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टाइट पेटीकोट पहनने से भी हो सकता है कैंसर! जानिए क्या है साड़ी कैंसर और इसके लक्षण

What Is Saree Cancer: क्या आपने कभी साड़ी कैंसर के बारे में सुना है? अगर आप साड़ी पहनती हैं तो आप भी इस कैंसर का शिकार हो सकती हैं. यहां जानिए साड़ी कैंसर क्या है और इस कैंसर के लक्षण कैसे दिखाई देते हैं.

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यहां जानिए साड़ी कैंसर क्या है.

Saree Cancer Symptoms: साड़ी कैंसर को पेटीकोट कैंसर (Petticoat Cancer) या धोती कैंसर भी कहते हैं. यह स्किन कैंसर का ही एक टाइप है जो बहुत टाइट साड़ी या पेटीकोट बांधने के कारण होता है. भारतीय महिलाएं सालों तक लगातार साड़ी पहनती हैं. बहुत सी ऐसी महिलाएं भी हैं जो एक उम्र के बाद सिर्फ साड़ी ही पहनती हैं और ट्रेडिशनल नाड़े वाले पेटीकोट को कमर पर बांधती हैं. पेटीकोट को आमतौर पर इतना टाइट बांधा जाता है जिससे साड़ी कमर पर घुसाई जाए तो वो खिसके नहीं. लेकिन, इससे कमर पर परमानेंट निशान पड़ने लगता है. यह निशान कमर पर सिर्फ त्वचा को ही नहीं बदलता बल्कि त्वचा के कैंसर (Skin Cancer) का कारण भी बन सकता है.

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साड़ी कैंसर कैसे होता है

साड़ी कैंसर एक रेयर कैंसर है जो लंबे समय तक साड़ी पहनने वाली महिलाओं को हो सकता है. साड़ी कैंसर का एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहां एक 55 वर्षीय महिला को 2 सालों से पेट और पीठ के निचले हिस्से पर अल्सर हो गया था. इस अल्सर के कारण हल्का दर्द भी रहने लगा था जो छूने पर या किसी भी तरह के प्रेशर में बढ़ जाता था. इस अल्सर के आस-पास की त्वचा पिग्मेंटेड और स्केली यानी खुरदरी थी. टिशू बायोप्सी की गई तो पता चलता महिला को स्कैमस सेल कार्सिनोमा है जोकि त्वचा के कैंसर का प्रकार है. महिलाओं को कमर पर टाइट पेटीकोट या साड़ी बांधने के कारण यह कैंसर हो सकता है. ऐसे में समय रहते इसके शुरुआती लक्षण (Saree Cancer Symptoms) पहचानने बेहद जरूरी होते हैं.

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साड़ी कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं

  • कमर की त्वचा हर समय लाल नजर आती है.
  • अल्सर या चोट दिखने लगती है जो ठीक नहीं होती है.
  • प्रभावित स्किन मोटी हो जाती है और त्वचा का रंग बदलने लगता है.
  • त्वचा स्केली या खुरदुरी नजर आने लगती है.

किन महिलाओं को हो सकता है साड़ी कैंसर

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जो महिलाएं कमर पर पेटीकोट बहुत टाइट बांधती हैं और घंटों तक टाइट साड़ी पहने रखती हैं उन्हें यह कैंसर हो सकता है.

साड़ी कैंसर से कैसे बचें

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इलाज से बेहतर सावधानी होती है इसीलिए समय रहते कुछ बातों को लाइफस्टाइल का हिस्सा बना लिया जाए तो साड़ी कैंसर से बचा जा सकता है –

  • पेटीकोट का नाड़ा थोड़ा ढीला बांधें जिससे कमर पर ज्यादा प्रेशर ना पड़े.
  • सॉफ्ट और ब्रीदेबल फैब्रिक का पेटीकोट पहनें जिससे स्किन को सांस लेने का मौका मिले.
  • अपने कपड़े पहनने के स्टाइल को बदलते रहें. हमेशा एक ही तरह के कपड़े ना पहनें जिससे स्किन के किसी हिस्से पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता हो.
  • अपनी स्किन को देखते रहें. अगर स्किन पर किसी तरह की इरिटेशन लंबे समय तक हो रही है या दर्द है तो इसे इग्नोर ना करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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