Overweight Child: बच्चे का वजन कम करने के लिए डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में क्या करें बदलाव?

Overweight Tips: अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ बच्चों का वजन बचपन से ही ज्यादा होता है और वह बाकी बच्चों की तुलना में ज्यादा मोटे होते हैं, जिस कारण उन्हें तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. आइए NIDDK से जानिए पेरेंट्स को बच्चे के लिए क्या करना चाहिए, ताकि वह इस स्थिति से बच निकलें.

Overweight Child

क्या आपके बच्चे का वजन उम्र से ज्यादा है? पेरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान (Image: AI/Pexels)

खबर की मुख्य बातें:

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  • NIDDK के अनुसार, बच्चों में मोटापे के पीछे जीन, पारिवारिक इतिहास, ज्यादा कैलोरी का सेवन, कम फिजिकल एक्टिविटी और नींद की कमी जैसे कारण हो सकते हैं.
  • गर्भावस्था के दौरान मां का मोटापा या ज्यादा वजन बढ़ना बच्चे में मोटापे की संभावना को बढ़ा सकता है.
  • बचपन का मोटापा डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, बीपी और दिल से जुड़ी समस्याओं सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है.
  • मोटापे का शिकार बच्चों को सांस लेने में परेशानी, जोड़ों में दर्द, फैटी लिवर, तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

मोटापा हर उम्र के लोगों के लिए खतरनाक होता है, भले वो 20 साल या उससे बड़ा एडल्ट हो, बुजुर्ग व्यक्ति हो या फिर कम उम्र का बच्चा ही क्यों न हो. आज के वक्त में कई गंभीर बीमारियों के पीछे एक बड़ा कारण मोटापा ही है, जिसे कम करने के लिए डॉक्टर सलाह देते कहते हैं. मोटापा को लंबे समय तक नजरअंदाज करने की गलती व्यक्ति को बड़ी परेशानियों में घेर लेती है. लेकिन समस्या ज्यादा तब बढ़ जाती है, जब कम उम्र में ही बच्चा मोटापे जैसी समस्या का शिकार हो जाता है, जिसे ओवरवेट (Overweight) भी कहा जाता है. आपने गौर किया होगा कि कई घरों में बच्चे ऐसे होते हैं, जिनकी उम्र महज 10-12 साल होती होती है, लेकिन मोटापा उनमें बहुत होता है. अगर आपका बच्चा भी कम उम्र में ही मोटापे का शिकार हो गया है, तो आइए आपको बताते हैं आप कैसे अपने बच्चे को इस खतरनाक स्थिति से बाहर निकाल सकते हैं?

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कम उम्र में मोटापा

NIDDK के अनुसार, जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं और उनका विकास होता है, उनका वजन भी बढ़ता है. इसलिए, यह बता पाना हमेशा आसान नहीं होता कि आपके बच्चे का वजन जरूरत से ज्यादा है या नहीं. कुछ बच्चों में, जैसे-जैसे उनकी लंबाई बढ़ती है, उनका अतिरिक्त वजन अपने आप कम हो जाता है. लेकिन, जिन बच्चों का वजन समय के साथ बहुत ज्यादा बढ़ता रहता है, उनमें मोटापा (Obesity) विकसित हो सकता है. मोटापा एक ऐसी बीमारी है, जिससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. बचपन या युवा दौर में मोटापा होने से, आगे चलकर यानी एडल्ट होने पर भी बच्चे में मोटापा और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है, जिसमें डायबिटीज, कोलेस्टेरॉल, बीपी, हार्ट से जुड़ी समस्या आदि शामिल हैं.

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बच्चों में ज्यादा वजन और मोटापे का क्या कारण हो सकता है?

