Cancer: परिवार में किसी को कैंसर हुआ है तो क्या बाकी सदस्यों का जोखिम भी बढ़ता है? जानिए Genetic Risk

Cancer Risk in Family: अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को कैंसर रहा है, तो क्या उनके बच्चों को भी इसका बीमारी का खतरा रहेगा? आइए NCI से जानते हैं इस बात की पूरी सच्चाई.

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परिवार में एक को हुआ कैंसर तो बाकियों पर भी मंडरा रहा खतरा? (Image: AI)

खबर की मुख्य बातें:

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  • कैंसर के 100 से अधिक प्रकार मौजूद हैं, जो फिट दिखने वाले लोगों को भी प्रभावित कर सकते हैं.
  • कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, जिससे बीमारी का पता चलने में देरी हो सकती है.
  • नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) के अनुसार, पारिवारिक इतिहास कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है, खासकर आनुवंशिक बदलावों के कारण.
  • उम्र, जीवनशैली, शराब और तंबाकू का सेवन, खानपान, मोटापा, हानिकारक रसायन, हार्मोन, पुरानी सूजन और संक्रमण भी कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं.

कैंसर का खतरनाक बीमारी है, जिसे हल्के में लेना या फिर इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना दुनिया की सबसे बड़ी भूल मानी जाती है. हर साल दुनियाभर में बड़ी संख्या में इस गंभीर बीमारी के कारण लोगों की मौत हो जाती है. मौतों का आंकड़ा इतना बड़ा रहता है कि हर साल की रिपोर्ट हैरान कर देती है. सामान्य जानकारी के अनुसार, आज दुनिया में कैंसर के या दो नहीं बल्कि 100 से ज्यादा प्रकार मौजूद है, जो फिट दिखने वाले लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये रहती है कि इसके लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते हैं और जब दिखाई देते हैं, तब तक काफी देर हो चुकी होती है. ऐसे में अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि क्या जिन लोगों के परिवार कोई इस बीमारी का शिकार रहा हो, तो क्या परिवार के अन्य लोगों में भी इसका खतरा बना रहेगा? आइए जानते हैं इस स्टोरी में.

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परिवार का इतिहास भी बतात है कैंसर का खतरा

NCI के अनुसार, कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसका खतरा कई कारणों से बढ़ सकता है. अगर परिवार में किसी व्यक्ति को कैंसर हुआ है, तो दूसरे सदस्यों में भी इसका जोखिम बढ़ने का खतरा हो सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ प्रकार के कैंसर का संबंध आनुवंशिक बदलाव (Genetic Risk) से होता है, जो माता-पिता से बच्चों में आ सकते हैं. जानकारी के अनुसार, परिवार में कुछ खास प्रकार के कैंसर का इतिहास होना किसी संभावित जेनेटिक्स कैंसर सिंड्रोम का संकेत हो सकता है. हालांकि, परिवार में किसी को कैंसर होने का मतलब यह नहीं है कि बाकी सदस्यों को भी यह बीमारी जरूर होगी, लेकिन खतरा रहता है, जिसके पीछे लाइफस्टाइल, आदते एक बड़ा कारण हो सकती हैं.

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माता-पिता के बाद बच्चे को होकर रहेगी ये बीमारी

NCI के अनुसार, कैंसर का खतरा सिर्फ जेनेटिक्स कारणों से ही नहीं बढ़ता, बल्कि व्यक्ति की उम्र, जीवनशैली और आसपास के वातावरण से जुड़ी चीजें भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं. वैज्ञानिकों ने कई ऐसे जोखिम बढ़ाने वाली चीजों की पहचान की है, जो कैंसर होने के खतरे को बढ़ा सकते हैं. हालांकि, किसी जोखिम कारण का मौजूद होना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति को कैंसर होकर ही रहेगा. इसी तरह, किसी एक कारण के आधार पर यह भी तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति को कैंसर क्यों हुआ. कई रिसर्च में जब एक ही जोखिम और कैंसर के बीच समान संबंध देखने को मिलता है, तब वैज्ञानिक उस संबंध को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं.

इन कारणों से भी बढ़ता है कैंसर का खतरा

उम्र: बढ़ती उम्र कैंसर के जोखिम से जुड़ा एक ऐसा कारक है, जिसे कंट्रोल नहीं किया जा सकता.

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शराब और तंबाकू: इनका सेवन कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वालों में शामिल है.

खानपान और मोटापा: आहार और शरीर का ज्यादा वजन भी कैंसर के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं.

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हानिकारक रसायन: कुछ रसायनों और कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों के संपर्क में आने से जोखिम बढ़ सकता है.

हार्मोन: शरीर में हार्मोन से जुड़े कारक भी कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम में भूमिका निभा सकते हैं.

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पुरानी सूजन: लंबे समय तक रहने वाली सूजन कैंसर के संभावित जोखिम कारकों में से एक हो सकती हैं.

संक्रमण और कमजोर इम्यूनिटी भी कारण हो सकती हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: NATIONAL CANCER INSTITUTE

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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