Bawasir Ka ilaj: मलत्याग करते समय खून आना या मलद्वार पर नसों का फूलना और दर्द करना बवासीर कहलाता है. बवासीर (Piles) होने पर व्यक्ति को मलत्याग करने में दिक्कत होने लगती है और असहनीय दर्द होता है. ऐसे में बवासीर का समय रहते पता लगाना और इलाज करना जरूरी होता है. बवासीर होने के कारण की बात करें तो रोजमर्रा की कुछ आदतें बवासीर की वजह बन सकती हैं, जैसे पानी कम पीना, फाइबर से भरपूर फूड्स ना खाना, लंबे समय तक बैठे रहना या टॉयलेट पर फोन लेकर मलत्याग करना आदि. ऐसे में जनरल एंड लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. पुनीत अग्रवाल बता रहे हैं किस तरह बवासीर से बचा जा सकता है. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर करके यह जानकारी दी है.
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बवासीर से बचने के लिए क्या करें
डॉक्टर ने बताया कि ये 5 काम करने पर आप बवासीर से बचे रहेंगे –
हाइड्रेशन और फाइबर
बवासीर से बचने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है. इससे मल पतला होता है. इसके साथ ही, फाइबर से भरपूर चीजें खाएं. दाल, सब्जियां, सलाद और फल को डेली डाइट का हिस्सा बनाएं. इससे स्टूल सॉफ्ट रहता है.
देर तक ना बैठें
लंबे समय तक बैठे रहने पर रेक्टल एरिया पर दबाव बढ़ता है. इसीलिए हर 30 से 40 मिनट में ब्रेक लें और थोड़ी देर टहलें.
मलत्याग करते हुए करें पटरे का इस्तेमाल
अगर आप इंग्लिश टॉयलेट इस्तेमाल करते हैं तो मलत्याग करते हुए पैरों के नीचे ऊंचे पटरे या फुटस्टूल को रखें. इससे आप नेचुरल स्क्वैट पॉजीशन में बैठ सकेंगे. इससे बाउल मूवमेंट्स बेहतर होती हैं.
मल को रोकने की कोशिश ना करें
बहुत से लोग यह गलती कर देते हैं. खासकर अगर वे ऑफिस में हैं तो अपने बाउल मूवमेंट्स को रोकने लगते हैं. ऐसा ना करें. इससे रेक्टल वीन्स यानी रेक्टम के पास की नसों पर दवाब पड़ता है. यह बवासीर होने का एक बड़ा लक्षण (Piles Symptoms) होता है.
इस तरह करें दिन की शुरुआत
सुबह उठते ही हल्का गर्म पानी पीकर अपने दिन की शुरुआत करें. इसके बाद फाइबर से भरपूर नाश्ता करें.
डॉक्टर का कहना है कि ये छोटी-छोटी आदतें बवासीर के खतरे को कम करती हैं और आपको बवासीर से बचा सकती हैं.
डॉक्टर से कब करना चाहिए संपर्क
अगर आपको मलत्याग करते हुए जोर लगाना पड़ रहा है, खून आने लगता है, दर्द होता है, सूजन हो गई है या मलद्वार के पास दाने या त्वचा की गांठें बनती महसूस हो रही हैं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें. इसके अलावा, मलद्वार पर खुजली होना या असहजता होने पर भी डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.
बवासीर का इलाज
डॉक्टर बताते हैं कि बवासीर अगर शुरुआती स्टेज में ही पता लगा लिया जाए तो लाइफस्टाइल में बदलाव और खानपान को बेहतर करके बवासीर से बचा जा सकता है. अगर बवासीर बहुत ज्यादा बढ़ गया है या एडवांस हो गया है तो सर्जरी या लेजर ट्रीटमेंट से इलाज किया जाता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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