यूं तो मोटापा किसी को भी घेर सकता है, लेकिन समस्या ज्यादा गंभीर तब रहती है, जब बचपन से ही मोटापे की स्थिति बनी रहे. लोगों के मन में सवाल रहता है कि जब दूसरे बच्चे सही वजन के साथ पैदा होते हैं और बढ़ी उम्र के साथ उनका वजन मानकों के हिसाब से सही रहता है, तो कुछ बच्चों का वजन बाकियों से ज्यादा क्यों होता है और क्या ये ठीक नहीं हो सकता है.
NIDDK के अनुसार, बचपन में मोटापे के पीछे कुछ खास कारण हो सकते हैं, जिसमें;

  • जीन और पारिवारिक इतिहास
  • भोजन और ड्रिंक्स के जरिए शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी शरीर में जमा हो जाना
  • पर्याप्त फिजिकल एक्टिविची न करना
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • कुछ मेडिकल कंडीशन और दवाएं

इसके अलावा, बच्चे का वजन, गर्भावस्था के दौरान मां की स्थिति से भी प्रभावित हो सकता है. अगर गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान मां को मोटापा है या उसका वजन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि बच्चा उम्मीद से ज्यादा वजन के साथ पैदा हो और आगे चलकर उसे मोटापा हो जाए.

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बचपन में मोटापा और ओवरवेट क्यों खतरनाक है?

मोटापा क्यों खतरनाक होता है इसके बारे में आप जानते ही होंगे, लेकिन सवाल उठता है कि अगर कोई बचपन से ही मोटापा या ओवरवेट की समस्या का शिकार है, तो उसे क्या-क्या समस्या भविष्य में परेशान कर सकती हैं या उसी स्थिति में परेशान कर सकती है. NIDDK के अनुसार, ज्यादा वजन या मोटापा होने से आपके बच्चे में खई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की संभावना बढ़ सकती है, जैसे कि

  • सांस लेने में परेशानी
  • कम उम्र में जोड़ों में दर्द रहना
  • ब्लड प्रेशर की समस्या
  • हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या
  • फैटी लिवर की समस्या
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • तनाव
  • खुद से गुस्सा रहना
  • डिप्रेशन
  • खाने की समस्या पैदा हो जाना

जरूरी नहीं कि ये सभी समस्याएं उम्र बढ़ने के बाद ही दिखे, कम उम्र में अगर सही कदम नहीं उठाया जाए, तो संभावना है कि कुछ समस्या बचपन में ही शिकार बना लें, जिससे भविष्य में बच्चे को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़े. मोटापे के कारण कई बच्चों को स्कूल में अन्य स्टूडेट्स द्वारा मजाक बनाया जाता है, जिससे वह तनाव में रहने लग सकते हैं और अपने आपसे गुस्सा हो सकते हैं, इस स्थिति में ये भी हो सकता है वह खाने की समस्या यानी तनाव में ज्यादा खाने या फिर खाना एकदम छोड़ देने जैसी ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार हो जाए, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि ज्यादा वजन होने के कारण जब बच्चा बड़ा हो जाता है, तो उसे चलने में बहुत परेशानी होती है और कुछ मामलों में ज्यादा वजन के कारण वह खड़े भी नहीं हो पाते हैं, इसलिए जरूरी है कि वक्त रहते सही कदम उठाया जाए, ताकि स्थिति को ठीक किया जा सके.

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कैसे रखें अपने बच्चे को हेल्दी और फिट?

अपने बच्चे को मोटापे से राहत दिलाने के लिए माता-पिता का साथ बहुत जरूरी है, क्योंकि माता-पिता ही उन्हें बताएंगे कि उन्हें हेल्दी रहने के लिए क्या खाना चाहिए, क्या करना चाहिए और किन-किन चीजों से वह अपने आपको फिट रख सकते हैं. NIDDK के अनुसार, सही डाइट प्लान, एक्सरसाइज की समझ, नींद आदि चीजों पर अगर शुरू से ही ध्यान दिया जाए, तो बच्चा ज्यादा वजन और मोटापे की स्थिति से बाहर निकल सकते हैं. उनको गाइड करने के लिए डॉक्टर का साथ भी जरूरी है, क्योंकि वह आपको बताएंगे कि आपके बच्चे हेल्थ के हिसाब से क्या करना सही है और कैसे वजन और मोटापे से राहत मिल सकती हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

SOURCE: NIDDK

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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