Patanjali News: बाबा रामदेव देशवासियों को स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेदिक और घरेलू उपायों के बारे में बताते आए हैं। वे देश के सबसे बड़े योग गुरु माने जाते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने दुनियाभर में योग को फैलाया है। हरिद्वार में पतंजलि वेलनेस सेंटर हैं, जहां देश और विदेश के कई मरीजों का उपचार आयुर्वेद और योग के माध्यम से किया जाता है। पतंजलि आयुर्वेद वेलनेस की किताब उपचार पद्धति में हेल्दी रहने के पतंजलि वेलनेस में अपनाए जाने वाले नियमों के बारे में जानते हैं।
ये नियम बाबा रामदेव द्वारा बताए गए हैं, जिन्हें हम भी रोज फॉलो कर सकते हैं
1. रोगों के उपचार में जरूरी ये 7 साधन
योग, यज्ञ, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, औषधीय जल, औषधीय भोजन तथा रोगों के अनुसार विभिन्न उपचार के तरीकों का सही से पालन करना। इसका अर्थ है इन सभी बातों को जानना, मानना और अपनी रोज की जिंदगी में जीना।
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2. योग सभी के लिए जरूरी
बाबा रामदेव द्वारा बताया गया है कि वहां रहने वाले हर इंसान को निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक बह 5:30 से 7:00 बजे तक योग करना होता है। हालांकि, योग करना सभी की अपनी मर्जी है लेकिन सेंटर में रहने वाले रोगियों को इसे फॉलो करना है। अगर वे ऐसा नहीं चाहते हैं, तो सेंटर से जा सकते हैं।
3. योग करने का समय
बाबा रामदेव की किताब के मुताबिक, वेलनेस सेंटर में रहने वाले लोगों को सिखाया जाता है कि योग करते समय हर आसन और क्रिया को कम से कम 2 मिनट तक करें। मेडिटेशन के लिए कम से कम 10 मिनट का समय जरूर लें। प्राणायाम करना सभी के लिए जरूरी है।
4. लग्जरी लाइफ का त्याग
पतंजलि में रहने वाले रोगियों को सभी रोगियों की तरह जीवन बिताना होगा। अगर कोई लग्जरी लाइफस्टाइल और नकारात्मकता के साथ सेंटर में रहता है, तो उनका उपचार सही से नहीं हो पाएगा। वहां डॉक्टरों द्वारा बताए गए सभी कर्म जो उपचार से संबंधित हैं, उन्हें अपनाने होंगे।
5. दवाओं से मुक्ति
पतंजलि वेलनेस सेंटर में मरीजों का इलाज बिना गोलियों की मदद से किया जाए, यह प्राथमिकता है। ब्लड शुगर, बीपी, थायराइड और दर्द की समस्याओं को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक दवा दी जाती है। यह उपचार 100 फीसदी प्राकृतिक होते हैं। साथ ही, राहत मिलने पर उन दवाओं की डोज को कम करते-करते पूरी तरह बंद करवा दिया जाता है।
6. उपचार के लिए क्या करें-क्या न करें नियम अपनाएं
इस नियम का मतलब है कि पतंजलि में लोगों को इलाज करवाना है, तो वहां के वैद्यों और योगाचार्यों द्वारा बताए कामों को करना होगा। उनके नियमों में साफ-सफाई, खुद का काम खुद करना, सभी मरीजों के साथ सामान्य व्यवहार, पुरानी लतों से परहेज और डेकोरम (तमीज) मेंटेन करना होगा।
7. घर में भी फॉलो करें सभी रूल्स
पतंजलि वेलनेस सेंटर अपने रोगियों को कहता है कि मरीज अगर थोड़ा ठीक होने के बाद डिस्चार्ज लेता है, तो उसे घर में भी वहीं नियम को फॉलो करना होगा। इनमें सुबह समय से उठना, रात को समय से सोना, घरेलू उपचारों जैसे जल नेती और प्राणायाम को फॉलो करना होगा।
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