तुरंत भारी एक्सरसाइज न करें. इसकी जगह कुछ देर हल्की वॉक करना बेहतर हो सकता है.

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सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखें: रात में एसिड रिफ्लक्स की परेशानी होती है तो बिस्तर के सिरहाने वाले हिस्से को 15-20 सेंटीमीटर ऊंचा रखने से मदद मिल सकती है.

पेट में गैस कम करने के लिए अपनाएं ये उपाय

दिवाली के दौरान ज्यादा मिठाइयां और पकवान खाने से पेट में गैस बनने की परेशानी हो सकती है. ऐसे में NIDDK के अनुसार, खानपान की कुछ आदतें बदलकर गैस की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है.

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खाना धीरे-धीरे खाएं: जल्दबाजी में खाना खाने से ज्यादा हवा पेट में जा सकती है. इसलिए भोजन को अच्छी तरह चबाकर और आराम से खाएं.

च्युइंग गम और कैंडी से बचें: बार-बार च्युइंग गम चबाने और हार्ड कैंडी खाने से हवा निगलने की मात्रा बढ़ सकती है. इससे पेट में गैस बनने की परेशानी बढ़ सकती है.

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सोडा और कोल्ड ड्रिंक्स कम पिएं: कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में मौजूद गैस पेट में डकार और भारीपन बढ़ा सकती है. इसलिए इनकी जगह सादा पानी पीने की आदत डालें.

कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें: राजमा, छोले, दाल, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी चीजें कुछ लोगों में ज्यादा गैस बना सकती हैं. अगर इनसे परेशानी होती है, तो इनका सेवन सीमित करें.

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थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें: एक साथ ज्यादा खाना खाने के बजाय दिनभर में छोटे मील लें. इससे पाचन तंत्र पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.

खाने के समय जल्दबाजी न करें: खाना खाते समय ज्यादा बातचीत करने और जल्दी-जल्दी पानी पीने से बचें. आराम से बैठकर भोजन करने से अतिरिक्त हवा निगलने की संभावना कम हो सकती है.

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जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें: अगर गैस की परेशानी लगातार बनी रहती है, तो खुद से दवाएं या सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें. लैक्टोज इनटॉलरेंस या IBS जैसी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: NHS, Harvard Health Publishing, NIDDK  

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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