फ्रांस की राजधानी में पुलिस ने सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने और शराब खरीदकर ले जाने पर रोक लगा दी है, क्योंकि यूरोप के कुछ हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस पुलिस प्रमुख पैट्रिस फॉरे ने कहा कि शहर में अस्पताल की सुविधाओं की क्षमता अपनी सीमा तक पहुंच रही है और गुरुवार को शहर में फायर ब्रिगेड को 2,500 से ज़्यादा कॉल आए. फॉरे ने बताया कि तेज़ धूप में शराब पीने से बहुत बुरा असर पड़ सकता है.

रिकॉर्ड तोड़ रही है गर्मी

पेरिस में ये अस्थायी बैन, जिसमें लाइसेंस वाले बार और रेस्तरां शामिल नहीं हैं, पश्चिमी यूरोप में हीटवेव के बीच लगाया गया है, जिसने कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. ब्रिटेन, फ्रांस और स्विट्जरलैंड में जून के रिकॉर्ड बनने के बाद, शुक्रवार को जर्मनी के सारब्रुकन के पास तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. फ्रांस में पहले ही दर्जनों लोगों की मौत की खबर है और कई बाकी देशों में भी बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में यूरोप में शराब पीने वालों की संख्या सबसे ज़्यादा है.

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शराब पर बैन क्यों?

UK की संस्था 'ड्रिंकअवेयर' (जो शराब पीने की आदतों पर रिसर्च करती है और देश के लिए नीतियां सुझाती है) का कहना है कि शराब एक डाययूरेटिक है. इसका मतलब है कि ये शरीर में जाने वाले पानी की तुलना में किडनी से ज़्यादा पानी बाहर निकालती है और शरीर के तापमान को कंट्रोल करने की क्षमता में रुकावट डालती है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है. अगर पानी पीकर डिहाइड्रेशन को ठीक न किया जाए और ज़्यादा शराब पी जाए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है. US की नेशनल वेदर सर्विस भी हीटवेव के दौरान खूब पानी पीने और शराब से पूरी तरह दूर रहने की सलाह देती है. उनका कहना है कि शराब शरीर पर गर्मी के असर को और बढ़ा देती है. रेड क्रॉस की गर्मी से जुड़ी गाइडेंस में भी उन चीज़ों की लिस्ट में शराब शामिल है जिनसे बचना चाहिए. ग

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क्या असर डालती है शराब?

गर्म मौसम में, गर्मी बाहर निकालने के लिए त्वचा के पास की रक्त वाहिकाएं (blood vessels) चौड़ी हो जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और ब्रेन तक ऑक्सीजन पहुंचाए रखने के लिए हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर हेल्मुट सीट्ज़ ने 'द गार्डियन' को बताया कि शराब इस असर को और बढ़ा देती है. उन्होंने कहा कि शराब इस असर को बढ़ा देती है, जिससे रक्त वाहिकाएं और भी चौड़ी हो जाती हैं. सीट्ज़ ने कहा कि इसके साथ ही सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम की कमी से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और गंभीर मामलों में दिल तक खून नहीं पहुंच पाता, जिससे कमज़ोर लोगों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस में शराब पर बैन लागू होने से एक दिन पहले कार्डियक अरेस्ट के 25 मामले सामने आए, जबकि इस दौरान औसतन 10 मामले ही सामने आते थे.

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रिसर्च क्या कहती है

शराब पीने और गर्मी से होने वाली बीमारियों के बीच सीधे कनेक्शन पर बहुत कम रिसर्च हुई है. सितंबर 2024 में 'एनवायर्नमेंटल हेल्थ' जर्नल में छपी एक स्टडी (स्कोपिंग रिव्यू) में आठ मौजूदा ट्रायल्स की जांच की गई. इसमें पाया गया कि उपलब्ध सबूतों के मुताबिक, शराब पीने से युवा और स्वस्थ पुरुषों के शरीर पर गर्मी का असर (फिजियोलॉजिकल रिस्पॉन्स) ज़रूरी नहीं कि खराब हो. फिर भी, इसका मतलब ये नहीं है कि हीटवेव के दौरान शराब पीना पूरी तरह सुरक्षित है। स्टडी में शामिल सभी 93 लोग युवा और स्वस्थ पुरुष थे, जिन पर आम तौर पर पी जाने वाली मात्रा से कम शराब के साथ दो घंटे से भी कम समय तक टेस्ट किया गया. इस रिव्यू में लंबे समय तक शराब पीने की आदत की जांच नहीं की गई, जिसे गर्मी से जुड़ी बीमारियों के ज़्यादा जोखिम से जोड़ा गया है. इससे भी ज़रूरी बात यह है कि डिहाइड्रेशन और शराब का असर व्यक्ति के फैसले लेने और जागरूकता की क्षमता पर पड़ता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे हीटस्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों जैसे लड़खड़ाती आवाज़, सिरदर्द और तेज़ धड़कन को पहचानना मुश्किल हो सकता है.

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